पटना, 22 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2025-26 के राज्य बजट ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने 3 मार्च 2025 को विधानसभा में ₹3.17 लाख करोड़ (कुल ₹3,16,895 करोड़) का बजट प्रस्तुत किया — जो पिछले वर्ष (₹2.78 लाख करोड़) से लगभग 14% अधिक है।
यह बिहार का पहला बजट है जिसने ₹3 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया।
बजट में शिक्षा (₹60,000 करोड़+), स्वास्थ्य (₹20,000 करोड़+), महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
लेकिन RJD नेता तेजस्वी यादव के “जीविका दीदियों को ₹30,000 वेतन” वाले वादे ने इस बजट को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
विशेषज्ञों ने इसे “लोकलुभावन लेकिन अव्यावहारिक” बताया है।
(स्रोत: जागरण, आज तक, प्रभात खबर, एनबीटी, X पर चर्चाएं)
बजट की पृष्ठभूमि और प्रक्रियात्मक विवरण
- बजट सत्र की शुरुआत: 28 फरवरी 2025 को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण से हुई।
- बजट पेश: 3 मार्च 2025 को वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में पेश किया।
- थीम: “सबका साथ, सबका विकास” — NDA की चुनावी रणनीति का केंद्र।
आर्थिक स्थिति:
- बिहार का अनुमानित GSDP ₹10.97 लाख करोड़, वृद्धि दर 22%।
- राजस्व प्राप्तियां: ₹2.60 लाख करोड़
- पूंजीगत प्राप्तियां: ₹56,263 करोड़ (जिसमें ₹55,737 करोड़ नया ऋण)
- राजस्व अधिशेष: ₹8,831 करोड़ (GSDP का 0.8%)
- राजकोषीय घाटा लक्ष्य: 4.4%
चुनावी संदर्भ:
यह NDA सरकार का अंतिम पूर्ण बजट है। विपक्ष ने इसे “कागजी घोषणा पत्र” कहा, जबकि सत्तापक्ष ने “विकासोन्मुख और संतुलित” बताया।
X पर #BiharBudget2025 ट्रेंड करता रहा, खासकर महिला योजनाओं को लेकर।
प्रमुख घोषणाएं: क्षेत्रवार आवंटन
| क्षेत्र | आवंटन (₹ करोड़ में) | प्रमुख घोषणाएं |
|---|---|---|
| शिक्षा | 60,964 | 80,000 शिक्षक भर्ती, उच्च शिक्षा विस्तार, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड ₹1,000 करोड़, AI शिक्षा ₹500 करोड़। |
| स्वास्थ्य | 20,335 | बेगूसराय में कैंसर अस्पताल, HPV वैक्सीन, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन। |
| महिला सशक्तिकरण | 15,000+ | जीविका का शहरी विस्तार, पिंक बस सेवा, महिला ऋण योजना। |
| कृषि | 25,000+ | MSP पर दालें खरीद, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई क्षमता 2.15 लाख हेक्टेयर। |
| ग्रामीण विकास | 16,043 | 94 लाख परिवारों को ₹2 लाख सहायता, बिजली सब्सिडी ₹15,000 करोड़। |
| ऊर्जा | 13,484 | सस्ती बिजली, सौर ऊर्जा परियोजनाएं। |
| समाज कल्याण (SC/ST/OBC) | 13,000+ | पेंशन वृद्धि, लघु उद्योगों को ₹2 लाख अनुदान। |
| बुनियादी ढांचा | 50,000+ | एक्सप्रेसवे, राजमार्ग, बस स्टैंड आधुनिकीकरण। |
अन्य हाइलाइट्स:
- पर्यटन और खेल पर ₹5,000 करोड़
- MSME क्रेडिट गारंटी ₹10 करोड़ तक
- हर प्रखंड में आउटडोर स्टेडियम
- स्थापना मद पर 10–15% वृद्धि (₹1.10 लाख करोड़)
जीविका दीदियों का मुद्दा: तेजस्वी बनाम बजट
तेजस्वी यादव का ऐलान (21 अक्टूबर 2025):
“हमारी सरकार बनी तो 1.4 करोड़ जीविका दीदियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देंगे।
उन्हें ₹30,000 मासिक वेतन, 2 वर्ष ब्याज-मुक्त ऋण, ₹2,000 भत्ता और ₹5 लाख बीमा मिलेगा।”
यह ऐलान बिहार की 13 लाख से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को लुभाने के रूप में देखा जा रहा है।
बजट में क्या है?
