पटना, 13 अक्टूबर 2025:
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य की 243 सीटों पर मतदान दो चरणों में कराया जाएगा।
पहले चरण की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, जबकि दूसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर 2025 को जारी हुई। इसमें 20 जिलों की 122 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
दूसरे चरण की अधिसूचना: मुख्य तिथियां और विवरण
- अधिसूचना जारी होने की तारीख: 13 अक्टूबर 2025
- सीटों की संख्या: 122
- जिलों की संख्या: 20
नामांकन प्रक्रिया:
- नामांकन शुरू: 13 अक्टूबर 2025
- अंतिम तिथि: 21 अक्टूबर 2025
- नामांकन पत्रों की जांच: 21 अक्टूबर 2025
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 23 अक्टूबर 2025
मतदान की तारीख:
अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि नवंबर के पहले सप्ताह में मतदान होगा।
मतगणना:
सभी चरणों की मतगणना नवंबर 2025 के मध्य में एक साथ होगी।
जिलों और सीटों का दायरा
दूसरे चरण की 122 सीटें ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को कवर करती हैं। इनमें पटना, नालंदा, वैशाली, समस्तीपुर, और दरभंगा जैसे प्रमुख जिले शामिल हो सकते हैं।
ये क्षेत्र NDA और महागठबंधन दोनों के लिए राजनीतिक रूप से अहम माने जा रहे हैं।
नामांकन प्रक्रिया:
- उम्मीदवारों को संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय में नामांकन जमा करना होगा।
- अधूरी या गलत जानकारी वाले आवेदन खारिज किए जा सकते हैं।
- नाम वापसी की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर के बाद अंतिम उम्मीदवार सूची जारी की जाएगी।
पहले चरण की अधिसूचना: मुख्य विवरण
- अधिसूचना जारी: अक्टूबर 2025 की शुरुआत में
- सीटें: 121
- जिले: 43
नामांकन प्रक्रिया:
- नामांकन शुरू: 18 अक्टूबर 2025
- अंतिम तिथि: 25 अक्टूबर (संभावित)
- जांच: 26 अक्टूबर (संभावित)
- नाम वापसी: 28 अक्टूबर (संभावित)
- मतदान: नवंबर के प्रारंभ में
मुख्य जिले: गया, औरंगाबाद, रोहतास, भागलपुर आदि शामिल हो सकते हैं।
चुनाव का महत्व और पृष्ठभूमि
243 सीटों का समीकरण:
सरकार बनाने के लिए 122 सीटों का जादुई आंकड़ा जरूरी है।
2020 के चुनाव में NDA ने 125 सीटें, जबकि महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं।
मुख्य प्रतिस्पर्धी:
- NDA: बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम, आदि
- महागठबंधन: आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई-एमएल, वीआईपी
- तीसरा मोर्चा: प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी, जिसने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
प्रमुख मुद्दे:
बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचा इस बार के चुनाव में अहम रहेंगे।
तेजस्वी यादव के “हर परिवार को नौकरी” वादे और नीतीश कुमार के विकास मॉडल पर भी चर्चा जोरों पर है।
राजनीतिक दलों की रणनीति
NDA:
बीजेपी और जेडीयू में सीट बंटवारा लगभग तय।
चिराग पासवान की LJP (रामविलास) को करीब 36 सीटें मिलने की संभावना।
पहली उम्मीदवार सूची 13 अक्टूबर तक आने की उम्मीद।
महागठबंधन:
आरजेडी और कांग्रेस में सीट बंटवारे पर तनाव बरकरार।
आरजेडी 140–150 सीटें, कांग्रेस 50–60 सीटों की मांग कर रही है।
सीपीआई-एमएल और वीआईपी भी अपनी हिस्सेदारी चाहते हैं।
जनसुराज:
प्रशांत किशोर की पार्टी ने अब तक 117 उम्मीदवारों की घोषणा की है।
उनका फोकस युवाओं और नए चेहरों पर है।
चुनावी माहौल और चुनौतियां
- जातिगत समीकरण: बिहार की राजनीति में अब भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
- महिला मतदाता: कुल 7.2 करोड़ मतदाताओं में से करीब 48% महिलाएं।
- नीतीश कुमार की “जीविका दीदी” योजना और तेजस्वी का महिला सशक्तिकरण फोकस में।
- सुरक्षा व्यवस्था: हिंसा रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
- डिजिटल प्रचार: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर नेताओं की गतिविधियां चरम पर हैं।
आगे की राह
- दोनों चरणों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची जल्द जारी होगी।
- मतदान तिथियों के साथ प्रचार और तेज़ी से बढ़ेगा।
- चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू कर दी है।
- अवैध धन और शराब वितरण पर सख्त निगरानी जारी है।
जनता की राय:
X पर लोग बदलाव और विकास की उम्मीद जता रहे हैं।
कुछ यूजर्स तेजस्वी के वादों को “जुमला” कह रहे हैं, तो कुछ नीतीश के अनुभव पर भरोसा जता रहे हैं।
स्रोत:
यह जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और सोशल मीडिया पोस्ट्स से संकलित की गई है।
सटीक तिथियों और जिलों की सूची के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट देखें।
जय बिहार!














