पटना, 16 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच महागठबंधन (INDIA गठबंधन) में सीट बंटवारे का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है।
कांग्रेस ने देर रात अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी की, जिसमें 48 नाम शामिल हैं। यह कदम नामांकन की अंतिम तिथि से ठीक पहले उठाया गया, जिससे सहयोगी दलों — राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और वीआईपी पार्टी (राझ) — के साथ तनाव बढ़ गया।
खासकर दरभंगा की गौरा-बौरम सीट पर आरजेडी और वीआईपी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इसी बीच, राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट विवाद को लेकर चुनाव आयोग (ईसी) पर हमला बोला है।
कांग्रेस की 48 उम्मीदवारों की पहली सूची: युवा और महिलाओं पर जोर
कांग्रेस ने कहा कि सूची में सामाजिक न्याय, युवा प्रतिनिधित्व और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- कुल सीटें: 48
- पहला चरण: 24 सीटें (6 नवंबर)
- दूसरा चरण: 24 सीटें (11 नवंबर)
- SC उम्मीदवार: 10
- ST उम्मीदवार: 1
- महिला उम्मीदवार: 5
- मुस्लिम उम्मीदवार: 4
- सिटिंग विधायक: 8
मुख्य नाम:
- राजेश राम (कुटुंबा, SC) — प्रदेश अध्यक्ष, सिटिंग विधायक
- शकील अहमद खान (कदवा) — पूर्व केंद्रीय मंत्री
- शाश्वत शेखर (पटना साहिब) — आईआईटी-आईआईएम पास युवा चेहरा
- नीतू कुमारी (हिसुआ) — महिला उम्मीदवार, पिछड़ा वर्ग से
- प्रतिमा कुमारी (राजापाकर) — महिला उम्मीदवार
पार्टी ने कहा कि यह सूची “संतुलित सामाजिक प्रतिनिधित्व” का उदाहरण है।
गौरा-बौरम सीट पर राझ-कांग्रेस टकराव
दरभंगा जिले की गौरा-बौरम सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 79) पर गठबंधन का सबसे बड़ा संकट सामने आया है।
- वीआईपी पार्टी (राझ) ने मुकेश सहनी के भाई संतोष साहनी को उम्मीदवार बनाया।
- आरजेडी ने उसी सीट पर अफजल अली खान को पार्टी सिंबल पर उतार दिया।
पृष्ठभूमि:
- यह सीट मल्लाह (निषाद) समुदाय बहुल है — वीआईपी का पारंपरिक वोट बैंक।
- 2020 में बीजेपी के जितेंद्र राय ने यह सीट 12,000 वोटों से जीती थी।
- वीआईपी का दावा है कि यह उनकी 15-16 निर्धारित सीटों में शामिल थी।
अन्य विवादित सीटें:
- वैशाली — आरजेडी बनाम कांग्रेस
- लालगंज — आरजेडी बनाम कांग्रेस
- बछवाड़ा — सीपीआई बनाम कांग्रेस
- रोसड़ा — कांग्रेस बनाम वाम दल
कुल मिलाकर 8-10 सीटों पर फ्रेंडली फाइट की स्थिति बन गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
- पप्पू यादव: “आरजेडी को गठबंधन धर्म निभाना चाहिए।”
- मुकेश सहनी: “हमारा स्वाभिमान दांव पर है।”
- एनडीए: “महागठबंधन बिखर चुका है।”
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राहुल गांधी का हमला: ‘वोट चोरी हो रही है’
वोटर लिस्ट विवाद अब चुनावी मुद्दा बन गया है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ईसी और भाजपा मिलकर वोटर डेटा में धांधली कर रहे हैं।
मुख्य आरोप:
- 69 लाख नाम हटाए गए, 21 लाख नए जोड़े गए।
- 7 अगस्त को दिल्ली में राहुल ने प्रेजेंटेशन देकर कर्नाटक और महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में भी गड़बड़ी का दावा किया।
- 17 अगस्त से 1 सितंबर तक “वोटर राइट्स यात्रा” चलाई गई — 23 जिलों में जागरूकता अभियान।
- सुप्रीम कोर्ट में डिजिटल वोटर लिस्ट की पारदर्शिता को लेकर याचिका दाखिल।
ईसी का जवाब:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा,
“SIR प्रक्रिया पारदर्शी है। 22 लाख मृत वोटर 20 साल पुरानी गलतियों से जुड़े हैं।”
ईसी ने डिजिटल लिस्ट हटाकर स्कैन इमेज जारी की, जिसे राहुल ने “डर का संकेत” बताया।
असर और आगे की संभावनाएं
महागठबंधन में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने हैं।
जहां कांग्रेस ने 48 सीटों की लिस्ट जारी की, वहीं आरजेडी पहले ही 143 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
उधर, एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) ने सीट शेयरिंग फाइनल कर प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर से रैलियां शुरू करेंगे।
कांग्रेस का दावा है कि नाम वापसी (20 अक्टूबर) तक सब कुछ सुलझ जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में असमंजस है।
चुनाव में बेरोजगारी, पलायन, और वोटर लिस्ट विवाद जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
निष्कर्ष:
कांग्रेस की पहली सूची और उसके बाद उठे विवादों ने महागठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगामी दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मतभेद सुलझते हैं या विपक्षी गठबंधन कमजोर पड़ता है।









