आरा (भोजपुर), 25 अक्टूबर 2025:
बिहार के भोजपुर जिले में अपराध का ग्राफ एक बार फिर तेजी से बढ़ा है। बीते 72 घंटों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आठ लोगों पर गोलीबारी की घटनाएं हुईं, जिनमें तीन की मौत हो गई और पांच घायल हैं।
मंगलवार (22 अक्टूबर) से शुरू हुआ यह हिंसक सिलसिला शुक्रवार (25 अक्टूबर) तक जारी रहा, जिससे पूरे जिले में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और जाम लगाया।
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सत्य प्रकाश ने शुक्रवार शाम आरा पहुंचकर उच्च स्तरीय बैठक की और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के गठन की घोषणा की।
घटनाओं का क्रम: 3 दिन में गोलियों की गूंज
भोजपुर जिले के मुफस्सिल, जगदीशपुर, बहोरनपुर, कोईलवर, टाउन, कृष्णागढ़ और उदवंतनगर थाना क्षेत्रों में हुई ये घटनाएं ज्यादातर पुराने विवादों, प्रेम प्रसंग, जमीन झगड़ों और व्यक्तिगत रंजिशों से जुड़ी बताई जा रही हैं।
मंगलवार, 22 अक्टूबर – मुफस्सिल थाना (रतनपुर गांव)
क्रिकेट मैच में रनआउट को लेकर विवाद हुआ जो फायरिंग तक पहुंच गया।
एक युवक को गोली लगी जबकि दूसरे को सिर में गंभीर चोटें आईं।
घायलों का इलाज आरा सदर अस्पताल में चल रहा है।
बुधवार, 23 अक्टूबर – जगदीशपुर थाना (सोहरा गांव)
पंचायत मुखिया पर अविश्वास प्रस्ताव के पुराने विवाद में फायरिंग हुई।
सुमित सिंह और उनके बेटे को निशाना बनाया गया। सुमित की मौके पर मौत हो गई।
हमलावर फरार हैं, क्षेत्र में भारी तनाव है।
बुधवार, 23 अक्टूबर – बहोरनपुर थाना
चाचा-भतीजे पर गोली चली। दोनों घायल हुए, एक की हालत गंभीर है।
विवाद पुरानी जमीन रंजिश से जुड़ा बताया गया।
बुधवार, 23 अक्टूबर – टाउन थाना (आरा बाजार क्षेत्र)
एक बैलून कारीगर पर फायरिंग की गई। वह मामूली रूप से घायल हुआ।
हमलावर लूटपाट की कोशिश कर रहे थे।
गुरुवार, 24 अक्टूबर – हसन बाजार (नारायणपुर)
₹5,000 के लेन-देन विवाद में एक प्राइवेट गार्ड रामू पासवान की गोली मारकर हत्या।
मामले के आरोपी फरार हैं।
गुरुवार, 24 अक्टूबर – कृष्णागढ़ थाना
पुरानी रंजिश में दो लोगों पर फायरिंग।
एक व्यक्ति को छाती में गोली लगी, हालत गंभीर है।
शुक्रवार, 25 अक्टूबर – कोईलवर थाना (वार्ड नंबर 8)
इंदिरा आवास योजना के बकाया भुगतान के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या।
एसपी राज के अनुसार, यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है।
परिजनों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा और पुलिस पर हमला किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली गई।
शुक्रवार, 25 अक्टूबर – उदवंतनगर थाना (बेलावर गांव)
बस स्टैंड के पास बाइक सवार अपराधियों ने दो युवकों पर फायरिंग की।
एक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर घायल।
विवाद जमीन को लेकर था।
घटनाओं का परिणाम
तीन दिनों में हुई इन घटनाओं में
- 3 मौतें (सुमित सिंह, रामू पासवान, और उदवंतनगर के युवक की),
- 5 घायल, जिनका इलाज आरा सदर अस्पताल और निजी क्लिनिकों में चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
भोजपुर एसपी मनीष कुमार ने बताया कि
“कोईलवर हत्याकांड में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।”
डीआईजी सत्य प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिया —
“अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सभी थानों में गश्त बढ़ाई जाए और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं।”
उन्होंने सभी घटनाओं की संयुक्त जांच के लिए SIT का गठन किया है।
पुलिस ने इंटर-डिस्ट्रिक्ट चेकिंग शुरू की है ताकि हथियारों की तस्करी पर रोक लग सके।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
अपराध की इन बढ़ती घटनाओं पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।
आरजेडी नेता शक्ति यादव सिंह ने कहा —
“नीतीश सरकार का ‘सुरक्षित बिहार’ का दावा खोखला साबित हो रहा है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।”
वहीं जदयू नेताओं ने कहा कि ये घटनाएं “पुरानी रंजिशों का परिणाम” हैं, न कि प्रशासनिक विफलता।
सामाजिक असर और स्थानीय प्रतिक्रिया
लगातार होती वारदातों से भोजपुर ‘क्राइम हॉटस्पॉट’ बनता जा रहा है।
यहां व्यक्तिगत और जातिगत विवाद अब हथियारों से सुलझाए जा रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने बाजार बंद रखा, जबकि ग्रामीणों ने कोईलवर में सड़क जाम किया।
एनजीओ ‘पीपुल्स वॉच’ ने इन घटनाओं पर चिंता जताई और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है —
“अगर किसी को किसी घटना की जानकारी हो तो 112 पर तुरंत सूचित करें।”
जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
निष्कर्ष
भोजपुर में 72 घंटे में हुई ये आठ गोलीबारी की घटनाएं बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
सरकार के सामने अब चुनौती है कि वह न केवल अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करे, बल्कि जनता का भरोसा भी बहाल करे।









