पटना, 23 अक्टूबर 2025:
बिहार की राजनीति में आज बड़ा मोड़ आया। विपक्षी महागठबंधन (INDIA गठबंधन) ने पटना के मौर्या होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी प्रसाद यादव को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक चेहरा घोषित कर दिया। वहीं वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया।
यह घोषणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की, जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
इस फैसले के साथ लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
गठबंधन में सर्वसम्मति
महागठबंधन में शामिल दल — आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी, भाकपा, माकपा और अन्य सहयोगी — ने सर्वसम्मति से तेजस्वी के नेतृत्व पर मुहर लगाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव, मुकेश साहनी, अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अल्लावरू, भाकपा के आईपी गुप्ता और माकपा के दीपांकर भट्टाचार्य सहित कई नेता मौजूद थे।
इस मौके पर महागठबंधन का संयुक्त घोषणापत्र भी पेश किया गया, जिसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर ज़ोर दिया गया।
घोषणापत्र का विस्तृत संस्करण 28 अक्टूबर को जारी किया जाएगा।
प्रमुख बयान
अशोक गहलोत ने कहा —
“सभी दलों से चर्चा के बाद तय किया गया है कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे और मुकेश साहनी डिप्टी सीएम पद के। यह बिहार की जनता की आकांक्षाओं का फैसला है। हम पूछना चाहते हैं — एनडीए का सीएम चेहरा कौन है? क्या नीतीश कुमार को साइडलाइन कर दिया गया है?”
तेजस्वी यादव का संकल्प
तेजस्वी यादव ने कहा —
“हम सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एकजुट हुए हैं। मेरी परछाई भी अगर गलत काम करेगी, तो मैं खुद सजा दिलवाऊंगा।”
उन्होंने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि “नीतीश कुमार को साइडलाइन कर दिया गया है, भाजपा उन्हें इस्तेमाल कर छोड़ देगी।”
मुकेश साहनी की प्रतिक्रिया
वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी ने कहा —
“तीन साल से इस दिन का इंतज़ार था। यह मेरे लिए नहीं, बल्कि बिहार के पिछड़े वर्गों के सम्मान की जीत है। हमने गंगाजल लेकर संकल्प लिया है कि भाजपा को बिहार से हटाना है।”
अन्य घोषणाएं और रणनीति
- 11 सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ जारी रहेगी, जिन पर सीट बंटवारे को लेकर मतभेद हैं।
- युवाओं के लिए 10 लाख नौकरियों, महिलाओं को मासिक भत्ता, और किसानों के लिए कर्जमाफी के वादे दोहराए गए।
- संयुक्त प्रचार रणनीति और क्षेत्रवार साझा सभाओं की रूपरेखा भी तय की गई।
एनडीए का तीखा पलटवार
महागठबंधन के ऐलान पर एनडीए (भाजपा-जद(यू)-हम्म) ने हमला बोला, इसे “ठगबंधन” करार दिया।
गिरिराज सिंह ने कहा —
“तेजस्वी यादव परिवारवाद और भ्रष्टाचार का प्रतीक हैं। लालू परिवार ने बिहार को लूटा है। महागठबंधन जनता को ठगने का प्रयास कर रहा है।”
सम्राट चौधरी ने कहा —
“लालू ने कांग्रेस पर दबाव डालकर तेजस्वी को सीएम फेस बनवाया। यह महाभूल है।”
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा —
“महागठबंधन में फूट है। कोई विजन नहीं, सिर्फ कुर्सी की राजनीति है।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर
बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे, नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।
2015 की तरह इस बार भी महागठबंधन ने स्पष्ट चेहरा पेश किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी की युवा छवि और मुकेश साहनी का पिछड़े वर्गों से जुड़ाव, महागठबंधन को नया जोश दे सकता है।
हालांकि, एनडीए की ओर से अब तक सीएम फेस की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक रूप से, यह ऐलान बिहार चुनाव को और तीखा मुकाबला बना सकता है।
सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर #TejashwiCMFace ट्रेंड कर रहा है। समर्थक इसे “बदलाव की शुरुआत” बता रहे हैं, जबकि एनडीए समर्थक #ThugBandhan हैशटैग से हमला कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा — “तेजस्वी की छाया भी गलत न करे, यह बयान ही जनता का भरोसा जीत लेगा।”
निष्कर्ष
तेजस्वी-मुकेश जोड़ी का ऐलान बिहार की राजनीति में नया समीकरण बना रहा है।
जहां एक ओर महागठबंधन इसे “एकता का प्रतीक” बता रहा है, वहीं एनडीए इसे “परिवारवाद की वापसी” कह रहा है।
अब 6 नवंबर को पहले चरण के मतदान से पहले राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।














