पटना | दिसंबर 2025
दिसंबर 2025 तक बिहार के कई जिलों से हत्या, लूट, शराब तस्करी और संगठित अपराध की घटनाएं सामने आई हैं। शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध तस्करी और हिंसक अपराध पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। नीचे राज्य के प्रमुख और हालिया मामलों का विवरण दिया गया है।
भोजपुर: मजदूर की बेरहमी से हत्या
घटना:
9 दिसंबर 2025 को भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के मलौर गांव में मजदूर काशी पासवान (35 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने ईंट-पत्थर से पीटने के बाद उनकी बायीं आंख में नुकीला हथियार घोंप दिया। शव गांव से कुछ दूरी पर एक झोपड़ी में मिला।
मामले का विवरण:
मृतक की पत्नी कांति देवी ने ठेकेदार धर्मेंद्र और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले गांव में एक पार्टी के दौरान विवाद हुआ था।
पुलिस कार्रवाई:
एक नामजद आरोपी गोरख शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पटना: कुख्यात शराब तस्कर सुमन देवी गिरफ्तार
घटना:
15 दिसंबर 2025 को पटना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रही कुख्यात शराब तस्कर सुमन देवी को गिरफ्तार किया।
विवरण:
सुमन देवी अपराधी जयकांत राय की पत्नी है। उसके खिलाफ हत्या और शराब तस्करी सहित 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह नदी मार्ग से मल्लाहों की मदद लेकर अवैध शराब की तस्करी करती थी। गिरफ्तारी धवलपुरा इलाके से हुई।
पुलिस कार्रवाई:
गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ जारी है। शराबबंदी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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अन्य प्रमुख अपराध घटनाएं
पटना और आसपास
- गर्दनीबाग: 460 लीटर विदेशी शराब बरामद, तस्कर फरार
- चितकोहरा: छिपाकर रखी गई शराब जब्त
बक्सर
- बिहार–यूपी बॉर्डर पर तीन महिलाओं सहित पांच शराब तस्कर गिरफ्तार
- 117 लीटर शराब और बीयर बरामद
- शराब भोजपुर ले जाई जा रही थी
अररिया
- रंजन यादव हत्याकांड में चार आरोपी गिरफ्तार
- जमीन विवाद में गोली मारकर हत्या
जमुई
- फेरीवाले से चाकू की नोक पर 7,300 रुपये की लूट
हाजीपुर
- कलेक्शन एजेंट से 15 लाख रुपये की लूट का खुलासा
- तीन आरोपी गिरफ्तार, 5 लाख रुपये बरामद
राज्य में अपराध का ट्रेंड
- शराब तस्करी के खिलाफ अभियान तेज
- सीमावर्ती जिलों में छापेमारी और गिरफ्तारियां
- हत्या और लूट की घटनाएं कई जिलों से रिपोर्ट
निष्कर्ष
ये घटनाएं दर्शाती हैं कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध तस्करी और अपराध नियंत्रण बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के चलते कई मामलों में त्वरित गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक पुलिस बयानों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर नजर बनाए रखें।









