बिहार सरकार ने अवैध बालू खनन और बालू माफिया के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और गृह विभाग के निर्देश पर पूरे राज्य में सघन कार्रवाई की जा रही है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से अवैध खनन रुकेगा, राजस्व में बढ़ोतरी होगी और सड़कों व पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन
- दिसंबर 2025 में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के तहत बालू और भू-माफिया के खिलाफ विशेष STF का गठन।
- माफियाओं की संपत्ति, अवैध कमाई और नेटवर्क की जांच।
- CCA (Crime Control Act) के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी।
- ड्रोन, हाई-टेक बोट और इंटेलिजेंस नेटवर्क के जरिए निगरानी बढ़ाई गई।
हालिया कार्रवाइयां
पटना जिला:
- 12 दिसंबर 2025: 9 ट्रैक्टर जब्त, लगभग 10.5 लाख रुपये जुर्माना।
- 13 दिसंबर 2025 (पलिगंज): 4 ट्रक जब्त, 36 लाख रुपये जुर्माना और FIR दर्ज।
अन्य जिले:
- ओवरलोडिंग, बिना परमिट, बिना नंबर प्लेट या बिना GPS वाले वाहनों पर लगातार छापेमारी।
- अवैध बालू परिवहन थाना क्षेत्र से गुजरने पर संबंधित SHO को सस्पेंड करने की चेतावनी।
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जनता की भागीदारी: ‘बिहारी योद्धा पुरस्कार योजना’
सरकार ने आम लोगों को अभियान से जोड़ने के लिए इनाम योजना शुरू की है।
- ट्रैक्टर से अवैध बालू की सूचना: ₹5,000 इनाम।
- ट्रक या बड़े वाहन की सूचना: ₹10,000 इनाम।
- बिना परमिट बालू ढुलाई, अवैध मशीनरी या बिना नंबर प्लेट वाहन की सूचना पर भी पुरस्कार।
- हेल्पलाइन नंबर जारी, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नियम, तकनीक और जुर्माना
- बालू परिवहन वाहनों में GPS, विशिष्ट रंग और मार्किंग अनिवार्य।
- नियम उल्लंघन पर लाखों रुपये का जुर्माना और वाहन जब्ती।
- बड़े माफियाओं पर CCA के तहत संपत्ति जब्ती और सख्त कानूनी कार्रवाई।
सरकार का संदेश
सरकार का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध खनन पर रोक, राजस्व वृद्धि और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए जनता के सहयोग को बेहद अहम बताया गया है।
अधिक जानकारी और ताजा अपडेट के लिए स्थानीय प्रशासन, खान एवं भू-विज्ञान विभाग या विश्वसनीय समाचार स्रोतों को देखें।









