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पीएम आवास योजना: बिहार में 49 लाख घर स्वीकृत – विस्तृत रिपोर्ट

By Ayush

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पटना, 19 अक्टूबर 2025: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत बिहार के ग्रामीण इलाकों में अब तक 49.05 लाख पक्के घरों की स्वीकृति दी गई है। यह आंकड़ा बिहार सरकार और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के नवीनतम रिपोर्ट से लिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने इसे “सभी के लिए पक्का घर” के लक्ष्य की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है।

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा (@BJPSTMORCHA) ने सोशल मीडिया पर इस योजना की सराहना की, इसे “आदिवासी समुदायों के लिए वरदान” कहा। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत और 2025-26 की शुरुआत में मिली यह मंजूरी बिहार को ग्रामीण आवास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में रखती है।


स्वीकृति और प्रगति का विवरण

  • कुल स्वीकृत घर: 49.05 लाख
    इनमें से 44.92 लाख घर 2024-25 तक आवंटित हो चुके थे। अप्रैल 2025 में 5.20 लाख अतिरिक्त घरों की मंजूरी मिली।
  • निर्माण प्रगति: लगभग 36–38 लाख घर पूर्ण हो चुके हैं (पूरा होने की दर करीब 76%)।
    यह उत्तर प्रदेश (90%) से थोड़ा पीछे लेकिन मध्य प्रदेश (66%) से बेहतर है।
  • वित्तीय सहायता:
    • मैदानी क्षेत्र – ₹1.20 लाख प्रति लाभार्थी
    • पहाड़ी क्षेत्र – ₹1.30 लाख प्रति लाभार्थी
    • केंद्र-राज्य अंश: 60:40
    • बिहार सरकार का योगदान: ₹4,148 करोड़
    • कुल बजट: ₹79,000 करोड़
  • लाभार्थी वितरण:
    • 60% से अधिक लाभार्थी SC/ST और OBC वर्ग से हैं।
    • 2.67 लाख घर महिलाओं के नाम पर स्वीकृत, जिनमें विधवाओं और एकल महिलाओं को प्राथमिकता मिली है।

योजना की शुरुआत और स्वीकृति का क्रम

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2016 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को पक्का घर देना था।
बिहार में 2018 के Awaas+ सर्वे के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान की गई थी।

अप्रैल 2025 में केंद्र सरकार ने बिहार के लिए 5.20 लाख अतिरिक्त घरों की स्वीकृति दी, जिससे कुल संख्या 49.05 लाख हो गई।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट में लिया गया था।

जुलाई 2025 की मोटिहारी रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था –

“बिहार को अकेले 60 लाख घर मिले हैं — यह संख्या नॉर्वे, न्यूजीलैंड और सिंगापुर की कुल आबादी से भी अधिक है।”

राज्य स्तर पर, ग्रामीण विकास विभाग ने अब तक 4.33 लाख आवेदनों का सत्यापन किया है, जिनमें से 2.02 लाख लाभार्थियों की पुष्टि हो चुकी है।
पहले चरण में 1.12 लाख घरों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

Also Read कांग्रेस vs RJD: सीट बंटवारे पर तनाव – विस्तृत रिपोर्ट


नेताओं के बयान

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “RJD शासन में गरीबों को पक्का घर देने की हिम्मत नहीं थी, NDA ने वह सपना पूरा किया।”
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार: “49 लाख घरों से ग्रामीण बिहार का चेहरा बदलेगा। यह अभियान विकास की नई मिसाल बनेगा।”
  • केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री: “5.20 लाख अतिरिक्त घरों की स्वीकृति से वेटिंग लिस्ट खत्म होगी और सभी जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिलेगी।”
  • विपक्ष (RJD): तेजस्वी यादव ने कहा, “स्वीकृति की बात ठीक है, लेकिन निर्माण अधूरा क्यों? घोषणाएं ही काफी नहीं।”

सोशल मीडिया और जन प्रतिक्रिया

X (पूर्व ट्विटर) पर #PMAYBihar और #PMAwasYojana ट्रेंड कर रहे हैं।

  • @PMOIndia: “बिहार में 60 लाख घर! गरीबों का हक, NDA का वादा पूरा।”
  • @BJP4Bihar: “49 लाख स्वीकृत, NDA सरकार की बड़ी उपलब्धि।”
  • @RJDforIndia: “स्वीकृति पर तालियां, लेकिन 24% घर अभी अधूरे।”

कई यूजर्स ने pmayg.nic.in पर लाभार्थी सूची चेक करने के तरीके साझा किए।


योजना का व्यापक संदर्भ

PMAY-G का मूल लक्ष्य 2.95 करोड़ घरों का था, जिसे बाद में 4 करोड़ तक बढ़ाया गया।
योजना का फोकस आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और ग्रामीण गरीबों पर है।
पात्रता शर्त:

  • परिवार के पास कोई पक्का घर न हो
  • ग्रामीण निवासी हो
  • आवेदन Awaas+ ऐप या pmayg.nic.in से किया जा सके

अन्य राज्यों की तुलना में:

  • उत्तर प्रदेश – 36.37 लाख पूर्ण घर
  • मध्य प्रदेश – 49 लाख स्वीकृत

प्रभाव और आगे की राह

  • राजनीतिक प्रभाव: यह एनडीए के लिए ग्रामीण वोटबैंक में मजबूत हथियार है।
  • सामाजिक प्रभाव: 49 लाख परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलने से गरीबी उन्मूलन को गति मिली।
  • चुनौतियां: बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण धीमा है।
  • आगे की योजना: 2025–26 में 10 लाख अतिरिक्त घरों का लक्ष्य और डिजिटल मॉनिटरिंग के ज़रिए तेजी लाने की रणनीति।

यह उपलब्धि “हर हाथ को घर” के संकल्प को आगे बढ़ाती है और ग्रामीण बिहार के विकास की नई तस्वीर पेश करती है।
विस्तृत जानकारी और लाभार्थी सूची के लिए pmayg.nic.in पर जाएं।

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