बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राजनीतिक इतिहास रच दिया है। 14 नवंबर 2025 को घोषित नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 243 सीटों वाली विधानसभा में 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। यह जीत न केवल सत्ताधारी गठबंधन की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि बिहार की जनता द्वारा सुशासन और विकास के एजेंडे को मिले समर्थन का प्रमाण है।
बीजेपी को 89, जेडीयू को 85, एलजेपी (आरवी) को 19, हम (एस) को 5 और आरएलएम को 4 सीटें मिलीं। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) को सिर्फ 35 सीटें मिलीं—आरजेडी 25, कांग्रेस 6, सीपीआई(एमएल) 2, सीपीआई(एम) 1।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी शून्य पर रही, जबकि एआईएमआईएम ने 5 सीटें जीतीं।
यह जीत एनडीए के लिए 2010 के बाद सबसे बड़ी है, जब 206 सीटें मिली थीं।
परिणामों का विस्तृत ब्रेकडाउन
वोट शेयर
- एनडीए: 48.3%
- महागठबंधन: 36.9%
- जन सुराज: 2–3%
गठबंधन/पार्टी प्रदर्शन
| गठबंधन/पार्टी | सीटें | वोट शेयर | प्रमुख जीत |
|---|---|---|---|
| एनडीए कुल | 202 | 48.3% | – |
| बीजेपी | 89 | 22.4% | सम्राट चौधरी (पूर्णिया), मैथिली ठाकुर (अलीनगर) |
| जेडीयू | 85 | 18.5% | कुर्मी-ईबीसी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ |
| एलजेपी (आरवी) | 19 | 5.7% | चिराग पासवान का दक्षिण बिहार में प्रभाव |
| हम (एस) | 5 | – | जीतन राम मांझी – दलित वोट |
| आरएलएम | 4 | – | उपेंद्र कुशवाहा की वापसी |
| महागठबंधन कुल | 35 | 36.9% | – |
| आरजेडी | 25 | – | तेजस्वी यादव (राघोपुर) |
| कांग्रेस | 6 | – | अब्दुर रहमान (अररिया) |
| सीपीआई(एमएल) | 2 | – | संदीप सौरभ |
| एआईएमआईएम | 5 | – | मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में प्रदर्शन |
| जन सुराज | 0 | 2–3% | 236 सीटों पर जमानत जब्त |
एनडीए की जीत के प्रमुख कारण
1. महिलाओं का रिकॉर्ड समर्थन
- महिला टर्नआउट: 69%
- पुरुषों से 9% अधिक
- ‘मुख्यमंत्री मायावती सम्मान योजना’ ने बड़ा प्रभाव डाला।
2. जातिगत समीकरण का पुनर्गठन
- बीजेपी: ऊपरी जातियां
- जेडीयू: कुर्मी + ईबीसी
- एलजेपी: दलित–पसवान
- ‘जंगल राज’ का नैरेटिव फिर सफल रहा।
3. मजबूत गठबंधन और सीट शेयरिंग
- बीजेपी-जेडीयू: 101–101 का संतुलन
- आंतरिक कलह नहीं
- ‘डबल इंजन सरकार’ का संदेश सशक्त
4. विपक्ष का कमजोर प्रदर्शन
- महागठबंधन का ‘वोट चोरी’ आरोप सुप्रीम कोर्ट में खारिज
- जन सुराज ने वोट काटे लेकिन खुद हार
- कांग्रेस 19 से 6 पर आ गई
5. विकास और स्थिरता का एजेंडा
- सड़क, बिजली, महिला रोजगार (22 लाख लाभार्थी)
- पीएम मोदी का अपील: “तुष्टिकरण से संतुष्टिकरण तक”
प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएं
नरेंद्र मोदी:
“यह लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की जीत है। बिहार ने इतिहास रच दिया।”
नीतीश कुमार:
“जनता ने सुशासन पर मुहर लगाई। विकास कार्य और तेज होंगे।”
चिराग पासवान:
“हमारी एकता और रणनीति सफल रही। बिहार पहले।”
तेजस्वी यादव:
“परिस्थिति चुनौतीपूर्ण। हम पुनर्गठन करेंगे।”
राहुल गांधी:
“चुनाव निष्पक्ष नहीं था। समीक्षा होगी।”
प्रशांत किशोर:
“परिणाम हमारी उम्मीदों से बहुत अलग।”
भविष्य के प्रभाव और चुनौतियां
सरकार गठन
- 16 नवंबर: विधायक दल की बैठक
- नीतीश कुमार 10वीं बार CM बनने की ओर
राजनीतिक प्रभाव
- एनडीए को UP 2027, WB 2026 में लाभ
- विपक्ष का INDIA ब्लॉक कमजोर
मुख्य चुनौतियां
- बेरोजगारी (7–8%)
- पलायन (1 करोड़ से अधिक प्रवासी मजदूर)
- 51% बहुआयामी गरीबी
सामाजिक बदलाव
- महिलाओं की भूमिका और मजबूत
- EBC आरक्षण पर नए सिरे से चर्चा









