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पूर्वी भारत का सबसे बड़ा लोक आस्था पर्व

By Ayush

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बिहार, पटना | अक्टूबर 2025:
पूर्वी भारत का सबसे बड़ा आस्था पर्व छठ पूजा 2025 इस बार 25 अक्टूबर (शनिवार) से 28 अक्टूबर (मंगलवार) तक मनाया जाएगा।
यह पर्व दिवाली (20 अक्टूबर) के ठीक छह दिन बाद शुरू होगा और चार दिनों तक चलेगा।

इस बार का विशेष संयोग यह है कि त्योहार शनिवार से मंगलवार तक फैला है, जिससे प्रवासी बिहारवासियों को घर लौटने में आसानी होगी।

छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिसमें परिवार की सुख-समृद्धि, संतान रक्षा और स्वास्थ्य की कामना की जाती है।


🗓️ छठ पूजा 2025 की तिथियां और प्रमुख अनुष्ठान

चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व बेहद अनुशासन और शुद्धता से मनाया जाता है।
नीचे दी गई हैं प्रमुख तिथियां और अनुमानित मुहूर्त (पटना के अनुसार):

दिनतारीख (2025)मुख्य अनुष्ठानशुभ मुहूर्त (लगभग)
नहाय-खाय (पहला दिन)25 अक्टूबर, शनिवारपवित्र स्नान और एक समय शुद्ध भोजनसुबह 6:00 बजे से (सूर्योदय 6:00 AM)
खरना (दूसरा दिन)26 अक्टूबर, रविवारनिर्जला व्रत आरंभ, गुड़ की खीर-रोटी प्रसादशाम 5:30–6:30 बजे (सूर्यास्त 5:40 PM)
संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन)27 अक्टूबर, सोमवारडूबते सूर्य को अर्घ्य, 36 घंटे का व्रतशाम 5:30–6:30 बजे
उषा अर्घ्य (चौथा दिन)28 अक्टूबर, मंगलवारउगते सूर्य को अर्घ्य, व्रत पारणसुबह 6:00–6:30 बजे (सूर्योदय 6:04 AM)

🕉️ नोट: मुहूर्त स्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।


🌾 पूजा सामग्री

छठ पूजा की थाली में शामिल होती हैं —
ठेकुआ, केला, सेब, नारियल, सुपारी, कमल गट्टा, गन्ना, कद्दू, और मौसमी फल।
हर सामग्री शुद्धता और प्रकृति के प्रति आभार का प्रतीक मानी जाती है।


🙏 पूजा विधि और धार्मिक महत्व

पहला दिन (नहाय-खाय):
व्रती महिलाएं गंगा, सोन या स्थानीय नदी में स्नान करती हैं और एक समय शुद्ध भोजन ग्रहण करती हैं।

दूसरा दिन (खरना):
गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर परिवार और पड़ोसियों में बांटा जाता है।

तीसरा-चौथा दिन (अर्घ्य):
व्रती कमर तक जल में खड़े होकर सूर्य को जल, दूध और फल अर्पित करती हैं — पहले डूबते सूर्य को, फिर उगते सूर्य को।

✨ यह पूजा पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल है — न पटाखे, न मूर्ति, न प्रदूषण।

📖 महत्व:
वेदों में सूर्य को जीवनदाता कहा गया है और छठी मैया को उनकी बहन माना जाता है, जो संतान रक्षा और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
वैज्ञानिक दृष्टि से, सूर्य स्नान से विटामिन D मिलता है जो शरीर के लिए लाभकारी है।

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🏞️ बिहार में तैयारी और प्रशासनिक व्यवस्था

बिहार सरकार ने पर्व को शांतिपूर्ण और स्वच्छ बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं:

  • पटना: 109 घाटों को 21 सेक्टरों में विभाजित कर सफाई और सुरक्षा टीमें तैनात।
  • नालंदा: संवेदनशील घाट चिन्हित, विधि-व्यवस्था के सख्त निर्देश।
  • दरभंगा, कटिहार, चिरकुंडा: फ्लैग मार्च और ट्रैफिक कंट्रोल प्लान लागू।

पुलिस ने दीपावली-छठ-चुनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में शांति बैठकें की हैं।
घाटों पर लाइव मॉनिटरिंग, ड्रोन सर्विलांस और मेडिकल टीमें भी तैनात की जाएंगी।


🎭 सांस्कृतिक और सामाजिक माहौल

  • प्रमुख घाट: भागलपुर का गंगा घाट, पटना का दीघा घाट, और मुंगेर का सीता मंदिर परिसर
  • प्रवासी समुदाय: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता में भी पार्कों और कृत्रिम तालाबों पर पूजा आयोजित होगी।
  • सोशल मीडिया पर #ChhathPuja2025 ट्रेंड कर रहा है — लोग शुभकामनाएं और पूजा की तस्वीरें साझा कर रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा —

“छठी मैया माफ न करना पापियों को, रोशनी सबको बराबर मिले।”


🌞 छठ पूजा — आस्था, एकता और पर्यावरण का संगम

कार्तिक मास में मनाया जाने वाला यह पर्व बिहार की सांस्कृतिक पहचान है।
यह न केवल धार्मिक भावना का प्रतीक है, बल्कि सामूहिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है।


जय छठी मैया! 🌸
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