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बिहार चुनाव 2025: जन सुराज पर मोकामा हत्याकांड का साया, प्रशांत किशोर का एनडीए पर हमला और 65 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी

By Ayush

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पटना, 31 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच जन सुराज पार्टी (जेएसपी) दो बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों के केंद्र में आ गई है। एक तरफ मोकामा में चुनावी हिंसा के दौरान एक समर्थक की हत्या से राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) ने एनडीए के संकल्प पत्र पर तीखा हमला बोला है। इसी बीच पार्टी ने 65 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर कुल उम्मीदवारों की संख्या 116 कर दी है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को है।


मोकामा हत्याकांड: जन सुराज समर्थक की गोली मारकर हत्या, चुनाव आयोग सतर्क

घटना:
30 अक्टूबर को पटना जिले के मोकामा में जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के काफिले पर हमला हुआ। हिंसा में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चश्मदीदों के अनुसार, 15-20 हथियारबंद लोगों ने फायरिंग की और बाद में वाहन से कुचल दिया गया। दुलारचंद पूर्व गैंगस्टर रह चुके थे और उम्मीदवार के समर्थक थे।

चुनाव आयोग की कार्रवाई:
ईसीआई ने घटना पर संज्ञान लेते हुए बिहार डीजीपी और पटना डीईओ से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी। चार एफआईआर दर्ज हुई हैं, एसआईटी गठित हुई और 2-3 संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। मुख्य आरोपी फरार है। मोकामा में सुरक्षा बढ़ाई गई है।


प्रशांत किशोर का बयान: “यह प्रशासन की विफलता, बिहार में जंगलराज की वापसी”

मुजफ्फरपुर में प्रेस से बात करते हुए पीके ने कहा:
“यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला है। दुलारचंद हमारे आधिकारिक सदस्य नहीं थे, लेकिन समर्थक थे। सच सामने आएगा, इसलिए हमने टीम को मौके पर भेजा है।”
उन्होंने कहा कि बिना राजनीतिक गुंडागर्दी खत्म किए विकास संभव नहीं है। जन सुराज ने मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है।

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राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

नेताबयान
तेजस्वी यादव (आरजेडी)“एनडीए का महाजंगलराज। चुनाव आयोग सो रहा है।”
अनंत सिंह (जेडीयू)“यह सूरजभान सिंह की साजिश है।”
वीणा देवी (आरजेडी)“कैमरे पर मजिस्ट्रेट जांच हो।”
एनडीए“यह चुनावी प्रोपेगैंडा है।”

मोकामा लंबे समय से अपराध और जातीय शक्ति संघर्ष का केंद्र रहा है।


एनडीए संकल्प पत्र पर पीके का हमला: “20 साल बाद रिपोर्ट कार्ड दो”

एनडीए के संकल्प पत्र पर पीके ने कहा:
“20 साल शासन के बाद संकल्प पत्र नहीं, रिपोर्ट कार्ड देना चाहिए था। यह दबाव का दस्तावेज है। 1 करोड़ नौकरियां और बाढ़-मुक्त बिहार जैसे वादे पुराने और नकल हैं।”
उन्होंने महागठबंधन पर भी हमला बोला और कहा कि असली मुकाबला एनडीए और जन सुराज के बीच है।


जन सुराज की दूसरी सूची: 65 नए नाम, कुल 116 उम्मीदवार

मुख्य बिंदु:

  • 65 उम्मीदवारों की सूची जारी
  • कुल उम्मीदवार: 116
  • ईबीसी को एक तिहाई टिकट
  • 20 आरक्षित सीटें (19 एससी, 1 एसटी)
  • शिक्षाविद, डॉक्टर, अधिकारी शामिल
  • राघोपुर पर suspense, पीके के चुनाव लड़ने की अटकलें

कुछ प्रमुख उम्मीदवार:

सीटउम्मीदवारश्रेणी
भागलपुरअभयकांत झासामान्य
बड़हरियाडॉ शाहनवाजमुस्लिम
सिवानडॉक्टर (नाम जारी नहीं)सामान्य
हरलाखीरत्नेश्वर ठाकुरपिछड़ा
नरपतगंजजनार्दन यादवपिछड़ा
बथनाहानवल किशोर चौधरीईबीसी
बक्सरतथागत हर्षवर्धनसामान्य
वाल्मीकिनगरएसटी उम्मीदवारअनुसूचित जनजाति

निष्कर्ष

चुनाव नज़दीक हैं और जन सुराज पार्टी अब हिंसक विवाद, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और संगठनात्मक विस्तार, तीनों मोर्चों पर सुर्खियों में है। मोकामा की घटना ने सुरक्षा और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि एनडीए पर पीके के हमले ने चुनावी बहस को और तीखा बना दिया है।

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