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बिहार चुनाव 2025: एनडीए में सीट शेयरिंग पर मंथन तेज, छोटे दलों की मांगों से फंसा पेंच

By Ayush

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पटना, 9 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों की घोषणा के बाद एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सीट शेयरिंग को लेकर मंथन तेज हो गया है।
राज्य की 243 सीटों पर 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि परिणाम 14 नवंबर को घोषित होंगे।

एनडीए के प्रमुख घटक दल — जेडीयू, बीजेपी, एलजेपी (रामविलास), हम, और आरएलएम — के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत जारी है।
सूत्रों के अनुसार, जेडीयू और बीजेपी के बीच लगभग बराबर सीटों का फॉर्मूला तय माना जा रहा है, लेकिन छोटे दलों की मांगों के कारण मामला अटक गया है।


📊 एनडीए में संभावित सीट शेयरिंग फॉर्मूला

दलअनुमानित सीटेंटिप्पणी
जेडीयू (नीतीश कुमार)102–1032020 में 115 सीटों से कम, लेकिन मुख्य पार्टी होने के कारण प्राथमिकता
बीजेपी101–102पिछली बार 110 सीटें, इस बार बराबरी का फॉर्मूला
एलजेपी (आर) – चिराग पासवान25–2840 सीटों की मांग, लेकिन समझौते के आसार 25 के आसपास
हम (जीतन राम मांझी)6–7पिछली बार 7 सीटें, अब 15 की मांग पर चर्चा
आरएलएम (उपेंद्र कुशवाहा)4–520+ सीटों की मांग से विवाद
अन्य छोटे दल (जैसे वीआईपी)2–3प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व

👉 कुल सीटें:
जेडीयू–बीजेपी के हिस्से में लगभग 200–203 सीटें,
बाकी 40 के आसपास सीटें छोटे दलों के बीच बाँटी जाएंगी।

यह फॉर्मूला जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों (जैसे कुशवाहा, पासवान, मुस्लिम वोट) को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
2020 में एनडीए ने 125 सीटें जीती थीं, और इस बार लक्ष्य 150+ रखा गया है।


🏛️ बैठकों का सिलसिला और अंदरूनी मंथन

🔹 नीतीश कुमार की बैठक (8–9 अक्टूबर)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने 1 अन्नपूर्णा आवास पर वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी, ललन सिंह, संजय झा और अन्य के साथ बैठक की।
बैठक में उम्मीदवार चयन और सीटों के अंतिम बंटवारे पर चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू 102 सीटों पर अड़ी हुई है और बीजेपी से एक अतिरिक्त सीट की मांग की गई है।

🔹 चिराग पासवान की इमरजेंसी मीटिंग (9 अक्टूबर)

चिराग पासवान ने पटना में एलजेपी (आर) की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई।
जयनगर और रामविलास जैसी कुछ सीटों पर विवाद जारी है।
मीटिंग के बाद चिराग दिल्ली रवाना हो गए, जहाँ वे जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात करेंगे।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि चिराग कोई “बड़ा दांव” चल सकते हैं।

🔹 दिल्ली में केंद्रीय चर्चा

7 अक्टूबर को धर्मेंद्र प्रधान और चिराग पासवान के बीच बैठक हुई थी, जिसमें कमजोर सीटों की अदला-बदली (seat swap) पर चर्चा हुई।
एनडीए 2020 में हारी हुई सीटों को इस बार मजबूत दलों को देने की रणनीति बना रहा है।

🔹 जीतन राम मांझी का बयान

हम पार्टी प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा —

“दशहरा के बाद (10 अक्टूबर के आसपास) सीट बंटवारा फाइनल हो जाएगा। एनडीए में कोई मतभेद नहीं है।”

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⚠️ पेंच और चुनौतियां

  1. उपेंद्र कुशवाहा की मांग:
    आरएलएम ने 20–22 सीटों की सूची सौंपी है, जबकि एनडीए केवल 4–5 सीटें देने को तैयार है।
    कुशवाहा समुदाय (10% वोट बैंक) को साधना बड़ी चुनौती है।
  2. चिराग पासवान का दबाव:
    एलजेपी (आर) पासवान वोट बैंक (5–6%) पर भरोसा कर 40+ सीटें चाहती है।
    लेकिन बीजेपी–जेडीयू इसे 25 के आसपास सीमित रखना चाहते हैं।
  3. सीट अदला-बदली (Swap Formula):
    50 से अधिक हारी सीटों पर दल बदलकर लड़ने की योजना बन रही है।
    कमजोर सीटें बीजेपी या जेडीयू से छोटे दलों को दी जा सकती हैं।
  4. समय की कमी:
    चुनाव अधिसूचना 20 अक्टूबर से जारी होगी।
    इसलिए 10–12 अक्टूबर तक सीट बंटवारे का ऐलान जरूरी है, वरना उम्मीदवार चयन में देरी हो सकती है।

💬 नेताओं और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं

  • संतोष कुमार सुमन (जेडीयू मंत्री): “5–6 अक्टूबर तक सब तय हो जाएगा। एनडीए में कोई मनभेद नहीं।”
  • पशुपति कुमार पारस (आरएलजेपी): “सीट बंटवारा अधिसूचना के बाद तय होगा। सभी दल एकजुट हैं।”
  • ओपिनियन पोल (IANS–Matrix सर्वे):
    एनडीए को 150–160 सीटें मिलने का अनुमान, जो गठबंधन की स्थिति को मजबूत दिखाता है।

🔍 निष्कर्ष

एनडीए की एकजुटता और समय पर सीट बंटवारा ही बिहार चुनाव 2025 में उसकी सफलता की कुंजी होगी।
अगर छोटे दलों की मांगें सुलझीं, तो गठबंधन और मजबूत दिखेगा —
वरना इसका फायदा महागठबंधन (RJD–कांग्रेस) को मिल सकता है।

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