नए साल 2026 की शुरुआत में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि अब उन्हें घर बैठे स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल सात निश्चय-3 (2025-2030) कार्यक्रम के अंतर्गत “सबका सम्मान – जीवन आसान” संकल्प का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक जीवन देना है।
घोषणा कब और कैसे हुई?
- तिथि: 2 जनवरी 2026
- माध्यम: मुख्यमंत्री का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X)
- सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार 24 नवंबर 2005 से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है और पूरे बिहार को परिवार मानकर सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
- स्वास्थ्य विभाग को इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
घर बैठे मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं
इस योजना के तहत जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर पर ही निम्नलिखित सेवाएं मिलेंगी:
- पैथोलॉजी जांच: ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट आदि
- ब्लड प्रेशर (BP) जांच
- ईसीजी (ECG) जांच
- फिजियोथेरेपी: जोड़ों के दर्द व शारीरिक समस्याओं के लिए
- नर्सिंग सहायता
- आपातकालीन चिकित्सा सुविधा:
- डॉक्टर की घर पर विजिट
- इमरजेंसी में त्वरित मेडिकल सहायता
सरकार का कहना है कि इससे बुजुर्गों को बार-बार अस्पताल जाने की परेशानी से राहत मिलेगी, खासकर ठंड या अन्य मौसमी दिक्कतों के समय।
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जनता से सुझाव आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने योजना को और प्रभावी बनाने के लिए आम जनता से सुझाव मांगे हैं कि बुजुर्गों के जीवन को और कैसे आसान किया जा सकता है।
सुझाव भेजने के माध्यम
- ईमेल: cm-secretariat-bih@gov.in
- डाक द्वारा:
अपर सचिव, 4 देशरत्न मार्ग,
मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना-800001 - कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार QR कोड स्कैन कर सुझाव भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है (सीएम के सोशल मीडिया पोस्ट में)।
सुझाव देने की कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई है।
योजना का महत्व और पृष्ठभूमि
- सात निश्चय-3 (2025-2030) बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का रोडमैप है।
- यह पहल बुजुर्गों की बढ़ती संख्या और उनकी स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखकर लाई गई है।
- पहले भी सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के तहत स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाएं लागू की गई थीं।
- स्वास्थ्य विभाग को निर्देश है कि घर-घर सेवा पहुंचाने की व्यवस्था जल्द पूरी की जाए।
निष्कर्ष
यह योजना बिहार के बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां अस्पताल दूर होते हैं। इसके पूर्ण रूप से लागू होने के बाद लाखों वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
नवीनतम अपडेट के लिए स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल पर नजर बनाए रखें।









