पटना, 20 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आरजेडी की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया। उनकी घोषणा ने न सिर्फ यादव परिवार की अंदरूनी कलह उजागर की, बल्कि आरजेडी के भीतर की गुटबाजी को भी सामने ला दिया है। रोहिणी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों ने उन्हें घर से बाहर फेंक दिया।
एनडीए को 202 सीटें मिलीं, जबकि महागठबंधन 37 पर सिमट गया। आरजेडी मात्र 25 सीटें जीत सकी।
रोहिणी का बयान: “राजनीति छोड़ रही हूं, परिवार को अस्वीकार कर रही हूं”
15 नवंबर को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उन्होंने लिखा:
“मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार को अस्वीकार कर रही हूं। यह संजय यादव और रमीज ने मुझसे कहा था… और मैं सारी जिम्मेदारी ले रही हूं।”
इस पोस्ट के बाद उन्होंने मीडिया से कहा:
- “मेरा कोई परिवार नहीं बचा।”
- “तेजस्वी, संजय और रमीज ने मुझे घर से निकाल दिया।”
- “मुझे गालियां दी गईं, अपमानित किया गया और चप्पल तक मारी गई।”
- “तेजस्वी ने कहा कि किसी परिवार में मेरे जैसी बेटी न हो।”
रोहिणी, जो डॉक्टर हैं और सिंगापुर रहती हैं, ने 2022 में लालू प्रसाद को किडनी दान की थी। 2024 में सारण से चुनाव भी लड़ा, लेकिन हार गईं।
परिवारिक विवाद की पृष्ठभूमि
तेज प्रताप बनाम तेजस्वी:
- चुनाव से पहले तेज प्रताप को आरजेडी से निष्कासित कर दिया गया।
- उन्होंने नई पार्टी बनाकर रघोपुर में तेजस्वी के खिलाफ उम्मीदवार उतारा।
- तेज प्रताप ने रोहिणी का खुला समर्थन किया था।
आंतरिक तनाव:
- सितंबर 2025 से रोहिणी ने परिवार के बड़े नेताओं को अनफॉलो कर दिया था।
- संजय यादव पर ‘ओवररीच’ और कैंपेन पर कब्जे का आरोप लगाया।
चुनावी हार:
- गलत उम्मीदवार चयन
- गुटबाजी
- युवा व महिलाओं को टिकट न देने पर सवाल
- रोहिणी का आरोप: “रणनीति संजय-रमीज ने बनाई, लेकिन जिम्मेदारी लेने से बचते हैं।”
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राजनीतिक प्रतिक्रिया
बीजेपी का हमला:
- “रोहिणी ने लालू को किडनी दी, लेकिन परिवार बिखर रहा है।”
- “यह महिलाओं के प्रति पक्षपात का उदाहरण है।”
आरजेडी की चुप्पी:
- न लालू, न तेजस्वी ने बयान दिया।
- रोहिणी को समीक्षा बैठक में आमंत्रित भी नहीं किया गया।
मुख्य आरोप: किस पर क्या?
| प्रमुख व्यक्ति | भूमिका | रोहिणी के आरोप |
|---|---|---|
| तेजस्वी यादव | आरजेडी नेता | अपमानित करना, चप्पल फेंकना, दोष मढ़ना |
| संजय यादव | राज्यसभा सांसद | परिवार से बाहर निकालने की भूमिका |
| रमीज नेमत खान | कैंपेन मैनेजर | साजिश, धमकी |
| तेज प्रताप यादव | पूर्व आरजेडी | रोहिणी का समर्थन, परिवार से अलग |
प्रभाव और भविष्य
- आरजेडी पहले ही तेज प्रताप की बगावत से कमजोर थी।
- अब रोहिणी के हटने से पार्टी की महिला व युवा छवि को नुकसान।
- यादव परिवार की दशकों पुरानी राजनीतिक विरासत संकट में।
- रोहिणी का अगला कदम महत्वपूर्ण:
- क्या वे पूरी तरह सिंगापुर लौटेंगी?
- या नई राजनीतिक भूमिका निभाएंगी?









