पटना/हाजीपुर, 15 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने बुधवार को वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया।
यह उनका इस सीट से लगातार तीसरा नामांकन है — तेजस्वी ने 2015 और 2020 में भी यहां से जीत दर्ज की थी।
नामांकन के दौरान लालू परिवार की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह चुनावी बना दिया।
नामांकन का माहौल
नामांकन प्रक्रिया दोपहर 1:20 बजे हाजीपुर कलेक्ट्रेट में शुरू हुई।
तेजस्वी अपने पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती के साथ पहुंचे।
लालू यादव व्हीलचेयर पर सवार होकर पहुंचे, जो परिवार की मजबूती और एकजुटता का प्रतीक बना।
हजारों की संख्या में समर्थक नारे लगा रहे थे —
“तेजस्वी लाओ, बिहार बचाओ!” और “तेजस्वी का कमाल है कमाल!”
नामांकन में खुलासे और तेजस्वी का बयान
नामांकन पत्र में तेजस्वी ने अपनी संपत्ति 1.5 करोड़ रुपये बताई और अपनी शैक्षणिक योग्यता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के LSR कॉलेज से स्नातक लिखा।
नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा:
“राघोपुर की जनता ने मुझे दो बार भरोसा दिया। इस बार फिर नामांकन कर रहा हूं — मेरा संकल्प है कि बिहार के हर परिवार को एक नौकरी मिले। राघोपुर मेरी कर्मभूमि है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन “243 सीटों से जनता के दिल से लड़ाई लड़ रहे हैं।”
परिवार की एकजुटता और राजनीतिक संदेश
राबड़ी देवी, मीसा भारती और लालू यादव की मौजूदगी ने स्पष्ट कर दिया कि यादव परिवार चुनाव में पूरी ताकत से सक्रिय है।
लालू ने समर्थकों से कहा:
“बिहार की जनता ने हमेशा हमारा साथ दिया है, इस बार भी परिवर्तन होगा।”
यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया —
#TejashwiNominationRaghopur और #TejashwiYadav ट्रेंड करने लगे।
वीडियो में तेजस्वी और लालू को रोड शो करते हुए देखा गया, जहां समर्थक फूल बरसा रहे थे।
महागठबंधन में सीट बंटवारा जारी
महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वाम दल, और वीआईपी) में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा अभी भी जारी है।
तेजस्वी ने कहा:
“महागठबंधन मजबूत है। जल्द ही सूची जारी होगी। हम सब मिलकर एनडीए को हराएंगे।”
आरजेडी सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी महागठबंधन के चेहरा होंगे और सभी घटक दलों के लिए प्रचार करेंगे।
नामांकन के बाद उनका कार्यक्रम है कि वे प्रतिदिन 15 से अधिक जनसभाएं करें — जैसे 2020 में किया था।
राघोपुर: आरजेडी का गढ़, लेकिन बढ़ती चुनौतियां
राघोपुर यादव बहुल इलाका है (करीब 40% आबादी), जिसे आरजेडी का परंपरागत गढ़ माना जाता है।
तेजस्वी ने यहां
- 2015 में 45,000 वोटों से,
- और 2020 में 30,000 वोटों से जीत दर्ज की थी।
इस बार मुकाबला कड़ा हो सकता है —
जेडीयू ने सतीश यादव को उम्मीदवार बनाया है, जो स्थानीय स्तर पर मजबूत माने जाते हैं।
जन सुराज पार्टी (जेएसपी) ने चंचल कुमार सिंह को उतारा है।
पहले प्रशांत किशोर के खुद चुनाव लड़ने की चर्चा थी, लेकिन उन्होंने अंततः नामांकन नहीं भरा।
सोशल मीडिया पर आरजेडी समर्थकों ने इसे “रणनीति गुरु की हार” बताया।
तेजस्वी ने जेडीयू पर निशाना साधते हुए कहा:
“नीतीश कुमार की पार्टी अब उनके हाथ में नहीं, बल्कि ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी चला रहे हैं। ये तीनों बीजेपी से मिल गए हैं।”
चुनावी परिदृश्य और संभावनाएं
बिहार चुनाव दो चरणों — 6 और 11 नवंबर — में होंगे, और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।
राघोपुर पहले चरण का हिस्सा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तेजस्वी की लोकप्रियता युवाओं और पिछड़ों में मजबूत है,
लेकिन एनडीए की एकजुटता और सीट बंटवारे की देरी उनके लिए चुनौती बन सकती है।
एक आरजेडी नेता के मुताबिक:
“यह नामांकन बिहार के परिवर्तन का आगाज है। बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य पर तेजस्वी का फोकस रहेगा।”
सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं
- “तेजस्वी का नामांकन संपन्न, प्रशांत किशोर का डर समाप्त!”
- “लालू परिवार की एकजुटता देखकर कार्यकर्ताओं में जोश दोगुना।”
- विपक्षी यूजर्स ने लिखा — “राघोपुर में विकास का अभाव, तेजस्वी को जवाब देना होगा।”
निष्कर्ष:
तेजस्वी यादव का राघोपुर नामांकन बिहार चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल इवेंट बन गया है।
यह सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि महागठबंधन की शक्ति और परिवार की एकजुटता का प्रदर्शन भी है।














