पटना, 25 सितंबर 2025 – बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गया है। सूत्रों के अनुसार, NDA गठबंधन 243 सीटों के लिए सीट बंटवारे की चर्चा को अंतिम चरण में ले जा रहा है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) (JD(U)) के बीच कड़ा मोलभाव चल रहा है।
यह चुनाव, जो अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन (RJD, कांग्रेस और अन्य दल) के बीच एक निर्णायक जंग साबित होगा।
सीट बंटवारे का गणित
- बीजेपी और जद(यू) दोनों ही लगभग 100-105 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP) के नेता चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के लिए 40 सीटों की मांग की है, जिससे चर्चा और जटिल हो गई है।
- छोटे सहयोगी दल जैसे हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLJD) को भी कुछ सीटें मिल सकती हैं।
चिराग पासवान की मांग से गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ा है।
- जद(यू) अपने पिछले प्रदर्शन और नीतीश कुमार की साख के आधार पर अधिक सीटें चाह रही है।
- बीजेपी अपने केंद्रीय नेतृत्व और संगठनात्मक ताकत के आधार पर बड़ा हिस्सा चाहती है।
चुनावी माहौल और रणनीति
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को राज्य की सियासत में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
- NDA की रणनीति:
नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA विकास योजनाओं और बिजली, सड़क और बुनियादी ढांचे में सुधार के दावों पर वोट मांगने की कोशिश करेगा। - INDIA गठबंधन की रणनीति:
विपक्ष (RJD, कांग्रेस और वामपंथी दल) बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना रहा है।
हाल ही में पटना में कांग्रेस की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता राहुल गांधी ने SIR प्रक्रिया में कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया, जिससे सियासी माहौल और गरम हो गया है।
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क्या है चुनौती?
NDA के सामने सबसे बड़ी चुनौती गठबंधन की एकता बनाए रखना है।
- चिराग पासवान की महत्वाकांक्षी मांग और HAM जैसे छोटे दलों की अपेक्षाएँ रणनीति को जटिल बना रही हैं।
- बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर युवाओं का असंतोष विपक्ष को ताकत दे रहा है।
- INDIA गठबंधन की आक्रामक रणनीति भी NDA के लिए चुनौती है।
आगे क्या?
सीट बंटवारे की बातचीत जैसे-जैसे अंतिम चरण में पहुँच रही है, बिहार की जनता और राजनीतिक विश्लेषक NDA की चालों पर नज़र गड़ाए हुए हैं।
- क्या नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच संतुलन बना रहेगा?
- या चिराग पासवान की मांग गठबंधन में दरार डालेगी?
यह देखना दिलचस्प होगा कि NDA इस चुनौती से कैसे निपटता है और मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए क्या रणनीति अपनाता है।














