पटना, 9 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 8 अक्टूबर को सिवान जिले के कुख्यात ‘खान ब्रदर्स’ — रईस खान और अयूब खान — के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की।
STF ने तीन स्थानों से AK-47 के 47 लाइव कारतूस, एक कारबाइन, दो देशी कट्टे और बड़ी संख्या में अन्य कारतूस बरामद किए।
खास बात यह है कि खान ब्रदर्स चिराग पासवान की पार्टी LJP (राम विलास) से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इस कार्रवाई ने चुनावी माहौल में नई राजनीतिक हलचल मचा दी है।
🔍 STF ऑपरेशन: क्या मिला और कैसे हुई कार्रवाई
- तारीख: 8 अक्टूबर 2025
- स्थान: सिसवन थाना क्षेत्र, सिवान
- टीमें: STF और सिवान जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
- समय: करीब 5–7 घंटे तक चला ऑपरेशन
पुलिस को पहले से अवैध हथियारों के जखीरे की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर छापेमारी की गई। रईस खान और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया गया। रईस पर पहले से 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं — हत्या, लूट, अपहरण और वसूली जैसे गंभीर आरोपों में।
DIG सारण रेंज नीलेश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई “पूरी तरह खुफिया इनपुट पर आधारित” थी और चुनाव के दौरान हिंसा रोकने के लिए की गई।
🧾 कौन हैं खान ब्रदर्स: अपराध से राजनीति तक का सफर
सिवान के अयूब खान और रईस खान पहले स्थानीय माफिया के रूप में जाने जाते थे। बाद में राजनीति में एंट्री ली।
जनवरी 2025 में चिराग पासवान ने खुद हेलीकॉप्टर से सिवान पहुंचकर दोनों भाइयों को LJP (RV) में शामिल कराया था।
रईस खान ने MLC चुनाव लड़ा था (हालांकि हार गया) और अब वह रघुनाथपुर विधानसभा सीट से टिकट पाने की कोशिश में था।
खान ब्रदर्स पासवान समुदाय के 5–6% वोट बैंक को मजबूत करने वाले माने जाते थे।
⚖️ राजनीतिक हलचल: LJP (RV) पर उठे सवाल
यह छापेमारी NDA में पहले से जारी सीट शेयरिंग विवाद को और तेज कर रही है।
LJP (RV) जहां 40–50 सीटों की मांग कर रही है, वहीं BJP सिर्फ 20–25 सीटें देने के मूड में है।
विपक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर चिराग पासवान पर हमला बोला है।
तेजस्वी यादव ने कहा,
“एनडीए में अपराधी तत्वों का बोलबाला है। चुनाव से पहले जनता को ये ‘गिफ्ट’ मिला है।”
चिराग पासवान ने अब तक इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया, हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक वे “निष्पक्ष जांच” की मांग करेंगे।
8 अक्टूबर को उन्होंने पिता राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर ‘बिहार फर्स्ट’ का संदेश तो दिया, लेकिन खान ब्रदर्स मामले पर चुप्पी साधे रखी।
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📊 आगे की जांच और चुनावी असर
पुलिस ने केस को Arms Act और Explosives Act के तहत दर्ज किया है।
चुनाव आयोग ने इसे मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन माना है।
सिवान जैसे संवेदनशील जिलों में अब अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर #KhanBrothersRaid और #ChiragPaswan ट्रेंड कर रहे हैं।
लोग LJP की “क्रिमिनल इमेज” पर सवाल उठा रहे हैं।
🔚 निष्कर्ष: चुनावी समीकरण पर असर तय
यह छापेमारी बिहार चुनाव 2025 में LJP (RV) की रणनीति और सीट शेयरिंग समीकरण पर बड़ा असर डाल सकती है।
चिराग पासवान को अब पार्टी की छवि सुधारने और नुकसान नियंत्रण की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।















