फतेहगढ़ साहिब (पंजाब), 18 अक्टूबर 2025:
शनिवार सुबह अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12204) में अचानक आग लग गई। यह घटना सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास हुई, जब ट्रेन सुबह करीब 7:30 बजे गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि एसी कोच में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिससे तीन कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सौभाग्य से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और केवल एक यात्री को मामूली चोटें आईं।
रेलवे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया और जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
घटना का पूरा विवरण
- ट्रेन: अमृतसर–सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस (12204)
- मार्ग: अमृतसर (पंजाब) → सहरसा (बिहार)
- दूरी: 1,716 किमी
- सेवा के दिन: बुधवार, शनिवार, रविवार
- प्रस्थान: अमृतसर से सुबह 4:00 बजे
- पहुंच: सहरसा अगले दिन दोपहर 11:20 बजे
- कोच प्रकार: पूरी तरह एसी 3-टियर (3A)
घटना के समय ट्रेन दिल्ली की ओर बढ़ रही थी, तभी कोच नंबर 19 में धुआं उठता देखा गया। यात्रियों ने शोर मचाया, और लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी। आग तेजी से तीन कोचों में फैल गई, लेकिन बाकी ट्रेन को बचा लिया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया,
“घटना के तुरंत बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरे कोचों में शिफ्ट किया गया और आग पर काबू पाया गया।”
बचाव अभियान: त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
- ट्रेन में सैकड़ों यात्री सवार थे, ज्यादातर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के निवासी।
- हानि: कोई मौत नहीं; एक व्यक्ति को हल्की चोट।
- यात्रियों ने बताया कि धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया।
- फायर ब्रिगेड, RPF और स्थानीय पुलिस ने सरहिंद स्टेशन पर पहुंचकर आग बुझाई।
रेलवे कर्मचारियों की तत्परता की यात्रियों ने सराहना की। सोशल मीडिया पर आग लगते कोचों और बचाव कार्य के वीडियो वायरल हो रहे हैं।
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संभावित कारण: शॉर्ट सर्किट या वायरिंग फॉल्ट
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एसी सिस्टम में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
रेलवे बोर्ड ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा,
“घटना की गहन जांच होगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
कुछ रिपोर्टों में वायरिंग की खराबी या ओवरलोडिंग का भी जिक्र है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
रेलवे की कार्रवाई:
- प्रभावित यात्रियों को दूसरी ट्रेनों में समायोजित किया गया।
- ट्रेन को सुरक्षा निरीक्षण के बाद दोपहर तक फिर रवाना किया गया।
- हेल्पलाइन नंबर: 139, 1800-11-1139
बिहार से जुड़ाव: प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
गरीब रथ एक्सप्रेस बिहार के यात्रियों के लिए एक अहम ट्रेन है — खासकर दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और सहरसा के लिए।
इस हादसे की खबर फैलते ही बिहार में चिंता बढ़ गई।
सहरसा के सांसदों और स्थानीय नेताओं ने रेलवे से मुआवजे और सुरक्षा समीक्षा की मांग की है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया:
- X (पूर्व ट्विटर) पर #GaribRathFire और #Train12204 ट्रेंड करने लगे।
- कुछ लोगों ने इसे “चमत्कारिक बचाव” कहा, जबकि कुछ ने रेलवे की पुरानी वायरिंग प्रणाली पर सवाल उठाए।
विशेषज्ञों की टिप्पणी
रेल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
“एसी कोचों में वायरिंग ओवरलोड की समस्या अक्सर नजर आती है। सभी ट्रेनों की इलेक्ट्रिकल जांच अब और सख्त होनी चाहिए।”
आंकड़ों के अनुसार, भारत में रेल हादसों में 20% घटनाएं शॉर्ट सर्किट से होती हैं। वर्ष 2024 में ऐसी 15 घटनाएं दर्ज की गई थीं, हालांकि अधिकांश में कोई मौत नहीं हुई।
घटना के प्रमुख तथ्य (सारांश तालिका)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख और समय | 18 अक्टूबर 2025, सुबह 7:30 बजे |
| स्थान | सरहिंद स्टेशन के पास, पंजाब |
| कारण | शॉर्ट सर्किट (प्रारंभिक) |
| क्षतिग्रस्त कोच | 3 एसी कोच (कोच नंबर 19 सहित) |
| हानि | 1 मामूली चोट, कोई मृत्यु नहीं |
| ट्रेन रुकाव | लगभग 4–5 घंटे |
| मार्ग दूरी | 1,716 किमी (अमृतसर–सहरसा) |
यह हादसा भले ही बड़ा नुकसान टाल गया, लेकिन रेल सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़ा करता है। रेलवे ने कहा है कि सभी एसी कोचों की तकनीकी जांच जल्द की जाएगी।
सुरक्षित यात्रा के लिए यात्रियों को आग और शॉर्ट सर्किट की स्थिति में इमरजेंसी चेन और अलार्म सिस्टम का उपयोग करने की सलाह दी गई है।









