पटना, 4 अक्टूबर 2025:
बिहार में विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं और विपक्षी दल अपनी रणनीतियों को धार दे रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), जो महागठबंधन का अहम हिस्सा है, ने हाल ही में “मोस्ट बैकवर्ड जस्टिस मेनिफेस्टो” जारी किया है।
यह घोषणा 24 सितंबर 2025 को पटना के सदाकत आश्रम में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद की गई। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मौजूद थे।
मेनिफेस्टो का मुख्य फोकस OBC, EBC, SC/ST और महिलाओं जैसे वर्गों पर है, जिसमें सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर ज़ोर दिया गया है।
हालांकि, चुनाव आयोग की टीम के पटना दौरे (3–5 अक्टूबर) के बीच यह मेनिफेस्टो राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
NDA ने इसे “जुमला” बताया, जबकि RJD ने खुला समर्थन दिया।
📜 मेनिफेस्टो जारी होने की पृष्ठभूमि
- लॉन्च डेट और स्थान:
26 सितंबर 2025 को प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोतिहारी से चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए इसका औपचारिक विमोचन किया।
यह पहली बार है जब प्रियंका गांधी बिहार विधानसभा चुनाव में सक्रिय रूप से रैली कर रही हैं, खासकर महिला मतदाताओं को लक्षित करते हुए। - कांग्रेस की रणनीति:
महागठबंधन में कांग्रेस के साथ RJD, CPI, CPI(M), CPI(ML) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) शामिल हैं।
कांग्रेस ने अपने कोटे की 76 सीटें तय कर ली हैं, जिनमें से 36 पर उम्मीदवार लगभग फाइनल हो चुके हैं।
यह मेनिफेस्टो इन सीटों पर केंद्रित कैंपेन का आधार बनेगा। - प्रमुख नेता:
- राहुल गांधी ने इसे “पिछड़ों के लिए न्याय की गारंटी” बताया।
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे “बिहार की सामाजिक क्रांति का दस्तावेज़” कहा।
🔹 मेनिफेस्टो के प्रमुख वादे
कांग्रेस के मेनिफेस्टो में 10 मुख्य बिंदु शामिल हैं, जो शिक्षा, शासन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक न्याय पर केंद्रित हैं।
| प्रमुख वादा | विवरण |
|---|---|
| शिक्षा में भागीदारी | पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में 50% आरक्षण। कर्पूरी ठाकुर मॉडल पर आधारित फ्री कोचिंग और स्कॉलरशिप योजना। 25 लाख छात्रों को सालाना ₹10,000 की सहायता। |
| शासन में प्रतिनिधित्व | विधानसभा और नौकरियों में OBC/EBC के लिए 65% आरक्षण। महिलाओं के लिए 40% क्षैतिज आरक्षण (पुलिस भर्ती सहित)। |
| रोजगार गारंटी | ग्रामीण क्षेत्रों में MGNREGA के तहत 100 की बजाय 200 दिन का रोजगार। युवाओं के लिए 10 लाख नौकरियां, जिनमें 50% पिछड़ों को प्राथमिकता। |
| महिला सशक्तिकरण | पर्दानशीं महिलाओं के लिए विशेष वोटर आईडी प्रक्रिया। यौन अपराधों पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट। पंचायत चुनावों में महिलाओं का आरक्षण 33% से बढ़ाकर 50%। |
| आर्थिक न्याय | पिछड़ों के लिए लोन सब्सिडी और MSME फंड। बांका जैसे जिलों में स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा, जहां कांग्रेस 35 वर्षों से जीत से दूर है। |
| स्वास्थ्य और पर्यावरण | हर गांव में मुफ्त स्वास्थ्य केंद्र। SIR (विशेष गहन संशोधन) प्रक्रिया पर पारदर्शिता की मांग। |
| कृषि सुधार | MSP को कानूनी गारंटी और किसानों के लिए ₹2 लाख तक की ऋण माफी। |
(स्रोत: कांग्रेस की आधिकारिक रिलीज़ और AajTak रिपोर्ट)
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⚔️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद
NDA का हमला
BJP प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा:
“यह पुराने वादों का पुनर्चक्रण है। 2020 में कांग्रेस अकेले लड़ी और 19 सीटों पर सिमट गई।”
JDU ने महिलाओं से जुड़े वादों को “चुनावी ड्रामा” बताया।
महागठबंधन का समर्थन
RJD नेता तेजस्वी यादव ने इसे “साझा विज़न” कहा, हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के मुद्दे पर ऐतराज़ जताया।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर BJP से “गठबंधन” का आरोप लगाया।
विवादास्पद मुद्दे
- कांग्रेस ने AI-जनरेटेड वीडियो विवाद को मेनिफेस्टो में शामिल किया।
- पार्टी ने कहा, “अगर BJP का वीडियो फेक है, तो जनता वोट न दे।”
- पटना हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक वीडियो को हटाने का आदेश दिया।
- वोटर लिस्ट (SIR) पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर NDA ने सवाल उठाए हैं।
ओपिनियन पोल प्रभाव
हालिया सर्वे में महागठबंधन को 35% समर्थन दिखाया गया है, लेकिन महिलाओं का वोट (45%) इस मेनिफेस्टो से खासा प्रभावित हो सकता है।
🗓️ भविष्य की योजनाएं
- अभियान:
प्रियंका गांधी की रैलियां मोतिहारी से शुरू हो चुकी हैं, अगली पटना में होगी।
राहुल गांधी 10 अक्टूबर को “वोटर अधिकार यात्रा” निकालेंगे। - चुनाव शेड्यूल:
ECI द्वारा 6–7 अक्टूबर को तिथियों की घोषणा की संभावना है।
बिहार में 5–6 चरणों में मतदान होगा, जिसकी शुरुआत नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। - चुनौतियां:
कांग्रेस को बांका जैसे जिलों में 35 साल पुरानी हार को तोड़ना होगा, जहां 1985 के बाद कोई जीत नहीं मिली।
महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत जारी है।
🧭 निष्कर्ष
कांग्रेस का यह मेनिफेस्टो बिहार की राजनीति को जातिगत समीकरणों और सामाजिक न्याय के मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित करता है।
राज्य में पिछड़े वर्गों का वोट बैंक लगभग 63% है, इसलिए यह दस्तावेज़ चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
अधिक अपडेट्स के लिए: कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय न्यूज चैनलों को फॉलो करें।
जय हिंद! 🇮🇳














