बिहार विधानसभा चुनाव 2025 राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह चुनाव 243 विधानसभा सीटों के लिए होगा और इसमें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी और अन्य छोटे दल भी इस चुनाव में नई गतिशीलता ला रहे हैं।
चुनाव की तारीख और कार्यक्रम
- पहला चरण: 28 अक्टूबर 2025 – 71 सीटों पर मतदान
- दूसरा चरण: 3 नवंबर 2025 – 94 सीटों पर मतदान
- तीसरा चरण: 7 नवंबर 2025 – 78 सीटों पर मतदान
👉 मतगणना: संभावित रूप से नवंबर 2025 के मध्य में।
👉 मतगणना केंद्र: मुंगेर में RD & DJ कॉलेज। निरीक्षण – जिला निर्वाचन पदाधिकारी निखिल धनराज और पुलिस अधीक्षक इमरान मसूद।
प्रमुख गठबंधन और दल
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए)
- सदस्य दल: बीजेपी, जेडीयू, HAM, LJP (रामविलास)
- नेतृत्व: नीतीश कुमार (जेडीयू) और बीजेपी
- 2020 नतीजे: बीजेपी – 80 सीटें (19.46%), जेडीयू – 45 सीटें (15.39%)
- रणनीति: विकास और घुसपैठ का मुद्दा, वोट और सीटों में वृद्धि का दावा
इंडिया गठबंधन (महागठबंधन)
- सदस्य दल: आरजेडी, कांग्रेस, वामपंथी दल और अन्य
- नेतृत्व: तेजस्वी यादव (आरजेडी)
- रणनीति: बेरोजगारी, शिक्षा और सामाजिक न्याय पर फोकस
जन सुराज पार्टी
- नेतृत्व – प्रशांत किशोर
- फोकस – युवा, शिक्षित मतदाता, भ्रष्टाचार विरोध और विकास
अन्य दल
- AIMIM – सीमांचल में मुस्लिम वोट बैंक पर फोकस
- VIP और अन्य छोटे क्षेत्रीय दल भी कुछ सीटों पर प्रभाव डाल सकते हैं
प्रमुख सीटें और सियासी समीकरण
- गया टाउन: बीजेपी, कांग्रेस, आरजेडी, जेडीयू, HAM और जन सुराज के बीच कड़ा मुकाबला
- बिस्फी (मधुबनी): मौजूदा विधायक हरिभूषण ठाकुर (बीजेपी)। यादव और मुस्लिम वोट निर्णायक
- सीमांचल क्षेत्र: मुस्लिम वोट (17–20%) निर्णायक भूमिका में, AIMIM, आरजेडी, जेडीयू और बीजेपी सब सक्रिय
- मुंगेर: तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए स्ट्रांग रूम और डिस्पैच सेंटर तैयार
वोट बैंक और जातिगत समीकरण
- एम-वाई समीकरण: मुस्लिम–यादव (MY) महागठबंधन की ताकत, एनडीए गैर-यादव OBC और सवर्ण वोटों पर फोकस
- मुस्लिम वोट: लगभग 17% – चौथा सबसे बड़ा वोट बैंक
- अन्य वोट बैंक: करीब 20% वोट छोटे दलों और निर्दलीयों के पास – निर्णायक हो सकता है
प्रमुख मुद्दे
- विकास और बेरोजगारी:
- एनडीए – सड़क, बिजली, महिला सशक्तिकरण योजनाएँ
- महागठबंधन – बेरोजगारी और शिक्षा पर हमलावर
- घुसपैठ: बीजेपी का बड़ा मुद्दा, खासकर सीमांचल और सीमावर्ती इलाकों में
- भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण:
- बीजेपी – लालू और महागठबंधन पर आरोप
- महागठबंधन – एनडीए पर वादाखिलाफी और बेरोजगारी को नजरअंदाज करने का आरोप
चुनाव आयोग की तैयारियां
- EVM नवाचार: उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें पहली बार
- वोटर लिस्ट: सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी होने पर रद्द करने की चेतावनी दी
प्रचार और रणनीति
- पीएम नरेंद्र मोदी का दौरा: 15 सितंबर 2025, पूर्णिया – एनडीए की उपलब्धियों का प्रचार
- जागरूकता अभियान: रैलियां, रोड शो और डिजिटल प्रचार
- सोशल मीडिया: X (ट्विटर) पर चुनावी चर्चा तेज – लोग एनडीए, महागठबंधन और जन सुराज को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं
चुनौतियां और विवाद
- वोटर लिस्ट विवाद: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में
- चुनावी हिंसा: बूथ कैप्चरिंग और हिंसा की आशंका
- चुनावी जुमले: महिला रोजगार योजना जैसे कदमों को लेकर विपक्ष की आलोचना
निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर तय मानी जा रही है। जन सुराज और AIMIM जैसे दल मुकाबले को और दिलचस्प बना सकते हैं। जातिगत समीकरण, मुस्लिम वोट बैंक और युवा मतदाता इस बार निर्णायक होंगे। निर्वाचन आयोग की नई पहलें मतदाताओं को सहूलियत देंगी, लेकिन वोटर लिस्ट विवाद चुनाव को और जटिल बना सकता है।
नोट: यह जानकारी वेब स्रोतों और X पोस्ट्स पर आधारित है। विवादास्पद या असत्यापित जानकारी के लिए अतिरिक्त सत्यापन की सलाह दी जाती है।














