पटना, 28 जनवरी 2026 — बिहार की राजनीति में कांग्रेस और आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) में आंतरिक कलह और विवाद तेज हो गए हैं। कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती को लेकर विपक्षी दलों में आक्रोश है। ये घटनाक्रम 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के बाद महागठबंधन की कमजोरी को उजागर कर रहे हैं।
शकील अहमद का राहुल गांधी पर हमला
- शकील अहमद (पूर्व कांग्रेस महासचिव, तीन बार विधायक और दो बार सांसद) ने जनवरी 2026 में कांग्रेस छोड़ने के बाद से राहुल गांधी पर लगातार निशाना साधा है।
- हाल ही में एक पॉडकास्ट/इंटरव्यू में उन्होंने राहुल गांधी को “डरपोक” (coward), “असुरक्षित” (insecure) और “तानाशाह” बताया। उनका आरोप: राहुल गांधी जमीनी आधार वाले वरिष्ठ नेताओं से डरते हैं, केवल चापलूसी करने वाले युवा नेताओं को बढ़ावा देते हैं, और पार्टी में कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है।
- शकील ने कहा: “राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में असहज महसूस करते हैं। वे सिर्फ तारीफ करने वालों को पसंद करते हैं। सोनिया गांधी सभी को साथ लेकर चलती थीं, लेकिन राहुल नेताओं से मिलते नहीं।”
- संविधान बचाओ आंदोलन को भी उन्होंने निरर्थक बताया और कहा कि मुस्लिम समाज भी राहुल के आरोपों से असहमत है।
- जान का खतरा: 26-27 जनवरी को शकील अहमद ने एक्स (ट्विटर) पर दावा किया कि कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस/युवा कांग्रेस को आदेश दिया है कि 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने उनके पटना और मधुबनी आवास पर हमला किया जाए। उन्होंने गुप्त सूचना का हवाला दिया और अपनी जान-माल को खतरा बताया।
- वायरल व्हाट्सएप ग्रुप: उन्होंने एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनके पुतले जलाने का संदेश था। शकील ने इसे राहुल गांधी के आदेश से जोड़ा।
- प्रतिक्रिया: कांग्रेस ने शकील को “निराधार आरोप” लगाने वाला बताया। BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि शकील ने राहुल को “बेनकाब” कर दिया है।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा कटौती पर विवाद
- 16 जनवरी 2026 की उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद गृह विभाग ने कई नेताओं की सुरक्षा में बदलाव किया।
- तेजस्वी यादव (नेता प्रतिपक्ष) की सुरक्षा Z श्रेणी से घटाकर Y+ कर दी गई (एस्कॉर्ट गाड़ी के साथ)। पहले चुनाव से पहले Z+ दी गई थी।
- आरजेडी ने इसे “सरकार की घबराहट” बताया। प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा: “विपक्ष के आंदोलन से पहले सुरक्षा कटौती विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है।”
- तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी: “सुरक्षा घटाई गई तो इसमें क्या बुरा है? जनता के बीच रहना सुरक्षित है।”
- विपक्षी आरोप: इसे एनडीए सरकार द्वारा विपक्ष को कमजोर करने का प्रयास बताया गया।
- सत्ता पक्ष की बढ़ी सुरक्षा:
- BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को Z श्रेणी।
- JDU नेता ललन सिंह, संजय सरावगी, मंगल पांडे को Z।
- गिरिराज सिंह को Y+।
- कांग्रेस/आरजेडी नेताओं की कटौती: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राजेश राम, मदन मोहन झा और RJD के उदय नारायण चौधरी की सुरक्षा हटाई गई।
राजनीतिक प्रभाव
- कांग्रेस में संकट: शकील अहमद का बयान बिहार कांग्रेस में उथल-पुथल ला रहा है। पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है।
- आरजेडी में परिवारवाद विवाद: रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी को “पपेट प्रिंस” कहा, पार्टी के पतन पर चिंता जताई।
- महागठबंधन की कमजोरी: 2025 चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद आंतरिक कलह बढ़ी है। NDA मजबूत हो रहा है।
ये घटनाएं बिहार की विपक्षी राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं। स्थिति तेजी से बदल सकती है – आधिकारिक बयान या नई घटनाओं का इंतजार है।
(स्रोत: प्रभात खबर, आज तक, जी न्यूज, एनडीटीवी, हिंदुस्तान, अमर उजाला — 28 जनवरी 2026 तक की रिपोर्ट्स पर आधारित)
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