बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा (6 अक्टूबर 2025) के बाद चुनाव आयोग (ECI) ने धनबल, शराब, ड्रग्स और फ्रीबीज के दुरुपयोग पर सख्त कदम उठाए हैं। आयोग के निर्देश पर विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों ने कुल 33.97 करोड़ रुपये मूल्य की जब्ती की है, जिसमें नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और मुफ्त वस्तुएं शामिल हैं।
यह कार्रवाई मतदाताओं को लालच देकर प्रभावित करने की कोशिशों को रोकने के लिए की गई है।
चुनाव दो चरणों में — 6 और 11 नवंबर 2025 को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
ईसीआई ने सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए हैं और ‘इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS)’ नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जो जब्ती की रीयल-टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित करता है।
🔹 जब्ती का विस्तृत विवरण (6–13 अक्टूबर 2025)
| श्रेणी | जब्त मूल्य (₹ करोड़ में) | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| नकदी | 0.15 | शिवहर में 62 लाख की सबसे बड़ी जब्ती; संदिग्ध स्रोतों से बरामद। |
| शराब | 8.34 | 5.15 लाख लीटर देशी-विदेशी शराब; सारण, भोजपुर, पटना में सर्वाधिक। |
| ड्रग्स / नशीले पदार्थ | 3.13 | कटिहार में 1.5 किलो स्मैक और 50 किलो गांजा बरामद। |
| फ्रीबीज / मुफ्त वस्तुएं | 4.41 | बीज, साड़ी, टी-शर्ट आदि बड़ी मात्रा में जब्त। |
| कुल मूल्य | 33.97 | तीन दिनों में मुख्य जब्ती; अतिरिक्त 8 करोड़ की कार्रवाई जारी। |
जब्तियां राज्य पुलिस, आबकारी विभाग, आयकर विभाग, ईडी, एनसीबी, सीमा शुल्क, जीएसटी और FIU जैसी एजेंसियों द्वारा की गई हैं।
🔹 प्रमुख छापेमारी और घटनाएं
- ट्रेन और सीमा पर सघन चेकिंग:
14 अक्टूबर को छापेमारी में 270 लीटर विदेशी शराब बरामद, 2 गिरफ्तार।
नवादा में 1,470 लीटर महुआ शराब और 7,400 किलो जावा महुआ नष्ट। - मुजफ्फरपुर:
4 अक्टूबर को थूम्मा गांव में 1 करोड़ की विदेशी शराब जब्त; बारकोड मिटाकर पहचान छिपाने की कोशिश नाकाम। - कटिहार और सारण:
1,200 लीटर शराब, 1.5 किलो स्मैक, 50 किलो गांजा और 5 लाख नकद बरामद।
सारण में 3,042 लीटर अवैध शराब, 17 गिरफ्तार। - शिवहर:
एक वाहन से 62 लाख नकद जब्त — चुनावी उपयोग की आशंका। - बक्सर बॉर्डर:
202 कार्टून (₹80 लाख मूल्य) शराब पकड़ी गई, 2 तस्कर गिरफ्तार।
कुल मिलाकर, पिछले एक महीने में:
- 94,942 छापेमारियां
- 19,341 गिरफ्तारियां
- 16,377 FIR दर्ज
- 1,139 वाहन जब्त
- 305 अंतरराज्यीय तस्कर चिह्नित
ड्रोन और हैंडहेल्ड स्कैनर से निगरानी जारी।
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🔹 ईसीआई की रणनीति और निगरानी तंत्र
- फ्लाइंग स्क्वॉड (FS), स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) और वीडियो सर्विलांस यूनिट्स 24×7 सक्रिय।
- हर क्षेत्र में व्यय पर्यवेक्षक की नियुक्ति।
- ESMS ऐप से रीयल-टाइम रिपोर्टिंग।
- जनता के लिए शिकायत नंबर: 15545 / 1800-345-6268।
- 2020 चुनावों में ₹246 करोड़ की जब्ती हुई थी — इस बार शुरुआती तीन दिनों में ही ₹34 करोड़, जो रिकॉर्ड है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा:
“हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी। धनबल या प्रलोभन से चुनाव प्रभावित नहीं होगा।”
🔹 राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
- एनडीए का रुख:
बीजेपी और जेडीयू ने इस कार्रवाई को “पारदर्शी चुनाव का सबूत” बताया।
नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून को “सफल कदम” कहा। - महागठबंधन का आरोप:
आरजेडी ने कहा — “यह जब्तियां एनडीए के भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश हैं।”
तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया — “ईसीआई सतर्क है, लेकिन सरकार की मिलीभगत पर सवाल है।” - अन्य विपक्षी दल:
कांग्रेस और वाम दलों ने और सख्ती की मांग की।
प्रशांत किशोर (जन सुराज) बोले — “यह शुरुआत है, असली खेल अभी बाकी।”
🔹 प्रभाव और निष्कर्ष
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कार्रवाई मतदाताओं का विश्वास बढ़ाएगी, खासकर शहरी इलाकों में।
हालांकि, नेपाल और झारखंड से सटे सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाना चुनौती बना रहेगा।
7.42 करोड़ वोटरों में युवा (18–25 आयु वर्ग) मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह अब तक की सबसे सख्त चुनावी निगरानी मानी जा रही है, जो बिहार की 2016 की शराबबंदी नीति को और मजबूती देती है।
अधिक जानकारी और ताजा अपडेट के लिए ईसीआई की आधिकारिक वेबसाइट या टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें।















