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बिहार में पीएम-सेतु योजना: लॉन्च, विवरण और प्रभाव – ताजा अपडेट्स

By Ayush

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नई दिल्ली/पटना, 4 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) योजना की शुरुआत की।

यह केंद्रीय प्रायोजित योजना कुल 62,000 करोड़ रुपये की है, जिसमें से 60,000 करोड़ रुपये आईटीआई अपग्रेडेशन पर खर्च किए जाएंगे। योजना का मुख्य फोकस भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर की स्किलिंग प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठा सकें।

बिहार को विशेष प्राथमिकता देते हुए योजना के पहले चरण में पटना और दरभंगा के आईटीआई को हब बनाया जाएगा।

पीएम मोदी ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से वर्चुअल संवाद के दौरान बिहार के युवाओं से सीधा संवाद किया और कहा —

“पीएम-सेतु भारत के युवाओं को विश्व की कौशल मांगों से जोड़ेगी। हम युवाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

यह लॉन्च बिहार युवा आयोग के उद्घाटन और अन्य योजनाओं के साथ हुआ, जो राज्य के 18-45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को लक्षित कर रही हैं।


योजना का लॉन्च और पृष्ठभूमि

  • लॉन्च का समय और स्थान:
    4 अक्टूबर 2025, सुबह 11 बजे — विज्ञान भवन, नई दिल्ली (वर्चुअल लॉन्च)
  • कार्यक्रम में उपस्थिति:
    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य नेता
  • कुल निवेश:
    ₹62,000 करोड़ (जिसमें से ₹60,000 करोड़ पीएम-सेतु पर खर्च होंगे)
    योजना विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से संचालित होगी।
  • उद्देश्य:
    देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड करना ताकि युवा इंडस्ट्री-प्रासंगिक कौशल सीख सकें।
    यह ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल पर आधारित होगी —
    • 200 हब आईटीआई
    • 800 स्पोक आईटीआई
      हब में इनोवेशन सेंटर, ट्रेनिंग-ऑफ-ट्रेनर्स सुविधाएं, प्रोडक्शन यूनिट और प्लेसमेंट सर्विसेज होंगी।
  • बिहार फोकस:
    पहले चरण में पटना और दरभंगा के आईटीआई को प्राथमिकता दी गई है।
    इससे बिहार के लगभग 5 लाख युवा स्नातकों को सालाना लाभ मिलेगा।
    योजना का उद्देश्य बिहार में पलायन को रोकना और स्थानीय रोजगार बढ़ाना है।

योजना के प्रमुख घटक

योजना का नामविवरणलाभार्थी (बिहार में)बजट/राशि
पीएम-सेतु (PM-SETU)1,000 आईटीआई अपग्रेडेशन (हब-स्पोक मॉडल)। उद्योग-प्रबंधित, डिजिटल शिक्षा, इंक्यूबेशन सेंटर। IT, ऑटोमोटिव, एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स जैसे 12 सेक्टरों पर फोकस।पटना-दरभंगा आईटीआई से शुरू, पूरे बिहार के युवा।₹60,000 करोड़
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (रिवैंप्ड)स्नातक युवाओं को 2 वर्ष तक मासिक ₹1,000 भत्ता + फ्री स्किल ट्रेनिंग।सालाना 5 लाख स्नातक।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम (रिडिजाइन)ब्याज-मुक्त शिक्षा लोन (₹1 करोड़ तक)।युवा छात्र।
कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटीवोकेशनल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कोर्सेस का हब।बिहार के युवा।
बिहार युवा आयोग18-45 वर्ष आयु वर्ग के लिए स्टेट्यूटरी कमीशन, युवा ऊर्जा का चैनलाइजेशन।राज्य के युवा।
वोकेशनल स्किल लैब्स1,200 लैब्स (नवोदय विद्यालयों और एकलव्य स्कूलों में)। हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग।दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों के छात्र।
मुख्यमंत्री बालक/बालिका स्कॉलरशिपकक्षा 9-10 के छात्रों को स्कॉलरशिप।25 लाख छात्र।₹450 करोड़

(स्रोत: पीएमओ प्रेस रिलीज़ और इंडिया टीवी)


बिहार पर विशेष प्रभाव

  • रोजगार अवसर:
    योजना के तहत बिहार में 4,000 नई सरकारी नौकरियों के लिए अपॉइंटमेंट लेटर वितरित किए गए।
    इससे पलायन रोकने और स्थानीय उद्योगों (जैसे MSME) को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
  • शिक्षा सुधार:
    NIT पटना के बिहटा कैंपस का उद्घाटन किया गया, जिसमें एडवांस्ड लैब्स, 5G सुविधा और ISRO-लिंक्ड इनोवेशन सेंटर शामिल हैं।
    इसके अलावा, चार बिहार विश्वविद्यालयों में PM-USHA योजना के तहत नई रिसर्च फैसिलिटीज शुरू की गई हैं।
  • महिला सशक्तिकरण लिंक:
    हाल ही में शुरू हुई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (75 लाख महिलाओं को ₹10,000 सहायता) के साथ इसे जोड़ा जाएगा, जिससे युवा महिलाओं को भी स्किलिंग का लाभ मिलेगा।
  • चुनावी संदर्भ:
    पीएम मोदी ने कहा, “हुनरमंद लोगों का सम्मान होना चाहिए। राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं का योगदान जरूरी है।”
    विपक्ष (महागठबंधन) ने इसे “चुनावी जुमला” बताया, लेकिन युवाओं में योजना को लेकर उत्साह देखने को मिला।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

  • NDA (BJP-JDU):
    सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि यह योजना “बिहार के युवाओं के लिए मील का पत्थर” साबित होगी।
    बीजेपी ने इसे “कर्पूरी ठाकुर के सपनों को साकार करने वाला कदम” बताया।
  • महागठबंधन (RJD-कांग्रेस):
    तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया — “योजना अच्छी है, लेकिन पिछले 10 वर्षों में बेरोजगारी क्यों बढ़ी?”
    कांग्रेस ने वादों के कार्यान्वयन पर सवाल उठाए।
  • सोशल मीडिया बज़:
    X (पूर्व ट्विटर) पर #PMSetuScheme ट्रेंड कर रहा है।
    DD न्यूज बिहार ने पीएम के उद्धरण साझा किए, जबकि न्यूज18 बिहार ने लाइव कवरेज की।

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भविष्य की योजनाएं

  • कार्यान्वयन:
    पहले चरण में 2025-26 तक पटना-दरभंगा आईटीआई अपग्रेड,
    पूर्ण रूप से 2027 तक 1,000 आईटीआई को कवर किया जाएगा।
  • मॉनिटरिंग:
    बिहार युवा आयोग योजना की निगरानी करेगा।
    वर्ल्ड बैंक से फंडिंग सुनिश्चित की गई है।
  • चुनौतियां:
    ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच और ट्रेनर की उपलब्धता।
    सरकार ने कहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से इसे दूर किया जाएगा।

निष्कर्ष

यह योजना बिहार को “स्किल हब ऑफ ईस्ट इंडिया” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
राज्य की 63% युवा आबादी को देखते हुए यह पहल दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है।

अधिक जानकारी के लिए पीएमओ वेबसाइट या बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन की वेबसाइट देखें।

जय बिहार! 🇮🇳

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