पटना, 5 अक्टूबर 2025: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की 16 सदस्यीय टीम, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में, बिहार के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन पटना में कई महत्वपूर्ण बैठकों के बाद आज दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही है।
यह कॉन्फ्रेंस पटना के होटल ताज सिटी सेंटर में आयोजित होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अब तक की चुनावी तैयारियों की समीक्षा, वोटर लिस्ट की स्थिति और आगे की रणनीति पर केंद्रित होगी।
हालांकि, राजनीतिक हलचल के बीच अटकलें हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भी हो सकता है — खासकर क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का बैकग्राउंड और उद्देश्य
चुनाव आयोग का यह दौरा 4–5 अक्टूबर को निर्धारित था, जिसका उद्देश्य बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की गहन समीक्षा करना था।
- 4 अक्टूबर: आयोग की टीम पटना पहुंची और पहले दिन राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों (BJP, RJD, JD(U), कांग्रेस, AAP, BSP आदि) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
- CEC ज्ञानेश कुमार ने सभी दलों से “सक्रिय भागीदारी” की अपील की और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
आज (5 अक्टूबर) का शेड्यूल:
- सुबह 9:30 बजे: प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक — अवैध धन, शराब और ड्रग्स की तस्करी रोकने पर फोकस।
- दोपहर 11 बजे: मुख्य सचिव और DGP के साथ बैठक — प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की तैयारियां।
- दोपहर 2 बजे: प्रेस कॉन्फ्रेंस — तैयारियों का ब्योरा, वोटर लिस्ट अपडेट और आगे की योजनाएं।
सूत्रों के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शाम को टीम दिल्ली लौट जाएगी। चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे।
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राजनीतिक दलों के सुझाव और मांगें
4 अक्टूबर की बैठक में दलों ने मतदान की तारीखों पर सुझाव दिए:
- BJP: एक या दो चरणों में चुनाव कराने की मांग। साथ ही, बुर्काधारी मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने का प्रस्ताव, जिस पर RJD ने आपत्ति जताई।
- RJD और महागठबंधन: छठ पूजा के बाद मतदान की मांग, ताकि सांस्कृतिक उत्सव प्रभावित न हों। विपक्ष ने SIR में 47 लाख वोटरों के नाम कटने पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया।
- JD(U) और NDA: दशहरा के बाद चुनाव शुरू करने का समर्थन, लेकिन चरणों की संख्या पर सहमति बनाने की कोशिश।
- अन्य दल (कांग्रेस, जन सुराज): युवा और महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर।
CEC ने कहा:
“राजनीतिक दल लोकतंत्र के महत्वपूर्ण हितधारक हैं। सभी से सहयोग की अपेक्षा है।”
वोटर लिस्ट और अन्य तैयारियां
- SIR का नतीजा: अंतिम वोटर लिस्ट में 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज। इसमें 47 लाख नाम कटे (ज्यादातर पुरुष) और 3.5 लाख नए जुड़े। विपक्ष का दावा — 1.5 करोड़ वोट प्रभावित।
- ट्रांसफर-पोस्टिंग: 6 अक्टूबर तक उन अधिकारियों की रिपोर्ट मांगी गई जो 3 साल से एक ही जगह तैनात हैं। कोई अधिकारी अपने गृह जिले में चुनाव ड्यूटी नहीं करेगा।
- SVEEP अभियान: मतदाता जागरूकता पर फोकस, खासकर कम वोटिंग वाले क्षेत्रों में।
- नए सुधार: 23 नई पहलें — डिजिटल वोटर आईडी, मोबाइल ऐप्स, और आसान पंजीकरण प्रक्रिया।
- सुरक्षा: ED, ITBP और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय। अवैध धन और शराब तस्करी पर सख्ती।
चुनाव तारीखों की संभावनाएं
आयोग ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस तैयारियों पर केंद्रित होगी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि 6 अक्टूबर के बाद आचार संहिता लागू हो सकती है।
संभावित शेड्यूल:
- मतदान अक्टूबर-नवंबर में 2–3 चरणों में
- 20 नवंबर 2025: परिणाम की संभावित तारीख
- 2020 की तरह दशहरा-छठ के बीच चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सकती है
सोशल मीडिया पर #BiharElections2025 और #ECIPressConference ट्रेंड कर रहे हैं। यूजर्स विपक्ष के आरोपों और NDA की रणनीतियों पर बहस कर रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
- नीतीश कुमार (CM): “चुनाव शांतिपूर्ण होंगे। NDA मजबूत है।”
- तेजस्वी यादव (RJD): “वोटर लिस्ट में धांधली। आयोग निष्पक्ष हो।”
- प्रशांत किशोर (जन सुराज): “चुनाव से पहले सुधार जरूरी।”
- कांग्रेस: अशोक गहलोत को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया।
निष्कर्ष
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।
चुनाव आयोग की आज की घोषणाएं चुनावी समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकती हैं।














