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अमित शाह की खगड़िया जनसभा: एनडीए प्रचार अभियान को नई रफ्तार, विपक्ष पर तीखा हमला

By Ayush

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पटना/खगड़िया, 25 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को खगड़िया में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
यह सभा जननायक कर्पूरी ठाकुर मैदान में दोपहर 12:45 बजे आयोजित हुई, जिसमें अलौली, खगड़िया, बेलदौर और परबत्ता विधानसभा क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल हुए।
शाह का यह दौरा एनडीए के चुनाव प्रचार अभियान को तेज करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।


जनसभा का आयोजन और माहौल

कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा और जदयू के स्थानीय नेताओं के स्वागत भाषण से हुई।
मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, और जदयू नेता आरसीपी सिंह मौजूद थे।

हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने “मोदी-नीतीश जिंदाबाद” और “जय बिहार” के नारे लगाकर माहौल को जोशीला बना दिया।
सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई थी।

अमित शाह के हेलीकॉप्टर उतरते ही भीड़ में उत्साह की लहर दौड़ गई। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने कहा,

“बिहार की धरती पर आकर मैं गर्व महसूस करता हूं। यहां के लोग विकास और समृद्धि के साथ खड़े हैं।”

सभा में एनडीए की उपलब्धियों पर जोर दिया गया — हर घर बिजली, जल जीवन मिशन, और युवा रोजगार योजना जैसी योजनाओं का जिक्र किया गया।

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प्रमुख बयान: तेजस्वी यादव पर सीधा हमला

अमित शाह ने अपने भाषण में विपक्षी आरजेडी और तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने कहा,

“असली दिवाली 14 नवंबर को होगी, जब लालू के बेटे का सूपड़ा साफ हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा,

“लालू-राबड़ी के जंगलराज ने बिहार को बर्बाद किया था। अपराध, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी उस दौर की पहचान थी।
आज डबल इंजन सरकार ने बिहार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। विपक्ष आया तो वही अंधेरा लौट आएगा।”

शाह ने लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए कहा,

“शहाबुद्दीन जैसे अपराधियों के दौर को लोग भूल न जाएं। आज बिहार सुरक्षित है क्योंकि एनडीए की सरकार है।”

उन्होंने मतदाताओं से अपील की,

“14 नवंबर को भारी बहुमत से एनडीए को जिताएं, ताकि विकास की गाड़ी रुके नहीं।”

यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। भाजपा समर्थकों ने इसे ‘चुनावी पटाखा’ बताया, जबकि विपक्ष ने इसे ‘हेट स्पीच’ करार दिया।


एनडीए की रणनीति और उम्मीदवारों को समर्थन

खगड़िया की यह सभा एनडीए की 12 विधानसभा सीटों को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा थी।
शाह ने अलौली से जदयू उम्मीदवार अब्दुल वहीद, खगड़िया से भाजपा के पवन सिंह, बेलदौर से रामेश्वर राय, और परबत्ता से भाजपा उम्मीदवार का नाम लेकर समर्थन मांगा।

उन्होंने कहा,

“ये उम्मीदवार बिहार के विकास के सिपाही हैं। इन्हें जिताकर आप मोदी-नीतीश की डबल इंजन सरकार को मजबूत करेंगे।”

सभा में वितरित पर्चों में एनडीए की योजनाओं का प्रचार किया गया —
‘हर परिवार को 125 यूनिट फ्री बिजली’ और ‘युवा रोजगार योजना’ मुख्य आकर्षण रहीं।


तेजस्वी यादव की सभा रद्द होने से विवाद

अमित शाह की सभा से पहले प्रशासन ने खगड़िया के संसारपुर मैदान में तेजस्वी यादव की प्रस्तावित जनसभा की अनुमति रद्द कर दी।
कारण बताया गया कि अमित शाह के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के चलते सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया।

तेजस्वी यादव ने इसे “तानाशाही” करार देते हुए कहा,

“यह लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश है। जनता के मुद्दों पर चर्चा रोकना एनडीए के डर को दिखाता है।”

इसके बाद तेजस्वी ने अपनी सभा को गोगरी भगवान हाई स्कूल मैदान और अलौली में शिफ्ट कर दिया।
विपक्ष ने कहा कि वे इस मामले को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाएंगे, जबकि भाजपा ने इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल बताया।


अमित शाह का बिहार दौरा जारी

यह शाह का लगातार दूसरा दिन था जब वे बिहार में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे थे।
खगड़िया के बाद उन्होंने

  • मुंगेर (2:30 बजे)
  • नालंदा (3:45 बजे, श्रम कल्याण मैदान)
    में जनसभाएं कीं।

मुंगेर में उन्होंने तरारी, जमालपुर और सुरघाट, जबकि नालंदा में अस्थावां, बिहारशरीफ, राजगीर, नालंदा और हरनौत क्षेत्रों के मतदाताओं को संबोधित किया।

शाह के दौरे से एनडीए कार्यकर्ताओं में जोश देखा गया, वहीं महागठबंधन ने इसे “भय का माहौल बनाने का प्रयास” बताया।


प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक प्रभाव

भाजपा/एनडीए:
प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा,

“शाह जी के बयान से विपक्ष का सफाया होगा। बिहार में 200 से ज्यादा सीटें एनडीए की झोली में जाएंगी।”

आरजेडी:
तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया,

“शाह जी के बयान से डर झलकता है। बिहार की जनता जंगलराज नहीं, न्यायराज चाहती है।”

कांग्रेस:
राज्य अध्यक्ष ने इसे “सांप्रदायिक उकसावा” बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराई।

विशेषज्ञों के मुताबिक, शाह की यह रैली बिहार में एनडीए बनाम महागठबंधन की लड़ाई को और तेज कर देगी।
खगड़िया और सीमांचल क्षेत्र में एनडीए की पकड़ इस दौरे से मजबूत मानी जा रही है।

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