- NDA सरकार ने जीविका विस्तार (शहरी क्षेत्रों में SHG) पर फोकस किया है,
लेकिन स्थायी वेतन या सरकारी दर्जे का कोई जिक्र नहीं। - महिला सशक्तिकरण के लिए ₹15,000 करोड़+ आवंटन है,
मगर अधिकांश योजनाएं परिवहन, ऋण और प्रशिक्षण तक सीमित हैं।
बहस के मुख्य बिंदु:
- वित्तीय व्यावहारिकता:
X पर वायरल कैलकुलेशन —
1.4 करोड़ × ₹30,000 = ₹42,000 करोड़/माह → ₹5.04 लाख करोड़/वर्ष
यानी यह राशि पूरे राज्य बजट से भी 1.6 गुना अधिक!
BJP ने इसे “जुमला” कहा; RJD ने “न्यायसंगत मांग” बताया। - राजनीतिक विश्लेषण:
विशेषज्ञ अरुण कुमार पांडे के अनुसार,
“यह वादा महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश है। NDA का बजट व्यावहारिक है, पर तेजस्वी का वादा जनता में ज्यादा चर्चा में है।” - महिलाओं की प्रतिक्रिया:
कई जीविका समूहों ने स्थायीकरण की पुरानी मांग दोहराई।
RJD ने इसे “दीदियों के सम्मान की लड़ाई” कहा,
जबकि NDA ने दावा किया — “50 लाख नई महिलाएं लाभान्वित होंगी।”
राजनीतिक प्रभाव: NDA को मजबूती या विपक्ष को हथियार?
- NDA का पक्ष:
वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा,
“यह विकास का रोडमैप है, चुनावी जुमला नहीं। शिक्षा और स्वास्थ्य पर रिकॉर्ड निवेश हुआ है।”
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बजट को “संतुलित और निवेश-उन्मुख” बताया। - विपक्ष का रुख:
तेजस्वी यादव ने बजट को “कमजोर और संवेदनहीन” कहा।
महागठबंधन ने इसे अपने चुनावी कैंपेन का प्रमुख मुद्दा बना लिया है। - विशेषज्ञ राय:
PRS इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार,
बजट में राजकोषीय घाटा नियंत्रण (4.4%) संतुलित है,
लेकिन ऋण बोझ (₹55,737 करोड़) चिंता का विषय।
महिला वोटर (48% आबादी) निर्णायक साबित हो सकती हैं।
निष्कर्ष और आगे की दिशा
बिहार बजट 2025-26 विकास के कई वादे करता है —
पर चुनावी माहौल में जीविका दीदियों का वेतन मुद्दा केंद्र में आ गया है।
यदि RJD का वादा लागू होता है, तो वित्तीय दबाव बढ़ेगा;
यदि NDA अपने वादे पूरे करता है, तो इसे “व्यावहारिक विकास मॉडल” के रूप में पेश किया जा सकता है।
अगला चरण: 23 अक्टूबर को नामांकन वापसी के बाद राजनीतिक बहस और तेज होगी।
X पर चर्चा जारी — “वादा अच्छा, पर बजट कहां से?”
अपडेट: 22 अक्टूबर 2025
स्रोत: जागरण, आज तक, एनबीटी, प्रभात खबर, X पोस्ट्स









