पटना, 09 फरवरी 2026 — बिहार की सियासत में बड़ा तूफान मचा हुआ है। पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 6 फरवरी 2026 की देर रात (शुक्रवार आधी रात) 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें पहले IGIMS और फिर पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में भर्ती कराया गया। सांसद को स्ट्रेचर पर अस्पताल से बेउर जेल शिफ्ट किया गया, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से फिलहाल PMCH में ही न्यायिक हिरासत में रखा गया है। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है, लेकिन 9 फरवरी (सोमवार) को जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है।
गिरफ्तारी का कारण और केस डिटेल
- मामला 1995 का है, जो गर्दनीबाग थाना में दर्ज हुआ था (FIR नंबर 552/1995)।
- शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने उनके किराए के घर को धोखे से लिया और बिना बताए इसे सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया। इसमें धोखाधड़ी, दस्तावेजों में जालसाजी (IPC की धारा 467, 419, 420, 468, 448, 506, 120B) का आरोप लगा।
- कोर्ट में बार-बार पेशी न होने पर MP/MLA कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पटना पुलिस ने वारंट के आधार पर कार्रवाई की।
- गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव ने पुलिस से बहस की और कहा कि वारंट प्रॉपर्टी अटैचमेंट का है, अरेस्ट का नहीं। घंटों ड्रामा चला, समर्थक विरोध करते रहे, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
स्वास्थ्य और अस्पताल शिफ्टिंग
- गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पहले IGIMS ले जाया गया, लेकिन बेड न मिलने पर PMCH शिफ्ट किया गया।
- PMCH में इलाज चल रहा है। पुलिस ने कहा कि उनकी मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं और केयरटेकर साथ है।
- सांसद ने अस्पताल से ही कहा: “मुझे नहीं पता क्या होगा मेरे साथ… मेरी हत्या हो सकती है।”
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राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और बयानबाजी
- पप्पू यादव का आरोप: यह राजनीतिक साजिश है। उन्होंने कहा कि वे पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड (NEET छात्रा गायत्री कुमारी मौत) में सरकार और पुलिस की लापरवाही उठा रहे थे, CBI जांच की मांग कर रहे थे – इसी कारण गिरफ्तारी हुई।
- राहुल गांधी (LoP लोकसभा): गिरफ्तारी को “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया। कहा कि यह उन आवाजों को दबाने की कोशिश है जो बेटियों की सुरक्षा और न्याय की मांग कर रही हैं।
- कांग्रेस: पटना में प्रदर्शन, नीतीश कुमार का पुतला दहन। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
- आरजेडी/तेजस्वी यादव: गिरफ्तारी को “विपक्ष दबाने की साजिश” कहा।
- NDA/सरकार का पक्ष: BJP और JDU ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है, कोर्ट के वारंट पर हुई। राजनीतिक बदले की बात से इनकार किया। NDA ने वेंडेटा के आरोप खारिज किए।
- प्रशांत किशोर/जन सुराज: गिरफ्तारी पर चिंता जताई, लेकिन सीधे कमेंट नहीं किया।
राजनीतिक प्रभाव
- यह घटना बिहार की राजनीति में बड़ा ट्विस्ट है। पप्पू यादव पहले से ही NEET कांड में सक्रिय थे और सरकार की आलोचना कर रहे थे।
- गिरफ्तारी के बाद समर्थकों में आक्रोश, पटना में प्रदर्शन। कांग्रेस ने नीतीश सरकार पर हमला तेज किया।
- जमानत सुनवाई 9 फरवरी को होगी – अगर जमानत मिली तो सांसद बाहर आ सकते हैं, वरना हिरासत लंबी हो सकती है।
यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। स्थिति तेजी से बदल सकती है – कोर्ट की सुनवाई का इंतजार है।









