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गया मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) में महिला मरीज की मौत के बाद हंगामा: परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप, अस्पताल में तोड़फोड़, 6 लोग घायल – पुलिस ने FIR दर्ज की

By Ayush

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गया, 22 जनवरी 2026 — बिहार के गया जिले स्थित गया मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने भारी हंगामा कर दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट की और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ मचा दी। इस घटना में कम से कम 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन डॉक्टरों का आरोप है कि यह घटना स्वास्थ्यकर्मियों पर बढ़ते हमलों की एक और कड़ी है।

घटना का विवरण

  • घटना का समय: 21 जनवरी 2026 की शाम/रात (सटीक समय पुलिस जांच में स्पष्ट होगा)।
  • महिला मरीज (नाम गोपनीय, उम्र लगभग 45-50 वर्ष) को गंभीर हालत में GMCH के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
  • परिजनों का आरोप: मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। वे चिल्लाने लगे, “डॉक्टरों ने जानबूझकर मारा” जैसे आरोप लगाए।
  • हंगामा और हमला: परिजनों के एक ग्रुप ने जूनियर डॉक्टरों को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। अस्पताल के फर्नीचर, ग्लास, मशीनें तोड़ी गईं। वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।
  • घायल: अस्पताल सूत्रों के अनुसार 6 लोग घायल हुए – 2-3 जूनियर डॉक्टर (सिर और चेहरे पर चोटें), 2-3 नर्स/स्टाफ। कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई, जबकि गंभीर घायलों को आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।
  • पुलिस कार्रवाई: गया पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। परिजनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई (धारा 307, 323, 427, 353 आदि के तहत)। जांच जारी है, कुछ परिजनों को हिरासत में लिया गया है।

डॉक्टरों और IMA का रुख

  • जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा: “हम मरीजों की जान बचाने के लिए हैं, लेकिन हमला सहन नहीं करेंगे।”
  • गया के डॉक्टरों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है। कई डॉक्टरों ने कहा कि ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं (पिछले महीनों में बिहार में कई हमले हो चुके हैं)।
  • मांग: अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाई जाए, CCTV मजबूत हों, और हमलावरों पर सख्त कार्रवाई हो।

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राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

  • बिहार स्वास्थ्य मंत्री या CM नीतीश कुमार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन स्थानीय विधायक/प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
  • सोशल मीडिया पर #JusticeForDoctors और #StopAttacksOnDoctors ट्रेंड कर रहा है। कई लोग कह रहे हैं कि मरीजों की मौत पर डॉक्टरों को दोष देना गलत है, जांच होनी चाहिए।
  • यह घटना पटना शंभू हॉस्टल कांड के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर रही है।

यह घटना बिहार के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर-मरीज परिजन विवाद की एक और मिसाल है। पुलिस जांच से और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। स्थिति तेजी से बदल सकती है – आधिकारिक अपडेट के लिए गया पुलिस या GMCH की वेबसाइट चेक करें।

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