पटना, 31 अक्टूबर 2025:
बिहार चुनाव 2025 के बीच, एनडीए और महागठबंधन दोनों ने अपने-अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं। 31 अक्टूबर को पटना में एनडीए ने अपना संयुक्त घोषणा-पत्र ‘संकल्प पत्र 2025’ जारी किया, जबकि महागठबंधन ने 28 अक्टूबर को ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ प्रस्तुत किया था। दोनों दस्तावेज़ रोजगार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, किसानों और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित हैं, लेकिन दृष्टिकोण और वादों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।
एनडीए का ‘संकल्प पत्र 2025’
जारी स्थल: होटल मौर्या, पटना
मुख्य नेता उपस्थित: जेपी नड्डा, नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी
मुख्य थीम
‘पंचामृत गारंटी’ और विकसित बिहार का ब्लूप्रिंट
शीर्ष वादे और कार्यक्रम
- 1 करोड़ से अधिक नौकरियां
- 1 लाख करोड़ का महिला उद्यम पैकेज; 1 करोड़ ‘लखपति दीदी’
- KG से PG तक मुफ्त शिक्षा, मेगा स्किल सेंटर
- किसान सम्मान निधि 9,000 रुपये सालाना, MSP गारंटी
- 5 लाख रूपए तक मुफ्त इलाज
- 4 मेट्रो, 7 एक्सप्रेसवे, स्पोर्ट्स सिटी
एनडीए ने इसे आत्मनिर्भर और आधुनिक बिहार का रोडमैप बताया।
महागठबंधन का ‘तेजस्वी प्रण’
जारी स्थल: होटल मौर्या, पटना
नेतृत्व: तेजस्वी यादव, कांग्रेस व वाम दलों का संयुक्त मंच
केंद्रीय विजन
‘न्यायपूर्ण नया बिहार’
शीर्ष वादे
- हर परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी, 20 महीने के भीतर लागू
- पुरानी पेंशन बहाली
- 200 यूनिट मुफ्त बिजली
- सभी फसलों पर MSP, मंडियों का पुनर्जीवन
- 25 लाख तक स्वास्थ्य बीमा
- भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन
- आरक्षण सीमा 50% से ऊपर कर 9वीं अनुसूची में शामिल
तेजस्वी ने कहा कि वादों को “20 दिनों में विधेयक” के रूप में लागू किया जाएगा।
Also Read सिवान में ASI की निर्मम हत्या: दरौंदा थाने के अनिरुद्ध कुमार का गला रेतकर शव फेंका, पुलिस में हड़कंप
प्रमुख वादों की तुलना
| मुद्दा | एनडीए | महागठबंधन |
|---|---|---|
| रोजगार | 1 करोड़+ नौकरियां, स्किलिंग मॉडल | हर परिवार को एक सरकारी नौकरी |
| बिजली | 125 यूनिट मुफ्त | 200 यूनिट मुफ्त |
| MSP | गारंटी | गारंटी + मंडी सिस्टम पुनर्जीवित |
| महिलाएं | लखपति दीदी, 1 लाख करोड़ पैकेज | बेटी-माई योजना, आरक्षण वृद्धि |
| स्वास्थ्य | 5 लाख तक इलाज | 25 लाख तक बीमा |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | मेट्रो, एक्सप्रेसवे | आईटी पार्क, एक्सप्रेसवे |
| फोकस | दीर्घकालिक विकास और उद्यम | कल्याणकारी योजनाएं और सरकारी नौकरियां |
राजनीतिक और जन प्रतिक्रियाएं
- एनडीए: इसे विकास और सुशासन का वचन बताया।
- महागठबंधन: एनडीए को 20 साल की असफलताओं का दोषी ठहराया।
- सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थन और आलोचना में तेज बहस।
- तटस्थ मूल्यांकन: दोनों घोषणापत्र युवा और महिला वोटरों को टारगेट करते हैं, लेकिन लागत और कार्यान्वयन चुनौतीपूर्ण।
निष्कर्ष
दोनों गठबंधनों ने महत्वाकांक्षी वादे किए हैं। एनडीए विकास और स्किल-आधारित रणनीति पर जोर दे रहा है, जबकि महागठबंधन प्रत्यक्ष लाभ और सरकारी नौकरियों के मॉडल पर केंद्रित है। अब देखना होगा कि मतदाता किस मॉडल को चुनते हैं, क्योंकि पहला मतदान 6 नवंबर को होने वाला है।














