कटिहार, बिहार | 27 अक्टूबर 2025: बिहार के कटिहार जिले में पुलिस बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बारसोई थाना क्षेत्र के BR-11 रेस्टोरेंट में 24 अक्टूबर 2025 को जांच के दौरान थानाध्यक्ष (SHO) रामचंद्रन मंडल ने एक भाई-बहन से कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया।
CCTV वीडियो सामने आने और जनता के आक्रोश के बाद 27 अक्टूबर को SHO को तत्काल निलंबित कर दिया गया। यह घटना विधानसभा चुनावों के बीच हुई, जब पुलिस होटल-रेस्टोरेंट की सघन जांच कर रही थी।
घटना: रेस्टोरेंट में सवाल-जवाब से शुरू हुई बहस
स्थान: BR-11 रेस्टोरेंट, बारसोई रास चौक, कटिहार
तारीख: 24 अक्टूबर 2025, शाम
युवक यश अग्रवाल अपनी बहन और परिवार के साथ डिनर करने पहुंचे थे। इसी दौरान SHO और पुलिस टीम रेस्टोरेंट में दाखिल हुए और युवक से पूछताछ शुरू की।
सूत्रों के अनुसार, SHO ने पूछा, “ये लड़की कौन है तुम्हारे साथ?”
युवक ने शांतिपूर्वक जवाब दिया, “सर, बहन है मेरी।”
मामूली जवाब पर SHO भड़क गए और आरोप लगाया कि युवक झूठ बोल रहा है। CCTV फुटेज में SHO को ऊंचे स्वर में कहते सुना जा सकता है—
“ज्यादा गर्मी मत दिखाओ… जो कहेंगे वही करो।”
वीडियो के अनुसार, बहन असहज दिखी और अन्य ग्राहक सन्न रह गए। यह सब लगभग 2 मिनट तक चला।
CCTV वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर आक्रोश
वीडियो अवधि: 1 मिनट 20 सेकंड (CCTV)
वायरल तिथि: 26 अक्टूबर 2025
रेस्टोरेंट मालिक द्वारा X (ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट करते ही #KatiharPoliceMisconduct और #BiharPoliceAbuse ट्रेंड करने लगे।
यूजर्स ने इसे “वर्दी का दुरुपयोग” बताया। एक टिप्पणी वायरल हुई:
“पुलिस रक्षक है या भक्षक?”
वीडियो के 24 घंटे में एक मिलियन से अधिक व्यूज़ आए।
पुलिस कार्रवाई: SHO सस्पेंड, जांच पूरी
आधिकारिक कार्रवाई:
SP कटिहार ने X पर पुष्टि की कि SHO रामचंद्रन मंडल को जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया। DSP (मुख्यालय) ने रेस्टोरेंट मालिक, पीड़ित पक्ष और गवाहों के बयान दर्ज किए।
प्रारंभिक निष्कर्ष:
“आधिकारिक पद का दुरुपयोग और अनुचित व्यवहार”
विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभी तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जनता की नाराजगी
- विपक्ष ने घटना को “नीतीश राज में पुलिस का जंगलराज” बताया
- NDA नेताओं ने कहा — “यह व्यक्तिगत लापरवाही, कार्रवाई इसका प्रमाण है”
- पीड़ित परिवार ने कहा — “सिर्फ सस्पेंशन नहीं, न्याय चाहिए”
समाजशास्त्रियों का कहना है कि चुनावी जांच के दौरान ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं और यह पुलिस-नागरिक विश्वास पर चोट है।
प्रमुख तथ्य टेबल
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना | 24 अक्टूबर 2025 |
| स्थान | BR-11 रेस्टोरेंट, बारसोई, कटिहार |
| आरोपी अधिकारी | SHO रामचंद्रन मंडल |
| कारण | चुनावी जांच के दौरान अनुचित व्यवहार |
| कार्रवाई | निलंबन, विभागीय जांच |
| प्रभाव | वीडियो पर 1M+ व्यूज, राज्यभर में चर्चा |
निष्कर्ष
यह मामला पुलिस को संवेदनशीलता और अनुशासन की याद दिलाने वाला है। चुनावी समय में आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और पुलिसिंग के संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है।
आगे की कार्रवाई और कानूनी विकास पर नजर बनी रहेगी।









