15 नवंबर 2025 को घोषित अंतिम परिणामों ने बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ ला दिया। 243 सदस्यीय विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 202 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया—जो बहुमत के आंकड़े 122 से लगभग दोगुना है।
महागठबंधन (आरजेडी + कांग्रेस) 35 सीटों पर सिमट गया, जबकि 2020 में उसकी 110 सीटें थीं। आरजेडी को सिर्फ 25 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं। एआईएमआईएम ने सीमांचल में 5 सीटें लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
एनडीए की यह जीत ‘निमो वेव’ (नीतीश + मोदी) का मजबूत संदेश देती है, और महिलाओं व युवाओं का भारी समर्थन निर्णायक साबित हुआ।
1. पार्टी-वार सीटों का बंटवारा
| गठबंधन/पार्टी | जीती सीटें | वोट शेयर (%) | 2020 की तुलना |
|---|---|---|---|
| एनडीए कुल | 202 | ~44.5 | +77 (125 → 202) |
| भाजपा (BJP) | 89 | 20.92 | +15 (74 → 89) |
| जेडीयू (JD(U)) | 85 | 18.96 | +42 (43 → 85) |
| एलजेपी (राम विलास) | 19 | ~5.5 | 2020 में 1 |
| HAM(S) | 5 | ~1.5 | स्थिर |
| RLM | 4 | ~1.2 | स्थिर |
| महागठबंधन कुल | 35 | ~40.2 | -75 (110 → 35) |
| आरजेडी | 25 | 22.77 | -50 |
| कांग्रेस | 6 | ~4.5 | -13 |
| CPI(ML) | 2 | ~1.0 | स्थिर |
| CPI(M) | 1 | ~0.5 | स्थिर |
| अन्य | 6 | ~15.3 | एआईएमआईएम: 5, अन्य: 1 |
नोट: आरजेडी को सबसे अधिक वोट शेयर मिला, पर सीट कन्वर्शन में विफल रही।
2. प्रमुख प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- इसे “ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत” बताया
- कहा कि जनता ने ‘महिला + युवा (नया M-Y)’ मॉडल को चुना
- एनडीए नेतृत्व की एकजुटता की तारीफ की
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- महिलाओं को धन्यवाद
- कहा: “यह विकास और सुशासन की जीत है। बिहार अब विकसित राज्यों में शुमार होगा।”
चिराग पासवान (LJP-RV)
- इसे “मोदी + नीतीश” की जीत बताया
- 29 में से 19 सीटें जीतीं – निर्णायक योगदान
तेजस्वी यादव (RJD)
- ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल
- मुस्लिम-यादव वोट बैंक से बाहर न निकल पाने की स्वीकृति
कांग्रेस
- ईसीआई पर आरोप, नेतृत्व पर सवाल
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3. एनडीए की जीत के प्रमुख कारण
1. महिला-युवा समर्थन (नया M-Y फॉर्मूला)
- 1.2 करोड़ महिलाओं को ₹10,000 की महिला रोजगार योजना
- महिला मतदान 70% से अधिक
2. जातीय समीकरण
- भाजपा: सवर्ण
- जेडीयू: कुर्मी-ईबीसी
- LJP/HAM: दलित-पिछड़ा
- एक व्यापक ‘रेनबो कोअलिशन’
3. सफल सीट-शेयरिंग + एकजुटता
- BJP-JDU: 101-101 सीटें
- वोट ट्रांसफर पर कोई समस्या नहीं
- विपक्ष में आंतरिक मतभेद
4. मोदी-नीतीश फैक्टर
- 50+ रैलियां
- स्थिरता + सुशासन की अपील
5. महागठबंधन की कमजोरियां
- उम्मीदवार चयन में विवाद
- AIMIM के कारण मुस्लिम वोटों का विभाजन
- कांग्रेस का कमजोर ग्राउंड नेटवर्क
4. क्षेत्रीय प्रदर्शन
मिथिला / सीमांचल
- एनडीए = 70%+
- AIMIM = 5 सीटें
मगध
- भाजपा की मजबूत पकड़
- जेडीयू के बड़े मार्जिन
राघोपुर
- तेजस्वी यादव जीते, लेकिन गठबंधन हारा
अन्य प्रमुख परिणाम
- खेसारी लाल यादव (RJD) हार गए
- मैथिली ठाकुर (BJP) जीतीं
5. भविष्य और प्रभाव
- बिहार में स्थिर एनडीए सरकार
- प्राथमिक फोकस: रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला सशक्तिकरण
- महागठबंधन को गहरे संगठनात्मक सुधार की जरूरत
- राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस पर सवाल
- शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री की उपस्थिति









