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बिहार विधानसभा बजट सत्र: विपक्ष का हमला, किसानों पर सरकार से जवाब की मांग

By Ayush

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पटना, 18 नवंबर 2025 — बिहार विधानसभा के बजट सत्र (2025–26) में विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार को किसानों की समस्याओं को लेकर कटघरे में खड़ा किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि सरकार कृषि सुधारों में विफल रही है, जिससे किसानों पर कर्ज बढ़ा है और वे बाढ़–सुखाड़ व घटते MSP से परेशान हैं। यह विवाद सत्र के चौथे-पांचवें दिन (मार्च 2025) बजट चर्चा के दौरान सामने आया।


बजट सत्र का संदर्भ

  • बजट सत्र 28 फरवरी 2025 से शुरू हुआ।
  • 3 मार्च को वित्त मंत्री व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
  • प्रमुख आवंटन:
    • शिक्षा: 60,974 करोड़
    • स्वास्थ्य: 20,335 करोड़
    • कृषि व सिंचाई: विशेष फोकस
  • विपक्ष ने इसे “चुनावी जुमला” कहकर खारिज किया।

तेजस्वी यादव का हमला

5 मार्च को चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा:

  • “नीतीश सरकार ने 20 साल में बिहार को खटारा गाड़ी बना दिया।”
  • किसानों पर मुख्य आरोप:
    • बाढ़–सुखाड़ राहत में देरी
    • MSP लागू करने में असफलता
    • मंडी व्यवस्था ध्वस्त
    • बीमा योजना में अनियमितता
    • कर्जमाफी पर स्पष्टता नहीं

उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी, तो मंडी व्यवस्था फिर शुरू की जाएगी और किसानों के लिए वास्तविक राहत लाई जाएगी।


नीतीश कुमार का जवाब

नीतीश कुमार ने तेजस्वी के आरोपों को “राजनीतिक स्टंट” बताया। उन्होंने कहा:

  • “RJD के शासन में अराजकता थी। हमने 2005 के बाद बिहार को पटरी पर लाया।”
  • कृषि पर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान बताया।
  • अरहर, मूंग और उड़द पर MSP खरीद का दावा किया।
  • सिंचाई परियोजनाओं और डबल-डिजिट विकास दर का हवाला दिया।

Also Read तेज प्रताप यादव को मिली धमकी: विस्तृत अपडेट (17 नवंबर 2025)


सदन में हंगामा और प्रदर्शन

  • RJD विधायकों ने सदन के बाहर झुनझुना लेकर प्रदर्शन किया, सरकार के “खोखले वादों” का प्रतीक बताते हुए।
  • कांग्रेस ने BPSC छात्रों और आशा कार्यकर्ताओं के मुद्दों को भी उठाया।

किसानों के मुद्दों पर विपक्ष के प्रमुख सवाल

1. MSP और फसल खरीद

  • अरहर, मूंग, उड़द पर खरीद का दावा, लेकिन जमीन पर अमल कमजोर
  • सवाल: क्या सभी प्रमुख फसलों के लिए MSP लागू होगा?

2. बाढ़–सुखाड़ प्रबंधन

  • हर साल बाढ़ (कोसी–गंडक क्षेत्र) और सुखाड़
  • मुआवजे में देरी, बीमा योजना के असफल होने का आरोप

3. कर्ज और आत्महत्या

  • किसानों पर लगभग 50,000 करोड़ का कर्ज
  • विपक्ष कर्जमाफी योजना पर जवाब चाहता है

4. कृषि बजट का असर

  • आवंटन 10–12 प्रतिशत
  • विपक्ष का दावा: “कागजी प्रावधान”, किसानों तक लाभ कम

सरकार का पक्ष

मुख्य तर्क

  • बजट किसान-केंद्रित
  • कृषि सहित आर्थिक सेवाओं पर 25,262 करोड़
  • पूर्णिया एयरपोर्ट से कृषि निर्यात बढ़ेगा
  • महिला किसानों के लिए अतिरिक्त कार्यक्रम
  • राजकोषीय घाटा 3% से कम; GSDP ग्रोथ 10.6%

सरकार ने विपक्ष पर “राजनीतिक नौटंकी” करने का आरोप लगाया।


राजनीतिक पृष्ठभूमि

  • यह बजट सत्र 2025 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले का सत्र है।
  • तेजस्वी ने नीतीश को “ओल्ड मॉडल” कहा।
  • नीतीश ने RJD शासन की “अराजकता” का मुद्दा उठाया।
  • सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हुई। तेजस्वी ने लिखा:
    “बिहार का किसान इंतजार कर रहा है, लेकिन सरकार सो रही है।”

प्रभाव और आगे की राह

  • बिहार की राजनीति में किसान मुद्दा फिर केंद्र में आ गया है।
  • विपक्ष चुनाव नजदीक आने से पहले किसान-आधारित नैरेटिव मजबूत कर रहा है।
  • एनडीए विकास के आंकड़ों पर भरोसा कर रहा है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार की 70% आबादी कृषि पर निर्भर है—इसलिए किसान वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं।
  • सत्र 6 मार्च को समाप्त हुआ, लेकिन बहस चुनाव तक जारी रहने की संभावना है।

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