पटना, 2 अक्टूबर 2025:
बिहार में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम ने करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2 से 7 अक्टूबर तक पूर्वी और उत्तरी बिहार के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही बिजली गिरने (लाइटनिंग) और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
यह अलर्ट बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाओं और एक चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से जुड़ा है, जो ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों को प्रभावित कर बिहार में वर्षा ला रहा है। विशेष रूप से पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और गया जैसे प्रमुख जिलों में आज (2 अक्टूबर) भी हल्की से मध्यम वर्षा संभव है।
अलर्ट का कारण: मौसम का वैज्ञानिक आधार
- बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) विकसित हुआ है।
- यह सिस्टम दक्षिणी ओडिशा–उत्तरी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है और 3 अक्टूबर तक तीव्र हो सकता है।
- इसके कारण बिहार में व्यापक वर्षा होगी।
वर्षा की तीव्रता:
- हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा।
- 3-5 अक्टूबर को अलग-थलग जगहों पर बहुत भारी वर्षा (very heavy rain)।
अन्य प्रभाव:
- हवाएं 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी।
- अधिकतम तापमान में 2–3°C की गिरावट आएगी।
- उमस से राहत मिलेगी, लेकिन नमी बढ़ेगी।
- वर्तमान तापमान: 28–35°C।
अवधि: 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक (चरम 3–5 अक्टूबर)।
प्रभावित जिले (IMD के अनुसार)
| जिला | क्षेत्र | संभावित प्रभाव |
|---|---|---|
| अररिया | पूर्वी | भारी वर्षा, लाइटनिंग |
| अरवल | मध्य | हल्की वर्षा, हवाएं |
| औरंगाबाद | दक्षिणी | मध्यम वर्षा |
| बेगूसराय | पूर्वी | भारी वर्षा, बाढ़ जोखिम |
| भागलपुर | पूर्वी | तीव्र वर्षा, लाइटनिंग |
| भोजपुर | मध्य | हल्की-मध्यम वर्षा |
| बक्सर | पश्चिमी | हवाएं, वर्षा |
| दरभंगा | उत्तरी | भारी वर्षा |
| गया | दक्षिणी | मध्यम वर्षा, आज संभव |
| जहानाबाद | मध्य | लाइटनिंग जोखिम |
| जमुई | पूर्वी | भारी वर्षा |
| कैमूर | पश्चिमी | नदी स्तर बढ़ना |
| किशनगंज | उत्तरी | तीव्र वर्षा |
| मुंगेर | पूर्वी | बाढ़ खतरा, गंगा स्तर |
| मुजफ्फरपुर | उत्तरी | भारी वर्षा, आज संभव |
| नालंदा | मध्य | हल्की वर्षा |
| नवादा | पूर्वी | भारी वर्षा |
| पटना | मध्य | मध्यम वर्षा, आज संभव |
| पूर्णिया | पूर्वी | लाइटनिंग, हवाएं |
| रोहतास | दक्षिणी | वर्षा |
| सहरसा | पूर्वी | भारी वर्षा |
| समस्तीपुर | उत्तरी | मध्यम वर्षा |
| सारण | उत्तरी | हल्की वर्षा |
| सीवान | उत्तरी | लाइटनिंग |
(नोट: यह सूची IMD के 30 सितंबर 2025 बुलेटिन पर आधारित है। कुछ जिलों जैसे वैशाली और खगड़िया में भी जोखिम है।)
संभावित खतरे और प्रभाव
- बिजली गिरना (लाइटनिंग): खेतों और खुले क्षेत्रों में खतरा सबसे ज्यादा।
- बाढ़ और जलभराव: गंगा, कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
- परिवहन और बिजली: पेड़ उखड़ना, बिजली खंभे टूटना, सड़कें फिसलन भरी, ट्रेन/बस देरी।
- कृषि प्रभाव: धान और सब्जियों को नुकसान का डर, लेकिन सूखे से राहत।
- स्वास्थ्य: डेंगू-मलेरिया का खतरा, तापमान गिरावट से सर्दी-जुकाम।
सावधानियां: IMD और प्रशासन की सलाह
- लाइटनिंग से बचाव: आंधी-बारिश के दौरान घर के अंदर रहें, पेड़ों/खंभों/पानी के पास न जाएं।
- घरेलू उपाय: ढीली वस्तुओं को बांधें, ऊंचे स्थानों पर जाएं, इमरजेंसी किट रखें।
- प्रशासनिक कदम: जिलाधिकारियों को अलर्ट, राहत टीम तैनात, बिजली विभाग और NDRF तैयार।
- किसानों के लिए: फसल कवर करें, सिंचाई रोकें।
आज का अपडेट (2 अक्टूबर 2025)
- पटना: सुबह से बादल, हल्की बूंदाबांदी। तापमान 30°C, नमी 80%।
- भागलपुर: मध्यम वर्षा, गंगा स्तर खतरे के निशान से 2 सेमी नीचे।
- मुजफ्फरपुर: हल्की वर्षा, हवाएं तेज।
- गया: छिटपुट बौछारें।
निष्कर्ष
यह बारिश का दौर बिहार की राजनीति और त्योहारों (दशहरा) को प्रभावित कर सकता है।
IMD ऐप या mausam.imd.gov.in पर अपडेट्स देखें। सुरक्षित रहें और सावधानी बरतें।
(सभी जानकारी 2 अक्टूबर 2025 तक की है और IMD बुलेटिन पर आधारित है।)









