22 नवंबर 2025 को नई एनडीए सरकार के गठन के तुरंत बाद बड़ा बदलाव दिखा, जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग सौंपा गया। यह पहली बार है कि लगभग 20 वर्षों बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह मंत्रालय अपने पास नहीं रखा। भाजपा को मिले इस प्रमुख विभाग के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर नया संदेश गया है।
चौधरी ने शपथ लेने के तुरंत बाद ही अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी। भाजपा नेता इसे खुले तौर पर ‘योगी मॉडल’ से जोड़ रहे हैं। इसी बीच बेगूसराय में कुख्यात अपराधी शिवव्रत राय का एनकाउंटर कर गिरफ्तारी इसे इस बदलाव का पहला संकेत बताया जा रहा है।
1. सम्राट चौधरी का राजनीतिक बैकग्राउंड और गृह विभाग का महत्व
- पूरा नाम: सम्राट चौधरी (उर्फ राकेश कुमार)
- जाति: कोइरी (कुशवाहा)
- उम्र: 57 वर्ष
- राजनीतिक सफर:
- 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री
- बाद में आरजेडी से भाजपा में आए
- 2014 में 13 विधायकों को साथ लाकर भाजपा में शामिल
- 2025 में तरापुर से विधायक बने
- परिवार: पिता शकुनी चौधरी—सात बार विधायक-सांसद
- कानूनी विवाद: तरापुर केस में आरोप—बाद में सबूत न मिलने पर रद्द
गृह विभाग का मतलब:
अब डीजीपी से लेकर एसपी तक सभी अधिकारी सीधे सम्राट चौधरी के अधीन हैं।
नक्सल ऑपरेशन, बड़े अपराध, दंगे, माफिया—सब पर अंतिम प्रशासनिक अधिकार उन्हीं के पास होगा।
कुछ विशेषज्ञ इसे भाजपा की बढ़ी ताकत तो कुछ नीतीश की कम होती पकड़ बता रहे हैं।
2. सम्राट चौधरी की सख्त चेतावनी
22 नवंबर को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौधरी ने कहा:
“बिहार अपराधियों के लिए नहीं है। उन्हें राज्य छोड़ना होगा। पुलिस को पूरी छूट है।”
जब उनसे ‘योगी मॉडल’ पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा:
“सुशासन बाबू के मॉडल को और मजबूत करेंगे। अपराधियों की खैर नहीं।”
सोशल मीडिया पर यह बयान ट्रेंड हुआ — “सम्राट का राज”।
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3. भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया: ‘बिहार का योगी’
भाजपा नेताओं ने चौधरी की तुलना योगी आदित्यनाथ से की।
- शाहनवाज हुसैन:
“सम्राट आ गए, अपराधी सावधान हो जाएं। जंगलराज खत्म।” - नीरज कुमार:
“कानून-व्यवस्था में नया युग शुरू। अपराधी सिहर उठेंगे।”
भाजपा इसे ओबीसी वोट मजबूत करने की रणनीति मान रही है।
विपक्ष ने चेतावनी दी—“यह पुलिस राज लाएगा।”
4. बेगूसराय एनकाउंटर: ‘योगी मॉडल’ का पहला संकेत?
चेतावनी के कुछ घंटों बाद ही बेगूसराय में एसटीएफ ने कुख्यात अपराधी शिवव्रत राय का एनकाउंटर कर गिरफ्तार किया।
उस पर 20 से अधिक हत्या, लूट, वसूली के मामले थे।
एनकाउंटर की प्रमुख बातें:
- स्थान: बैकुंठपुर थाना क्षेत्र
- बरामदगी:
- 1 कार्बाइन
- 7 पिस्टल
- नकदी
- कफ सिरप (ड्रग)
- कई खोखे
- तीन अपराधी गिरफ्तार – अमित कुमार गुप्ता, नवनीत कुमार, सोनू कुमार
- दो दिनों में दूसरा एनकाउंटर
समर्थक कह रहे—“अब बिहार में न्याय मिलेगा।”
मानवाधिकार समूह कह रहे—“बिना ट्रायल यह खतरनाक।”
चौधरी ने इसे “पुलिस की दृढ़ता” बताया।
5. मुख्य बिंदु सारणी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| चेतावनी | 22 नवंबर 2025, पटना |
| मुख्य बयान | “अपराधियों को बिहार छोड़ना होगा” |
| बड़ा एक्शन | शिवव्रत राय का एनकाउंटर, 3 गिरफ्तार |
| प्रशासनिक बदलाव | 20 साल बाद गृह विभाग भाजपा के पास |
| विपक्ष | “पुलिस राज आने वाला है” |
6. भविष्य की दिशा और प्रभाव
यह बदलाव बिहार की कानून-व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
संभावित प्रभाव:
- दागी अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
- एनकाउंटर और बुलडोजर जैसी नीति की शुरुआत
- 2024 की 15% बढ़ी अपराध दर को कम करने का लक्ष्य
- निवेश और विकास पर सकारात्मक प्रभाव — एनडीए का दावा
- सुशासन मॉडल पर बने रहना बड़ी चुनौती
सोशल मीडिया पर “अपराधी सिहर उठेंगे” जैसे पोस्ट वायरल हैं।









