पटना, 9 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच प्रशांत किशोर (PK) की जन सुराज पार्टी ने आज अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी।
इस लिस्ट में कुल 51 नाम शामिल हैं — और जैसा कि पीके ने पहले वादा किया था, यह सच में “सरप्राइज” से भरी हुई है।
लिस्ट जारी होते ही सोशल मीडिया पर #JanSuraj ट्रेंड करने लगा।
लोगों ने इसे “नई हवा” बताते हुए मीम्स और रिएक्शन शेयर किए।
🗓️ लिस्ट जारी होने का बैकग्राउंड
जन सुराज पार्टी ने पहले ही 3 अक्टूबर को ऐलान किया था कि 9 अक्टूबर को पहली लिस्ट जारी की जाएगी।
पार्टी अध्यक्ष उदय सिंह (पप्पू सिंह) ने बताया कि नवरात्रि के पहले सभी नाम फाइनल कर दिए गए थे।
प्रशांत किशोर ने 6 अक्टूबर को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था —
“यह लिस्ट कई आश्चर्यों से भरी होगी, और इसमें मेरा नाम भी होगा।”
हालांकि, जब लिस्ट जारी हुई तो पीके का नाम उसमें नहीं था।
बाद में पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रशांत किशोर खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि रणनीतिक नेतृत्व की भूमिका निभाएंगे।
🧾 पहली लिस्ट की खास बातें
- कुल उम्मीदवार: 51
- सभी 243 सीटों पर लड़ने का ऐलान
- अभियान की शुरुआत: 11 अक्टूबर से राघोपुर (तेजस्वी यादव का गढ़)
- मुख्य फोकस: बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा
🌟 प्रमुख उम्मीदवार और “सरप्राइज” नाम
| सीट का नाम | उम्मीदवार | खासियत / सरप्राइज |
|---|---|---|
| करगहर (रोहतास) | रितेश पांडे | भोजपुरी स्टार; पीके के जन्मस्थान से उम्मीद थी कि वे खुद लड़ेंगे, लेकिन स्टार चेहरा चुना। |
| भोरे (गोपालगंज) | प्रीति किन्नर | ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता; बिहार में पहली बार ऐसा टिकट दिया गया। |
| छपरा शहर | जेपी सिंह | पूर्व एडीजी; कानून-व्यवस्था पर फोकस। |
| दरभंगा सदर | आरके मिश्रा | स्थानीय लोकप्रिय नेता; संगठन में सक्रिय। |
| सहरसा शहर | किशोर मुन्ना | युवा चेहरा; अल्पसंख्यक समुदाय से। |
| इमामगंज | अजीत राम | अनुसूचित जाति उम्मीदवार; सामाजिक न्याय पर जोर। |
| मांझी (छपरा) | वाईवी गिरि | वरिष्ठ वकील; कानूनी पृष्ठभूमि मजबूत। |
| अस्थावां | लता सिंह | पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी; राजनीतिक वंश की झलक। |
| ढाका (पूर्वी चंपारण) | लाल बाबू प्रसाद | स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय, साफ छवि वाले उम्मीदवार। |
⚖️ सामाजिक संतुलन का फॉर्मूला
पीके की लिस्ट में जातीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का स्पष्ट संतुलन दिखा:
- 7 सीटें सुरक्षित वर्ग के लिए
- 17 उम्मीदवार अतिपिछड़ा वर्ग से
- 11 उम्मीदवार पिछड़ा वर्ग से
- 8–9 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से (जिनमें 6 मुस्लिम शामिल)
प्रशांत किशोर ने पहले ही कहा था कि जन सुराज “हर समाज की आवाज़” बनेगा।
💬 राजनीतिक और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं
लिस्ट आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स ने लिखा —
“क्या यही है बिहार की नई राजनीति?”
“ट्रांसजेंडर और पूर्व अफसर उम्मीदवार बनाकर PK ने सबको चौंका दिया!”
विपक्ष ने इस लिस्ट को “राजनीतिक अवसरवाद” बताया, जबकि कई युवा इसे “आशा की शुरुआत” कह रहे हैं।
🔥 पार्टी में हलचल और बगावत के संकेत
लिस्ट जारी होते ही कुछ पुराने कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।
आरोप लगे कि “टिकट पैसे लेकर दिए गए” और योग्य कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया।
इस पर पीके ने कहा:
“थोड़ी नाराजगी स्वाभाविक है। परिवार में मतभेद होते हैं, लेकिन हमने जनता से जो वादा किया था, उसे निभाया है।”
🚀 आगे की रणनीति
- 11 अक्टूबर से जन सुराज की बिहार यात्रा दोबारा शुरू होगी।
- प्रशांत किशोर खुद राघोपुर से तेजस्वी यादव के गढ़ में प्रचार की शुरुआत करेंगे।
- पार्टी बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और शिक्षा के मुद्दों को लेकर युवा वोटरों को टारगेट कर रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह लिस्ट बिहार की त्रिकोणीय लड़ाई (एनडीए vs महागठबंधन vs जन सुराज) को और दिलचस्प बना रही है।









