पटना, 4 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के प्रचार के अंतिम दिन मोकामा क्षेत्र में हुई हिंसा ने पूरे राज्य की राजनीति को हिला दिया है। जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता दुलारचंद यादव (76) की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के वीडियो वायरल होने से यह मामला और गर्मा गया है। चुनाव आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए जांच शुरू करवाई है।
घटना की टाइमलाइन: क्या हुआ था मोकामा में?
30 अक्टूबर 2025, दोपहर:
मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तारतर गांव में जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार के दौरान जेडीयू और जन सुराज समर्थकों के बीच झड़प हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पथराव और फायरिंग हुई। हिंसा के दौरान दुलारचंद यादव को गोली लगी और कथित तौर पर उन्हें गाड़ी से कुचल दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट:
रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि हुई। मृत्यु का कारण पसलियों और फेफड़ों में चोट से कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर बताया गया। वाहन से कुचलने के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले।
एफआईआर:
परिवार ने अनंत सिंह, उनके भतीजों और पांच अन्य पर हत्या का आरोप लगाया। मृतक के पोते ने कहा कि हमलावरों ने पहले गोली चलाई फिर जीप चढ़ाई।
31 अक्टूबर:
80 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात हुआ।
1 नवंबर:
पटना पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनंत सिंह व दो सहयोगियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। कुल 81 गिरफ्तारियां।
2 नवंबर:
अनंत सिंह और अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। केस सीआईडी को ट्रांसफर।
अनंत सिंह की गिरफ्तारी: सियासत तेज
अनंत सिंह, जो बाहुबली छवि वाले नेता और जेडीयू उम्मीदवार हैं, की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। जेडीयू ने इसे विपक्ष की साजिश बताया, जबकि जन सुराज और आरजेडी ने इसे कानून के राज की जीत करार दिया।
चुनाव आयोग ने मोकामा हिंसा पर सख्त रुख अपनाया और जिला पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की।
तेजस्वी यादव का हमला
तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार बाहुबलियों को संरक्षण देती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के कारण ही कार्रवाई की गई, अन्यथा सरकार में किसी की हिम्मत नहीं थी।
तेजस्वी ने कहा कियह लोकतंत्र पर हमला है और पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए।
ललन सिंह का वायरल वीडियो और विवाद
3 नवंबर:
ललन सिंह का वीडियो सामने आया जिसमें वे कथित तौर पर कहते दिखे:
“चुनाव के दिन विपक्षी नेताओं को घर से बाहर न निकलने दें, जरूरत पड़े तो घर में बंद कर दें।”
विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह गरीब और विपक्षी समर्थकों को मतदान से रोकने की साजिश है।
चुनाव आयोग ने ललन सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
जेडीयू का कहना है कि वीडियो एडिटेड है और संदर्भ तोड़ा-मरोड़ा गया।
राजनीतिक प्रभाव और वोट समीकरण
- एनडीए: नुकसान नियंत्रण में जुटा, भूमिहार वोट बैंक पर असर संभव
- महागठबंधन: इसे बाहुबलियों पर कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा
- जन सुराज: सहानुभूति लहर और पिछड़ा वर्ग समर्थन की संभावना
- मोकामा में 6 नवंबर को मतदान, सुरक्षा कड़ी
मुख्य तथ्य
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मृतक | दुलारचंद यादव (76), जन सुराज कार्यकर्ता |
| मुख्य आरोपी | अनंत सिंह, दो सहयोगी |
| गिरफ्तारियां | 81 |
| जांच | सीआईडी |
| आरोप | हत्या, पथराव, आचार संहिता उल्लंघन |
| वोट | 3 लाख से अधिक मतदाता |
| EC कार्रवाई | अधिकारी निलंबित/तबादला, नोटिस जारी |
निष्कर्ष
मोकामा हिंसा ने बिहार चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। एक ओर सरकार अपराधियों पर कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इसे देर से उठाया गया कदम बताकर सरकार पर बाहुबलियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहा है। सीआईडी जांच जारी है और चुनाव आयोग इस मामले पर नजर रखे हुए है।














