---Advertisement---

बिहार चुनाव 2025: बढ़ते अपराधों से दहशत, समस्तीपुर हादसा, गया में BJP नेता के बेटे की हत्या और सीतामढ़ी में बच्चों पर फायरिंग से हड़कंप

By Ayush

Published On:

Follow Us
---Advertisement---

पटना/समस्तीपुर/गया/सीतामढ़ी, 29 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राज्य में अपराध की घटनाएं तेज़ी से बढ़ रही हैं, जिससे चुनावी माहौल में तनाव और भय का माहौल बन गया है।
तीन बड़ी घटनाओं ने राज्य को झकझोर दिया —

  1. समस्तीपुर में सड़क हादसे में चाचा-भतीजे की मौत,
  2. गया में BJP नेता के बेटे की हत्या और आरोपी का एनकाउंटर,
  3. सीतामढ़ी में बच्चों पर अंधाधुंध फायरिंग।

विपक्ष ने इन घटनाओं को “सरकार की कानून-व्यवस्था पर नाकामी” बताया है, जबकि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


1. समस्तीपुर सड़क हादसा: चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत, अज्ञात वाहन फरार

दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में 28 अक्टूबर की शाम एक भीषण सड़क हादसे में चाचा-भतीजे की मौके पर मौत हो गई।
दोनों समस्तीपुर जिले के रहने वाले थे और मवेशी कारोबार से जुड़े थे।

घटना का क्रम:
श्रवण कुमार (32) और उनके चाचा शोभित यादव (45) बाइक से लौट रहे थे, जब अतरबेल-बिशनपुर मार्ग पर एक अज्ञात ट्रक या जीप ने टक्कर मार दी। दोनों सड़क किनारे पानी भरे खेत में जा गिरे।
श्रवण के सिर पर गंभीर चोट लगी और शोभित की मौके पर ही मौत हो गई।

राहगीरों ने घायलों को सिंहवाड़ा अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

परिवार में मातम:
पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को गांव लाए जाने पर पूरे इलाके में कोहराम मच गया।
स्थानीय निवासी संजीत यादव ने कहा, “दोनों साथ काम करते थे, अब परिवार उजड़ गया।”

पुलिस कार्रवाई:
अज्ञात वाहन के खिलाफ FIR दर्ज की गई है (IPC धारा 279, 304A)।
थानाध्यक्ष ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच चल रही है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया:
X (पूर्व ट्विटर) पर #SamastipurRoadAccident ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने सड़क सुरक्षा कानूनों को सख्त करने की मांग की है।


2. गया में BJP नेता के बेटे की हत्या: एनकाउंटर में मुख्य आरोपी ढेर

22 अक्टूबर को गया शहर के बैरागी मोहल्ला में BJP नेता उपेंद्र पासवान के बेटे सुबाब कुमार (28) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने 24 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बंटी पासवान को एनकाउंटर में गोली मारी और चार अन्य को गिरफ्तार किया।

हत्या का क्रम:
सुबाब दोपहर में बाजार जा रहे थे जब दो बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने AK-47 से तीन गोलियां दागीं, जो सीने और सिर में लगीं।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या पुरानी रंजिश के कारण की गई थी — सुबाब ने बंटी पासवान के अवैध शराब कारोबार का विरोध किया था।

एनकाउंटर विवरण:
24 अक्टूबर सुबह पुलिस ने इमामगंज-बेलागंज मार्ग पर बंटी को घेरा। उसने फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी।
चार साथी (रामू पासवान, छोटू कुमार, राजू यादव, मंटू शर्मा) को गिरफ्तार किया गया।
बरामद: AK-47, दो पिस्टल और 20 कारतूस।

राजनीतिक प्रतिक्रिया:
BJP ने हत्या को “राजनीतिक साजिश” बताया और विरोध प्रदर्शन किया।
उपेंद्र पासवान ने कहा, “मेरे बेटे की हत्या विपक्षी साजिश है।”
X पर #JusticeForSubab ट्रेंड कर रहा है।
वहीं विपक्ष ने एनकाउंटर को “फर्जी” बताया।


3. सीतामढ़ी में बच्चों पर फायरिंग: नकाबपोश बदमाशों की गोली से दो मासूम घायल

सीतामढ़ी के सोनबरसा प्रखंड, भुतही वार्ड-11 में 23 अक्टूबर की शाम अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमलावरों का निशाना एक स्थानीय RJD कार्यकर्ता का घर था।

घटना का क्रम:
6 वर्षीय दीपिनिक कुमार और 8 वर्षीय रूपेश कुमार अपनी मां के साथ खेल रहे थे, तभी 3-4 नकाबपोश बाइक सवारों ने 7-8 राउंड फायरिंग की।
गोलियां दोनों बच्चों को लगीं।
स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें मुजफ्फरपुर रेफर किया गया।

पुलिस जांच:
DSP आशीष आनंद ने बताया, “मामला चुनावी रंजिश से जुड़ा लग रहा है।”
IPC धारा 307 और 120B के तहत FIR दर्ज, 5 टीमें जांच में लगी हैं।
एक बाइक की रजिस्ट्रेशन डिटेल ट्रेस हुई है।

इलाके में तनाव:
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध किया।
SP ने कहा कि 48 घंटे में अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
X पर #SitamarhiFiring ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।


निष्कर्ष: अपराध की बाढ़ में डूबा चुनावी बिहार

बिहार में चुनावी मौसम के बीच अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं
17 से अधिक हत्याएं अब तक दर्ज की जा चुकी हैं।
NDA सरकार ने “शून्य सहनशीलता नीति” की बात कही है, लेकिन विपक्ष ने कानून-व्यवस्था की नाकामी को चुनावी मुद्दा बना लिया है।
लोगों की मांग है कि सड़क सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा और चुनावी हिंसा पर तुरंत कदम उठाए जाएं।


Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Posts

Leave a Comment