8 नवंबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 6 नवंबर को 121 विधानसभा सीटों पर 64.66% मतदान हुआ — जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।
यह आंकड़ा 1951 के बाद पहली बार इतना ऊंचा गया है।
पिछले चुनावों की तुलना में यह मतदान 8% की वृद्धि दर्शाता है —
- 2000 में: 62.57%
- 2020 में: 56.1%
कुल 3.75 करोड़ मतदाताओं में से 2.42 करोड़ ने वोट डाले।
विशेष रूप से महिलाओं का मतदान पुरुषों से अधिक रहा, जिसे लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक माना गया।
चुनाव आयोग का बयान
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा —
“यह उत्सवपूर्ण और शांतिपूर्ण चुनाव था, जो SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और त्रुटिरहित मतदाता सूची का परिणाम है।”
हालांकि कुछ जिलों से बिजली कटौती और EVM विवाद की शिकायतें आईं, लेकिन समग्र प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रही।
| जिला | मतदान प्रतिशत | टिप्पणी |
|---|---|---|
| बेगूसराय | 67.32% | सबसे अधिक, एनडीए मजबूत |
| गोपालगंज | 64.96% | तेजस्वी यादव का प्रभाव |
| मुजफ्फरपुर | 64.63% | मिनापुर में 73% |
| पटना | 37.72% | शहरी मतदाताओं में उदासीनता |
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
एनडीए की प्रतिक्रिया: “यह हमारी जीत का प्रमाण”
एनडीए (भाजपा, जेडीयू, हम, एलजेपी-आरवी) ने उच्च मतदान को विकास और सुशासन की स्वीकृति बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:
“रिकॉर्ड मतदान से साफ है कि बिहार ने एनडीए को बरकरार रखने का फैसला किया है। पहले चरण में एनडीए ने जबरदस्त बढ़त ली है।”
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी:
“121 सीटों में से 100 पर एनडीए की जीत तय है। महिलाओं की कतारें हमारी ताकत हैं।”
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय:
“बम्पर वोटिंग एनडीए की जीत का संकेत है।”
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान:
“एनडीए को भारी जनादेश मिलेगा — उच्च मतदान इसका प्रमाण है।”
जेडीयू नेता संजय झा:
“यह द्विध्रुवीय चुनाव है। जन सुराज का असर सीमित रहेगा।”
एनडीए का कहना है कि 2020 में इन 121 सीटों पर महागठबंधन को 61 और एनडीए को 59 सीटें मिली थीं,
लेकिन इस बार चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की वापसी से समीकरण बदल चुके हैं।
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महागठबंधन की प्रतिक्रिया: “परिवर्तन की लहर”
महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वाम दल, वीआईपी) ने इस उच्च मतदान को एनडीए के खिलाफ जनता के गुस्से के रूप में देखा।
तेजस्वी यादव (आरजेडी):
“बम्पर वोटिंग से महागठबंधन की जीत पक्की है। 121 में से 80 सीटें हमारी होंगी।”
कांग्रेस नेता पवन खेरा:
“बिहार बदलाव चाहता है। एनडीए का गुंडाराज अब खत्म होगा।”
राजीव शुक्ल:
“हम स्पष्ट बहुमत से जीतेंगे।”
मुकेश साहनी (वीआईपी):
“युवा बदलाव चाहते हैं, एनडीए की खुशी अस्थायी है।”
प्रियंका गांधी:
“हरियाणा की तरह बिहार में भी वोट चोरी से सावधान रहना होगा।”
महागठबंधन का दावा है कि छठ पूजा के लिए लौटे प्रवासी मजदूरों ने एनडीए के खिलाफ मतदान किया।
जन सुराज की प्रतिक्रिया: “बदलाव का संकेत”
प्रशांत किशोर (जन सुराज):
“30 वर्षों में सबसे अधिक मतदान दिखाता है कि बिहार में बदलाव की हवा है। 14 नवंबर को नई व्यवस्था बनेगी।”
उन्होंने अमित शाह के “बिहार में उद्योगों के लिए जमीन नहीं” बयान पर तंज कसा —
“सड़कें बनाने को जमीन है, पर नौकरियां देने को नहीं?”
जन सुराज ने सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, और पहले चरण में इसे X फैक्टर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों और चुनाव आयोग का विश्लेषण
राजनीतिक विश्लेषक:
“उच्च मतदान SIR, बेहतर प्रबंधन और छठ त्योहार का परिणाम है। यह जरूरी नहीं कि किसी एक पक्ष को लाभ दे।”
ईसीआई की रिपोर्ट:
“महिलाओं की बड़ी भागीदारी लोकतंत्र की जीत है। वीवीपैट विवाद पर समस्तीपुर में एफआईआर दर्ज की गई है।”
आगामी चरण
- दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025 (122 सीटें)
- मतगणना: 14 नवंबर 2025
पहले चरण का रिकॉर्ड मतदान बिहार की राजनीति में नया अध्याय जोड़ गया है।
अब सभी की निगाहें 14 नवंबर की गिनती पर हैं — जब ये तय होगा कि बिहार ने किसे चुना।














