पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो के पहले चरण के हिस्से — ISBT (इंटर-स्टेट बस टर्मिनल) से भूतनाथ रोड तक के 4.3 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर — का उद्घाटन किया। यह परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्य जानकारी
- उद्घाटन तिथि: 13 अक्टूबर 2025
- उद्घाटनकर्ता: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- कॉरिडोर: ISBT से भूतनाथ रोड
- लंबाई: 4.3 किलोमीटर
- स्टेशन: 3 (ISBT, जीरो माइल, भूतनाथ रोड)
- परियोजना चरण: पटना मेट्रो का पहला चरण (कुल 31 किमी, दो कॉरिडोर — उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम)
विशेषताएं
- 360 डिग्री निगरानी: ट्रेनों और स्टेशनों में हाई-टेक कैमरे।
- सांस्कृतिक सजावट: मधुबनी कला, बौद्ध और ऐतिहासिक स्थलों पर आधारित थीम।
- तकनीकी सुविधा: स्वचालित टिकटिंग, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, पर्यावरण-अनुकूल डिज़ाइन।
उद्घाटन समारोह
- स्थान: ISBT स्टेशन
- मुख्य अतिथि: नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री, PMRC अधिकारी
- मुख्यमंत्री का बयान:
“पटना मेट्रो बिहार की प्रगति का प्रतीक है। यह न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।” - विशेष आकर्षण: मधुबनी और मिथिला कला पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
कॉरिडोर और स्टेशन विवरण
- लंबाई: 4.3 किमी (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का हिस्सा)
- मार्ग: ISBT → जीरो माइल → भूतनाथ रोड
- मुख्य स्टेशन:
- ISBT स्टेशन: मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी (बस, रेल, मेट्रो)
- जीरो माइल स्टेशन: व्यापारिक और आवासीय केंद्र
- भूतनाथ रोड स्टेशन: पूर्वी पटना का प्रमुख क्षेत्र
फीचर्स:
लिफ्ट, एस्केलेटर, दिव्यांग-अनुकूल डिजाइन, सौर ऊर्जा उपयोग, 10,000 यात्री प्रति घंटा क्षमता।
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परियोजना का व्यापक परिदृश्य
- दो कॉरिडोर:
- उत्तर-दक्षिण: दानापुर से मिथापुर (15 किमी)
- पूर्व-पश्चिम: पटना जंक्शन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल (16 किमी)
- कुल लागत: ₹13,365.77 करोड़
- निर्माण एजेंसी: DMRC और PMRC
- पूर्णता लक्ष्य: 2027
- रोजगार सृजन: 20,000 से अधिक नौकरियां
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
- ट्रैफिक राहत: जाम में कमी, समय की बचत
- आर्थिक विकास: स्टेशनों के आसपास व्यापार को बढ़ावा
- पर्यटन: सांस्कृतिक थीम से पर्यटकों को आकर्षण
- राजनीतिक प्रभाव: चुनावी दौर में सरकार की विकास उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा
चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
- चुनौतियां: कोविड और भूमि विवाद के कारण देरी, लागत वृद्धि, ट्रैफिक व्यवधान
- आगामी योजनाएं:
- 2026 तक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पूरा
- गया और भागलपुर में मेट्रो विस्तार की संभावना
- ऑटो, ई-रिक्शा और बसों से इंटीग्रेशन
जनता की प्रतिक्रिया (X पर चर्चाएं)
- सकारात्मक:
- “पटना अब दिल्ली-मुंबई की तरह आधुनिक बन रहा है।”
- “मधुबनी पेंटिंग्स और बौद्ध थीम स्टेशन को खूबसूरत बनाती हैं।”
- आलोचना:
- “सिर्फ 4.3 किमी! पूरा कब बनेगा?”
- “2027 बहुत दूर है।”
- सुझाव: किराया किफायती हो, मेट्रो को बाहरी इलाकों से जोड़ा जाए।
स्रोत
यह जानकारी प्रभात खबर, हिंदुस्तान, आज तक, और अन्य विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स से संकलित है।
आधिकारिक अपडेट के लिए देखें: https://www.patnometro.in
निष्कर्ष:
पटना मेट्रो का यह उद्घाटन बिहार के लिए एक नई यातायात क्रांति की शुरुआत है। यह न केवल शहर की गति बदलेगा, बल्कि बिहार के विकास का प्रतीक भी बनेगा।
“जय बिहार, जय प्रगति।”









