पटना, 20 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें 143 नाम शामिल हैं।
यह घोषणा उस समय आई जब महागठबंधन (INDIA गठबंधन) में सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने गठबंधन से अलग होकर 6 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
आरजेडी की पहली सूची: तेजस्वी राघोपुर से, महिलाओं और युवाओं पर जोर
आरजेडी ने 20 अक्टूबर को जारी सूची में कहा कि उसने “युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता” दी है।
पार्टी के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव को वैशाली जिले की राघोपुर सीट से टिकट मिला है — यह उनकी तीसरी लगातार दावेदारी है।
2020 में उन्होंने यहां 37,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी।
15 अक्टूबर को तेजस्वी ने नामांकन दाखिल किया, जहां लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी मौजूद रहे।
नामांकन के दौरान हजारों समर्थक जुटे, लेकिन अन्य सहयोगी दलों के नेता अनुपस्थित दिखे।
तेजस्वी ने कहा –
“यह चुनाव बिहार की प्रगति और युवाओं के भविष्य का है। हम एनडीए की 20 साल पुरानी सरकार को बदलेंगे।”
आरजेडी उम्मीदवारों की झलक
| विधानसभा सीट | उम्मीदवार | विशेष टिप्पणी |
|---|---|---|
| दरभंगा ग्रामीण | ललित यादव | स्थानीय मुद्दों पर फोकस |
| बरौली | दिलीप सिंह | अनुसूचित जाति आरक्षित |
| पीरपैंती (SC) | राम विलास पासवान | पासवान समुदाय से प्रभाव |
| चकाई | सवित्री देवी | महिला प्रतिनिधित्व |
| कसबा | इरफान आलम | मुस्लिम बहुल क्षेत्र |
| पूर्णिया | जितेंद्र यादव | यादव वोट बैंक |
| गया टाउन | मोहन श्रीवास्तव | शहरी सीट |
| सुपौल | मिन्नत रहमानी | महिला उम्मीदवार |
| बिहारगंज | रेणु कुशवाहा | पिछड़ा वर्ग |
| वारसलीगंज | अनीता देवी महतो | महिला और पिछड़ा |
| हसनपुर | माला पुष्पम | युवा चेहरा |
| मधुबन | संध्या रानी कुशवाहा | महिला उम्मीदवार |
| इमामगंज (SC) | रितु प्रिया चौधरी | अनुसूचित जाति |
| बरचट्टी (SC) | तनुश्री मांझी | आदिवासी प्रभाव |
| बनीापुर | चांदनी देवी सिंह | महिला |
| सरायरंजन | अरविंद साहनी | यादव समुदाय |
| पतेपुर (SC) | प्रेमा चौधरी | अनुसूचित जाति |
| ब्रह्मपुर | शंभू नाथ | स्थानीय नेता |
| बाजपट्टी | मुकेश यादव | युवा उम्मीदवार |
आरजेडी ने दावा किया कि उसकी सूची में 30% महिलाएं और 40% युवा उम्मीदवार शामिल हैं।
तेजस्वी यादव की संपत्ति घोषणा (₹8.98 करोड़) भी चर्चा का विषय बनी रही।
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महागठबंधन में सीट बंटवारे पर विवाद
महागठबंधन में शामिल दल — आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई-एमएल, सीपीआई, सीपीएम, वीआईपी और जेएमएम — अब तक सीट शेयरिंग पर एकमत नहीं हो सके हैं।
दूसरी ओर, एनडीए (भाजपा-जेडीयू-हम-एलजेएन) ने पहले ही अपना फॉर्मूला तय कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित फॉर्मूला इस प्रकार था:
- आरजेडी – 135-143 सीटें
- कांग्रेस – 61 सीटें
- वाम दल – 20-31 सीटें
- वीआईपी – 16 सीटें
हालांकि कई सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति बन गई है।
उदाहरण:
- कुटुंबा (SC): आरजेडी का सुरेश पासवान बनाम कांग्रेस का राजेश राम
- लालगंज: आरजेडी की शिवानी शुक्ला बनाम कांग्रेस का आदित्य राजा
- बछवाड़ा, राजापाकर, रोसेरा: सीपीआई बनाम कांग्रेस
कांग्रेस ने 17 और 19 अक्टूबर को अपनी दो सूचियों में कुल 53 उम्मीदवार घोषित किए।
सीपीआई-एमएल ने 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा —
“आरजेडी बिहार में सबसे बड़ा दल है। सहयोगी दलों को ज़मीनी हकीकत समझनी चाहिए।”
वहीं कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने कहा कि “आरजेडी को गठबंधन धर्म निभाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर भी सहमति नहीं बनी है। हालांकि महागठबंधन के भीतर तेजस्वी यादव को “मुख्य चेहरा” माना जा रहा है, लेकिन कांग्रेस ने अब तक औपचारिक समर्थन नहीं दिया है।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री पद की मांग पर अड़े हुए हैं।
जेएमएम का बड़ा फैसला: 6 सीटों पर अकेले चुनाव
18 अक्टूबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने घोषणा की कि वह महागठबंधन से अलग होकर 6 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगा।
पार्टी ने कहा कि उसे “सम्मानजनक सीटें नहीं दी गईं।”
जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा –
“हमने आरजेडी-कांग्रेस से संपर्क किया, लेकिन सम्मान नहीं मिला। स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे।”
जेएमएम की घोषित सीटें (सभी दूसरे चरण, 11 नवंबर):
| सीट | आरक्षण स्थिति | टिप्पणी |
|---|---|---|
| चकाई | सामान्य | जेएमएम की पारंपरिक पकड़ |
| धमदाहा | सामान्य | सीमांचल क्षेत्र |
| कटोरिया | ST | आदिवासी बहुल इलाका |
| मनीहारी | ST | आदिवासी प्रभाव |
| जमुई | SC | पिछड़ा क्षेत्र |
| पीरपैंती | SC | संथाल परगना सीमा से सटा |
2020 में जेएमएम ने 4 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नहीं मिली थी।
अब पार्टी ने 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें हेमंत सोरेन प्रमुख हैं।
राजनीतिक प्रभाव
जेएमएम के अलग होने से महागठबंधन को विशेषकर आदिवासी वोट बैंक में नुकसान हो सकता है।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने ट्वीट किया —
“राहुल-तेजस्वी का अहंकार महागठबंधन का अंत है।”
वहीं, जेडीयू और कांग्रेस ने कहा कि “विचारों का मतभेद है, लेकिन गठबंधन कायम रहेगा।”
आगे की तस्वीर
- एनडीए ने सीट बंटवारा तय कर प्रचार अभियान शुरू कर दिया है।
- प्रधानमंत्री मोदी 24 अक्टूबर से रैलियां शुरू करेंगे।
- महागठबंधन उम्मीद कर रहा है कि नाम वापसी की अंतिम तिथि (20 अक्टूबर) तक आंतरिक मतभेद सुलझ जाएंगे।
मुख्य चुनावी मुद्दे अब भी वही हैं — बेरोजगारी, पलायन और विकास।
निष्कर्ष:
आरजेडी की 143 उम्मीदवारों की सूची और जेएमएम के अलग होने से बिहार की सियासत में नया मोड़ आ गया है।
जहां एनडीए एकजुट दिख रहा है, वहीं महागठबंधन आंतरिक मतभेदों से जूझ रहा है।














