पटना/कटिहार, 29 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के एक बयान ने सियासी हलचल मचा दी है। कटिहार में चुनावी सभा के दौरान तेजस्वी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2024 को लेकर कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो “इस कानून को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा”।
इस बयान पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “संविधान विरोधी” और “तुष्टिकरण की चाल” बताया है। वहीं महागठबंधन के सहयोगी दलों ने तेजस्वी का समर्थन किया है।
उधर, छपरा विधानसभा सीट पर भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के RJD टिकट से मैदान में उतरने से जातीय समीकरणों में उलझन बढ़ गई है। BJP के लिए यह सीट अब आसान नहीं मानी जा रही।
1. वक्फ कानून पर तेजस्वी यादव का बयान और सियासी विवाद
तेजस्वी यादव ने सीमांचल के प्राणपुर (कटिहार) में एक सभा के दौरान कहा —
“भाजपा ने वक्फ बिल बनाया और नीतीश कुमार ने समर्थन दिया। हमारी सरकार बनेगी तो इस बिल को कूड़ेदान में फेंक देंगे।”
उन्होंने इसे मुस्लिम समाज के अधिकारों पर हमला बताया और लालू प्रसाद यादव की “भाजपा-विरोधी विरासत” का हवाला दिया।
यह बयान RJD MLC मोहम्मद कारी सोहैब के वायरल वीडियो के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि “तेजस्वी CM बनेंगे तो वक्फ बिल समेत सभी विवादित कानून फाड़ दिए जाएंगे।”
AIMPLB और विपक्षी दलों ने पहले ही इस कानून को “गैर-संवैधानिक” करार दिया था, जबकि सुप्रीम कोर्ट में इसकी वैधता पर सुनवाई जारी है।
BJP का पलटवार:
BJP ने तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा कि “राज्य सरकार संसद से पारित कानून को रद्द नहीं कर सकती।”
प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा — “यह बयान तेजस्वी की हताशा दिखाता है। वे मुस्लिम वोटरों को गुमराह कर रहे हैं।”
रविशंकर प्रसाद ने इसे “संविधान की अवहेलना” बताया, जबकि अमित शाह ने इसे “नमाजवाद की राजनीति” कहा।
BJP ने X (पूर्व ट्विटर) पर #TejashwiGumrahKarega ट्रेंड कराया।
महागठबंधन का बचाव:
कांग्रेस और वामदलों ने तेजस्वी का समर्थन करते हुए कहा कि “राज्य सरकारें किसी केंद्रीय कानून को लागू न करने का फैसला ले सकती हैं।”
RJD ने इसे “अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा” बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान सीमांचल में मुस्लिम वोटों को एकजुट कर सकता है, लेकिन हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण भी संभव है।
2. छपरा सीट पर खेसारी लाल यादव की एंट्री और बदले समीकरण
छपरा (सदर) विधानसभा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीट बन गई है।
RJD ने भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव (असली नाम: शत्रुघ्न यादव) को उम्मीदवार बनाया है।
कभी लालू यादव का गढ़ रही यह सीट 2010 से BJP के पास है, लेकिन अब मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
खेसारी का बैकग्राउंड:
RJD ने 16 अक्टूबर को पहली उम्मीदवार सूची जारी की, जिसमें खेसारी का नाम शामिल था।
उनके रोड शो में भारी भीड़ उमड़ रही है।
खेसारी ने कहा —
“मैं नेता नहीं, बेटा बनने आया हूं। छपरा को विकास और रोजगार दूंगा।”
जातीय गणित:
कुल मतदाता लगभग 3 लाख, जिनमें
- बनिया/वैश्य: 90,000
- राजपूत: 50,000
- यादव: 45,000
- मुस्लिम: 39,000
- अन्य: 22,000
RJD को MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण का फायदा हो सकता है, जबकि BJP का आधार वैश्य और राजपूत वोट हैं।
लेकिन BJP की बागी राखी गुप्ता निर्दलीय मैदान में हैं, जो वोट काट सकती हैं।
RJD का मकसद स्टार अपील के ज़रिए युवा और ग्रामीण वोटरों को आकर्षित करना है।
सियासी बयानबाजी:
तेजस्वी यादव ने कहा — “खेसारी बिहार के बेटे हैं, छपरा को नया चेहरा देंगे।”
वहीं BJP प्रत्याशी छोटी कुमारी ने जवाब दिया — “स्टारडम से ज्यादा ज़रूरी है ज़मीनी विकास।”
X पर #KhesariForChapra ट्रेंड कर रहा है।
निष्कर्ष: ध्रुवीकरण और स्टार पावर का संगम
तेजस्वी यादव का वक्फ कानून पर बयान सीमांचल में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ा रहा है, वहीं छपरा में खेसारी की एंट्री से RJD ने चुनावी हवा बदल दी है।
जातीय समीकरण और स्टार अपील दोनों ही इस चुनाव के अहम फैक्टर बन चुके हैं।
1 नवंबर से वोटिंग शुरू होगी और 23 नवंबर को नतीजे आएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह चुनाव बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।









