पटना, 12 अक्टूबर 2025 — बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) ने सीट बंटवारे पर लगभग सहमति बना ली है।
चुनाव दो चरणों में — 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
सूत्रों के अनुसार, 243 में से 240 सीटों पर सहमति बन चुकी है, जबकि तीन सीटों पर चर्चा जारी है। यह फॉर्मूला एनडीए के प्रमुख घटक — जेडीयू, बीजेपी और एलजेपी (रामविलास) — के बीच संतुलित माना जा रहा है।
सीटों का संभावित बंटवारा
- जेडीयू (JD(U)) – 101 सीटें
- बीजेपी (BJP) – 100 सीटें
- एलजेपी (रामविलास) – 26 सीटें
- एचएएम (HAM) – 7 से 8 सीटें
- आरएलएम (RLM) – 6 से 8 सीटें
आधिकारिक घोषणा आज शाम तक होने की उम्मीद है।
सीट बंटवारे की पृष्ठभूमि
एनडीए के भीतर यह बातचीत पिछले कई दिनों से चल रही थी।
10 अक्टूबर को पटना में बीजेपी संगठन महामंत्री विनोद तावड़े ने सभी सहयोगियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा था,
“सभी चर्चाएं सकारात्मक दिशा में हैं, जल्द ही फॉर्मूला अंतिम रूप लेगा।”
बीजेपी के बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने भी नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से अलग-अलग मुलाकात की थी।
प्रमुख फॉर्मूला विकल्प
शुरुआती दौर में:
- जेडीयू 102-103 सीटें,
- बीजेपी 101-102 सीटें,
- एलजेपी 25-28 सीटें मांग रही थी।
अंतिम फॉर्मूले में जेडीयू को ‘बड़ा भाई’ का दर्जा देते हुए 101 सीटें दी गईं (2020 में 115 थीं), जबकि बीजेपी 110 से घटकर 100 पर सहमत हुई।
छोटे दलों के लिए जगह बनाने के लिए यह कटौती की गई।
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छोटे सहयोगियों की भूमिका
- एचएएम प्रमुख जीतन राम मांझी ने 15 सीटों की मांग की थी, पर सहमति 7–8 पर बनी।
- आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने 8 सीटें मांगी थीं, जो अब 6–8 के बीच तय हो सकती हैं।
कुशवाहा ने आज सुबह पोस्ट कर कहा,
“चर्चाएं जारी हैं, कोई विवाद नहीं।”
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में हल्के असंतोष के संकेत मिले हैं।
विवादित सीटें
शेष तीन सीटें — महनार, मटिहानी और चकाई — को लेकर मतभेद हैं।
यहां जेडीयू और एलजेपी दोनों दावा कर रहे हैं।
इसके अलावा गोविंदगंज सीट पर बीजेपी और एलजेपी के बीच भी खींचतान जारी है।
जेडीयू ने साफ कहा है कि चिराग पासवान से सीधे बात नहीं करेंगे, बल्कि बीजेपी मध्यस्थ बनेगी।
बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक
आज शाम 6:30 बजे दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पर केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक होगी।
बैठक में पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा समेत वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
मुख्य एजेंडा:
- बिहार की 100 सीटों पर उम्मीदवारों की पहली लिस्ट फाइनल करना।
- सहयोगी दलों के साथ समन्वय पर चर्चा।
- चुनावी रणनीति, खासकर ओबीसी, ईबीसी, एससी/एसटी और महिला वोटर्स पर फोकस।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया,
“2020 में हारी सीटों के लिए पैनल तैयार है, आज शाम तक सीट शेयरिंग और पहली लिस्ट जारी हो सकती है।”
संभावना है कि कुछ पुराने विधायकों के टिकट कटेंगे, और नए चेहरे (पूर्व सांसद आदि) को मौका मिलेगा।
एनडीए की रणनीति और चुनौतियां
एनडीए का फोकस इस बार ‘सुशासन और विकास’ पर रहेगा।
मोदी की लोकप्रियता के साथ नीतीश कुमार की छवि को भी केंद्र में रखा जाएगा।
मुख्य चुनौतियां:
- चिराग फैक्टर: 2020 की दुश्मनी के बावजूद पासवान को 26 सीटें दी गई हैं।
- छोटे सहयोगी: मांझी और कुशवाहा की असंतुष्टि गठबंधन पर असर डाल सकती है।
- विपक्ष का दबाव: महागठबंधन ‘हर परिवार को नौकरी’ वादे के साथ युवाओं को आकर्षित कर रहा है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक माहौल
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर #BiharElection2025 और #NDASheetSharing ट्रेंड कर रहे हैं।
बीजेपी समर्थक इसे “संतुलित फॉर्मूला” बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स इसे कुशवाहा की नाराज़गी का संकेत मान रहे हैं।
निष्कर्ष
यह सीट बंटवारा एनडीए को एकजुटता का संदेश देने में मदद कर सकता है।
हालांकि विवादित सीटों पर अगर मतभेद बने रहे, तो घोषणा में देरी संभव है।
एनडीए का लक्ष्य 160+ सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत (122) हासिल करना है।
जनता का रुझान विकास और स्थिरता की ओर है — जो इस समय एनडीए के पक्ष में दिख रहा है।
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