बाबूबरही (मुजफ्फरपुर), 23 अक्टूबर 2025:
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक पुराना जमीन विवाद खौफनाक रूप ले बैठा। एक भाई ने अपने ही सगे भाई की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।
मृतक की पहचान रामविलास पासवान (48 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उनका बड़ा भाई रामधारी पासवान (52 वर्ष) बताया जा रहा है, जो हत्या के बाद फरार है।
घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत फैल गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ वारदात का अंजाम
घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे, बाबूबरही के वार्ड नंबर 5, रामपुर टोला में हुई।
जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच करीब 2 एकड़ उपजाऊ खेत के बंटवारे को लेकर 2018 से विवाद चल रहा था।
मृतक के बेटे राहुल पासवान (22 वर्ष) ने बताया,
“चाचा को लगता था कि पिता ने उनकी हिस्सेदारी कम कर दी है। मंगलवार को फिर झगड़ा हुआ, और चाचा ने नशे में कुल्हाड़ी से पिता पर कई वार कर दिए।”
राहुल के मुताबिक, रामधारी पासवान शराब के नशे में घर आया, पहले गाली-गलौज हुई, फिर उसने दीवार तोड़ने की कोशिश की।
जब रामविलास ने रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने सिर और छाती पर कुल्हाड़ी से वार किया।
रामविलास की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार की दहशत और दर्द
मृतक की पत्नी सीता देवी (45 वर्ष) ने रोते हुए कहा,
“हमारा परिवार गरीब है, बस उसी जमीन पर निर्भर था। अब कौन संभालेगा हमें? चाचा ने तो हमें अनाथ कर दिया।”
परिवार में अब दो बच्चे और एक विधवा बची है।
गांव के लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच पहले भी विवाद को लेकर थाने में शिकायत दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में सुलह हो गई थी।
पुलिस की कार्रवाई
मुजफ्फरपुर के एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया,
“घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड भेजा गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। आरोपी फरार है, लेकिन जल्द गिरफ्तारी होगी।”
पुलिस ने आरोपी के बेटे रामू पासवान (25 वर्ष) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
मामले में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 506 (धमकी) के तहत केस दर्ज किया गया है।
एसएसपी ने दावा किया कि आरोपी को 48 घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
स्थानीय विधायक रामचंद्र प्रसाद सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा,
“जमीन विवाद बिहार की गंभीर समस्या है। सरकार को भूमि सर्वे तेज करना चाहिए।”
जिला प्रशासन ने परिवार को 1 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
बिहार में भूमि विवाद के बढ़ते मामले
यह घटना कोई अलग मामला नहीं है। भूमि विवाद बिहार में अपराध का बड़ा कारण बन चुका है।
एनसीआरबी 2023 के आंकड़ों के अनुसार:
- 500 हत्याएं सीधे जमीन-संपत्ति विवाद से जुड़ी रहीं।
- 60% अपराध किसी न किसी रूप में भूमि विवाद से प्रेरित थे।
- 2024 में 535 हत्याएं दर्ज की गईं, यानी पिछले साल से अधिक।
- 2025 (जनवरी-जून) में हर महीने औसतन 229 हत्याएं, जिनमें 40% जमीन विवाद से जुड़ीं।
हाल की समान घटनाएं
- मधुबनी (15 अक्टूबर 2025): महिला की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या।
- भभुआ (फरवरी 2025): भाई ने भाई को गोली मारी, भतीजा घायल।
- जमुई (जुलाई 2025): 72 वर्षीय बुजुर्ग की गोली मार हत्या।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि सर्वे की धीमी रफ्तार और डिजिटल रिकॉर्ड की कमी से विवाद बढ़ रहे हैं।
बिहार की कृषि शक्ति और भूमि विवाद की चुनौती
बिहार देश की कृषि में अग्रणी है —
- मखाना उत्पादन: भारत का 90% हिस्सा (मुख्यतः मुजफ्फरपुर-दरभंगा बेल्ट)।
- लीची उत्पादन: वैश्विक स्तर पर नंबर 1 (4 लाख टन वार्षिक)।
- अन्य फसलें: चावल, गेहूं, मक्का और सब्जियां।
लेकिन भूमि विवादों से यह छवि धूमिल हो रही है।
सरकार के “बिहार भूमि 2025” अभियान के तहत 50 लाख दस्तावेज डिजिटाइज किए गए, हालांकि अभी 30% कार्य शेष है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटना पर महागठबंधन ने नीतीश सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव ने X (ट्विटर) पर लिखा,
“भाई ने भाई का खून बहाया, नीतीश राज में बिहार फिर जंगलराज की ओर लौट रहा है।”
वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि “विवाद पुराने हैं, पुलिस सक्रिय है।”
विश्लेषकों का मानना है कि भूमि सर्वे और डिजिटल पोर्टल (biharbhumi.bihar.gov.in) को मजबूत कर ही इन विवादों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
फिलहाल, बाबूबरही की यह घटना बिहार में भाईचारे और न्याय दोनों की परीक्षा बन गई है।









