18–19 नवंबर 2025 को हाजीपुर (वैशाली) स्थित पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के निर्माण विभाग के कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी ने रेलवे सिस्टम में व्याप्त गहरे भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया। कार्रवाई में डिप्टी चीफ इंजीनियर आलोक कुमार सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया और लगभग 98.8 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। घोटाला इस बात से जुड़ा है कि रेलवे निर्माण परियोजनाओं में निम्न गुणवत्ता की सामग्री को मंजूरी दी जा रही थी और इसके बदले रिश्वत ली जा रही थी।
1. पृष्ठभूमि: रेलवे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार
- हाजीपुर क्षेत्र में सुगौली से अररिया तक बड़ी परियोजनाएं चल रही थीं—ट्रैक डबलिंग, ब्रिज निर्माण, स्टेशन अपग्रेड।
- सीबीआई को सूचना मिली कि ईसीआर अधिकारी और निजी ठेकेदार एम/एस जेपीडब्ल्यू इंफ्राटेक के बीच रिश्वत की सांठगांठ है।
- अधिकारी निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री को स्वीकार कर रहे थे और इसके बदले अवैध भुगतान प्राप्त कर रहे थे।
ट्रिगर:
15 नवंबर 2025 को ठेकेदार गोविंद भुल्लर द्वारा रिश्वत की राशि हाजीपुर लाई जा रही थी। सूरज प्रसाद ने दो स्थानों से कुल 92 लाख रुपये इकट्ठा किए थे। सीबीआई ने पुख्ता सूचना पर ट्रैप बिछाया।
2. सीबीआई की कार्रवाई: 12 घंटे का ऑपरेशन
स्थान: हाजीपुर जंक्शन के पीछे रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग कार्यालय
अवधि: 18 नवंबर शाम से 19 नवंबर सुबह तक
मुख्य बिंदु:
- सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम ने ट्रैप ऑपरेशन में आलोक कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
- कर्मचारियों को आधी रात तक कार्यालय में रोककर तलाशी ली गई।
- 11 ठिकानों (बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल) पर तलाशी जारी है।
- नकद गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी।
3. गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिकाएं
| नाम | पद/भूमिका | विवरण |
|---|---|---|
| आलोक कुमार | डिप्टी चीफ इंजीनियर, ईसीआर | मुख्य आरोपी, रिश्वत लेते पकड़े गए |
| आलोक कुमार दास | ऑफिस सुपरिंटेंडेंट | फाइलें और दस्तावेज़ों की हेराफेरी में शामिल |
| गोविंद भुल्लर (उर्फ अमन) | प्रोजेक्ट मैनेजर, जेपीडब्ल्यू इंफ्राटेक | रिश्वत की व्यवस्था करने वाला ठेकेदार प्रतिनिधि |
| सूरज प्रसाद | कर्मचारी, जेपीडब्ल्यू | 92 लाख रुपये इकट्ठा करने वाला |
सभी को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया और 21 नवंबर तक रिमांड दिया गया।
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4. बरामद सामग्री
- नकद: लगभग 98.8 लाख रुपये
- दस्तावेज़, प्रोजेक्ट फाइलें
- निम्न गुणवत्ता सामग्री से संबंधित मंजूरी रिकॉर्ड
- सरकारी खजाने को करोड़ों के नुकसान की संभावना
5. प्रतिक्रियाएं
रेलवे विभाग:
- ईसीआर ने बयान जारी कर विभागीय जांच शुरू की।
- डिप्टी चीफ इंजीनियर को निलंबित किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति।
- विपक्ष (राजद): “यह घोटाला विकास के दावों की पोल खोलता है।”
सीबीआई वक्तव्य:
- “सांठगांठ से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा था, आगे और गिरफ्तारियां संभव।”
सोशल मीडिया:
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6. आगे की जांच और संभावित प्रभाव
- 11 स्थानों पर तलाशी जारी, कंपनी के और अधिकारी जांच के घेरे में।
- ठेकेदार कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने की संभावना।
- रेलवे परियोजनाओं में बड़े ऑडिट की तैयारी।
- यह मामला रेलवे के अन्य भ्रष्टाचार मामलों से भी जुड़ सकता है।









