पटना/छपरा, 17 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छपरा के तरैया इलाके में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
सरण जिले की यह रैली एनडीए की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है, जहां बीजेपी ने अपने उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी को मैदान में उतारा है।
शाह ने मंच से राजद (RJD) पर जमकर हमला बोला, खासकर पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट देने पर सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि एनडीए इस बार पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए बहुमत से सत्ता में लौटेगा।
साथ ही, शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार (CM फेस) होंगे — जिससे एनडीए में एकजुटता का संदेश गया।
रैली का पृष्ठभूमि और आयोजन
सरण जिला बिहार की राजनीति में हमेशा से अहम रहा है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपना पहला विधानसभा चुनाव इसी जिले से लड़ा और जीता था।
अमित शाह ने इसी इतिहास का जिक्र करते हुए तरैया को बीजेपी के लिए “लकी सीट” बताया।
यह रैली छपरा के पास आयोजित हुई, जहां हजारों समर्थक मौजूद थे। शाह का यह तीन दिवसीय बिहार दौरा है, जिसमें वे छपरा और पटना दोनों में सभाएं करेंगे।
रैली से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीएम आवास पर करीब 20 मिनट की बैठक की, जिसमें संजय झा और विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे।
बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास) और अन्य सहयोगी दलों के कार्यकर्ता इस सभा में शामिल हुए।
शाह ने अपने भाषण में बाढ़ राहत, सड़क निर्माण और रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दों पर एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा:
“एनडीए की लड़ाई लालू के जंगलराज के खिलाफ थी और आज भी वही लड़ाई जारी है।”
RJD पर हमला: शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट देने पर निशाना
रैली का मुख्य फोकस आरजेडी पर शाह का हमला रहा।
उन्होंने कहा,
“आरजेडी आज भी शहाबुद्दीन जैसे अपराधी के बेटे को टिकट दे रही है। क्या ऐसे बिहार में सुरक्षा रह सकती है?”
शाह ने आरजेडी को “माफिया राज का समर्थक” बताते हुए कहा कि जंगलराज की वापसी का खतरा मंडरा रहा है।
यह बयान उस समय आया जब महागठबंधन ने सीट बंटवारे का ऐलान किया — आरजेडी ने 144 सीटों पर दावा किया और ओसामा शहाब को रघुनाथपुर से उम्मीदवार बनाया।
आरजेडी नेताओं ने शाह के बयान को “बीजेपी का डर” बताया, जबकि जेडीयू के संजय झा ने कहा कि “आरजेडी का यही चरित्र रहा है — अपराध को राजनीतिक संरक्षण देना।”
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नीतीश कुमार को CM फेस घोषित
अमित शाह ने मंच से साफ शब्दों में कहा:
“हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार चुनाव लड़ रहे हैं। एनडीए को अब तक की सबसे बड़ी जीत मिलेगी और नीतीश जी ही बिहार के सीएम बनेंगे।”
यह बयान उन अटकलों को खत्म करता है जिनमें कहा जा रहा था कि चुनाव बाद बीजेपी किसी और को सीएम बनाएगी।
हाल ही में जेडीयू नेता ललन सिंह ने कहा था कि “सीएम विधायक दल तय करेगा”, जिससे सस्पेंस बना था। शाह के बयान ने इसे पूरी तरह स्पष्ट कर दिया।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी पहले कहा था कि अमित शाह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके पिता ही सीएम रहेंगे।
NDA की जीत का दावा: “20 सालों का रिकॉर्ड टूटेगा”
अमित शाह ने एनडीए की जीत को लेकर कहा कि गठबंधन “20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ेगा”।
उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर प्रहार किया।
बिहार में एनडीए सरकार के कामकाज पर बोलते हुए शाह ने कहा कि “जंगलराज खत्म हो चुका है, लोग अब रात में भी सुरक्षित महसूस करते हैं।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि “हर घर तक पहुंचें और दो-तिहाई बहुमत का लक्ष्य पूरा करें।”
विपक्ष की प्रतिक्रिया
आरजेडी और महागठबंधन ने शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
तेजस्वी यादव ने कहा, “शाह जी डर गए हैं क्योंकि जनता बदलाव चाहती है।”
लालू प्रसाद यादव ने इसे “बीजेपी का पुराना हथकंडा” बताया।
वहीं, जेडीयू नेताओं ने शाह के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि “यह एनडीए की एकजुटता का प्रमाण है।”
पहले चरण की 65 सीटों के नामांकन के अंतिम दिन यह रैली हुई, जहां खेसारी लाल यादव, मैथिली ठाकुर जैसे स्टार उम्मीदवार भी चर्चा में रहे।
एनडीए के पास राज्य की 243 सीटों पर मजबूत दावा है, हालांकि एंटी-इनकंबेंसी अब भी एक चुनौती है।
शाह का यह दौरा बीजेपी की “हर बूथ मजबूत” रणनीति का हिस्सा है।









