पटना, 6 नवंबर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में राज्य ने ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया। कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर 3.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 64.66% ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह राज्य के 75 वर्षों के चुनावी इतिहास का सबसे ऊंचा मतदान प्रतिशत है।
2020 के पहले चरण में यह आंकड़ा 55.68% था, जबकि 2000 में कुल मतदान 62.57% तक पहुंचा था। लगभग 9% की बढ़ोतरी ने राजनीतिक हलकों में उत्सुकता और बहस दोनों पैदा की हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद गुंज्याल ने इसे “शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण मतदान” बताया, जिसमें पहली बार 45,341 मतदान केंद्रों पर 100% लाइव वेबकास्टिंग की गई। हालांकि, कुछ इलाकों (जैसे लखीसराय) में छिटपुट हिंसा और वोटर लिस्ट विवाद भी सामने आए।
जिला-वार मतदान प्रतिशत
| जिला | सीटें | मतदान (%) | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| बेगूसराय | 7 | 67.32 | युवा वोटरों की भागीदारी सबसे अधिक |
| समस्तीपुर | 9 | 66.65 | महिलाओं की मजबूत मौजूदगी |
| मधेपुरा | 7 | 65.74 | परिवर्तन की भावना प्रबल |
| गोपालगंज | 10 | 64.96 | NDA का पारंपरिक गढ़ |
| मुजफ्फरपुर | 6 | 64.63 | शहरी-ग्रामीण संतुलन |
| लखीसराय | 7 | 62.76 | हिंसक घटनाओं का असर |
| सहरसा | 9 | 62.65 | EBC वोट निर्णायक |
| खगड़िया | 7 | 60.65 | बाढ़ प्रभावित इलाका |
| सारण (छपरा) | 12 | 60.90 | महागठबंधन की बढ़त |
| वैशाली | 16 | 59.45 | चिराग पासवान का प्रभाव |
| दरभंगा | 10 | 58.38 | नीतीश कुमार का गढ़ |
| नालंदा | 7 | 57.58 | राहुल गांधी की रैली का असर |
| सीवान | 8 | 57.41 | NDA की चुनौती |
| पटना | 14 | 55.02 | शहरी मतदाताओं की सुस्ती |
| भोजपुर (आरा) | 14 | 53.24 | NDA की मजबूत पकड़ |
| शेखपुरा | 5 | 52.36 | सबसे कम, तकनीकी गड़बड़ी के आरोप |
अंतिम आंकड़े 70% तक पहुंचने की संभावना है।
पहले चरण में कुल 1,314 उम्मीदवार, जिनमें 16 मंत्री शामिल हैं, मैदान में थे।
सियासी प्रतिक्रियाएं
NDA का दावा: “सुशासन की मुहर”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा,
“यह सुशासन, विकास और महिला सशक्तिकरण की जीत है।”
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि महिलाओं और युवाओं का जोश NDA के पक्ष में गया है।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, “उनका कोई सदस्य विधानसभा नहीं पहुंचेगा।”
NDA इसे महिला वोटरों के 2–3% अधिक मतदान का परिणाम बता रहा है।
महागठबंधन का दावा: “परिवर्तन की लहर”
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा,
“यह नीतीश-मोदी के कुशासन के खिलाफ जनमत है।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे “वोट चोरी के खिलाफ जनता की प्रतिक्रिया” बताया।
महागठबंधन का अनुमान — 121 में से 70–75 सीटें उनके पक्ष में जा सकती हैं।
EBC और मुस्लिम वोटरों में नाराजगी, बेरोजगारी और पलायन को लेकर स्पष्ट दिख रही है।
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जन सुराज का दावा: “सत्ता परिवर्तन तय”
प्रशांत किशोर ने कहा,
“इतिहास गवाह है — जब भी मतदान 60% से ऊपर गया, सत्ता बदली।”
उनका दावा है कि यह बार भी जनता बदलाव के मूड में है।
हालांकि शुरुआती अनुमानों में जन सुराज तीसरे स्थान पर है।
राजनीतिक मायने: क्या बदलेगा बिहार का समीकरण?
- महिलाओं की भूमिका: पुरुषों से 2–3% अधिक मतदान — “किंगमेकर” फैक्टर बन सकता है।
- युवा और EBC मतदाता: 18–25 वर्ष आयु वर्ग में 70% से अधिक मतदान; बेरोजगारी मुद्दा प्रमुख।
- जातीय समीकरण: यादव-मुस्लिम (महागठबंधन) बनाम कुर्मी-कोइरी (NDA), लेकिन EBC (18%) वोटों का बंटवारा।
- विवाद और चुनौतियां: वोटर लिस्ट से नाम कटने, EVM खराबी और हिंसा की घटनाओं ने सवाल खड़े किए।
आगे की दिशा
- दूसरा चरण मतदान: 11 नवंबर को 122 सीटों पर, जिनमें मुजफ्फरपुर और वैशाली प्रमुख हैं।
- नतीजे: 14 नवंबर को घोषित होंगे।
- संभावना: यदि कुल मतदान 60% से ऊपर रहा, तो सत्ता परिवर्तन की 70% संभावना मानी जा रही है।
यह रिपोर्ट विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों — चुनाव आयोग, एनडीटीवी, एबीपी लाइव, आज तक, टाइम्स नाउ, X पोस्ट — से संकलित है।














