बिहार के सुपौल जिले में शुक्रवार शाम (10 अक्टूबर 2025) एक दर्दनाक वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।
सदर थाना क्षेत्र के बैरो चौक पर पान दुकानदार साजन कुमार उर्फ धीरज मुखिया (25 वर्ष) की उधार में सिगरेट न देने के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
आरोपी ने दुकानदार पर चार राउंड फायरिंग की, जिससे साजन की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। शनिवार सुबह सुपौल-नवहट्टा रोड पर जाम लग गया, टायर जलाए गए और प्रदर्शन हुआ।
लगभग चार घंटे तक हंगामा चला, जिसके बाद हालात काबू में लाने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करनी पड़ी।
यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
घटना का पूरा विवरण और टाइमलाइन
समय और स्थान:
शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे, सुपौल सदर थाना क्षेत्र के बैरो चौक स्थित पान दुकान पर यह वारदात हुई।
यह इलाका शहर का व्यस्त बाजार है, जहां लोगों की भीड़ हमेशा रहती है।
साजन मुखिया परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और दुकान से ही जीविका चलाते थे।
विवाद कैसे बढ़ा:
आरोपी आदित्य कुमार (22 वर्ष, स्थानीय निवासी) दुकान पर सिगरेट खरीदने आया। पैसे न होने पर उसने उधार मांगा, लेकिन साजन ने इनकार कर दिया।
इससे कहासुनी बढ़ी और गुस्से में आदित्य ने पिस्टल निकालकर चार गोलियां चला दीं।
गोलियां साजन के सीने और सिर में लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आरोपी बाइक से भाग गया, लेकिन पुलिस ने उसकी बाइक को मौके पर जब्त कर लिया।
तुरंत बाद की कार्रवाई:
सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और एसपी शरथ आर.एस. घटनास्थल पर पहुंचे।
शव को सुपौल सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार गोलियों के निशान और भारी रक्तस्राव की पुष्टि हुई।
पुलिस ने आदित्य और उसके एक साथी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि “गुस्से में गोली चला दी।”
पुलिस ने IPC 302 (हत्या), आर्म्स एक्ट, और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
| समय | घटना / कार्रवाई |
|---|---|
| 10 अक्टूबर, शाम 6:30 बजे | विवाद और गोली मार हत्या |
| शाम 7:00 बजे | पुलिस पहुंची, शव अस्पताल भेजा |
| रात 9:00 बजे | पोस्टमार्टम, आरोपी हिरासत में |
| 11 अक्टूबर, सुबह 7:00 बजे | शव घर पहुंचा, प्रदर्शन शुरू |
| सुबह 11:00 बजे | रोड जाम, टायर जलाए गए, पैरामिलिट्री तैनात |
पीड़ित और आरोपी का बैकग्राउंड
साजन मुखिया:
- उम्र 25 वर्ष, निवासी बैरो मुहल्ला, सुपौल
- पिता मजदूरी करते हैं
- पत्नी रानी देवी और दो छोटे बच्चे (3 साल का बेटा, 1 साल की बेटी)
- सुबह से देर रात तक दुकान चलाकर परिवार पालते थे
- इलाके में ईमानदार और शांत दुकानदार के रूप में जाने जाते थे
परिवार ने कहा, “वह किसी से दुश्मनी नहीं रखते थे, अब हमारा सहारा चला गया।”
आरोपी आदित्य कुमार:
- स्थानीय निवासी, पहले भी छोटे अपराधों में शामिल रहा है
- अवैध पिस्टल रखता था, जो संभवतः किसी गिरोह से जुड़ी थी
- पुलिस जांच में बताया, “सिर्फ गुस्से में गोली चला दी”
- पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और हथियार के सोर्स की जांच कर रही है
प्रदर्शन और इलाके में तनाव
हंगामा कैसे भड़का:
शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा, तो सैकड़ों ग्रामीण, दुकानदार और महिलाएं सड़क पर उतर आईं।
लोगों ने शव को बैरो चौक पर रखकर रोड जाम कर दिया, टायर जलाए और नारे लगाए – “न्याय दो, आरोपी को फांसी दो।”
महिलाओं ने कहा, “आदित्य जैसे अपराधी जेल से छूटकर फिर हत्या करेंगे, इन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए।”
पुलिस की भूमिका:
प्रदर्शन सुबह 7 बजे शुरू हुआ, लेकिन पुलिस देर तक मूकदर्शक रही।
बढ़ते तनाव के बीच एसपी शरथ आर.एस. और डीएम महेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे।
लोगों ने मांग की कि आरोपी को फांसी दी जाए, परिवार को 20 लाख मुआवजा मिले, और इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए।
आखिरकार पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के बाद दोपहर 1 बजे जाम हटा।
सोशल मीडिया पर चर्चा:
घटना के वीडियो और तस्वीरें एक्स (ट्विटर) पर वायरल हो गईं।
#SupaulMurder और #BiharCrime हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
एक यूजर ने लिखा, “सिगरेट के लिए जिंदगी? क्या यही कानून व्यवस्था है?”
@supaulpolice ने अपील की, “शांति बनाए रखें, आरोपी को सजा मिलेगी।”
राजनीतिक और चुनावी संदर्भ
चुनावी माहौल में तनाव:
यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (पहला चरण 6 नवंबर) से कुछ हफ्ते पहले हुई है।
विपक्ष ने इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बताया।
| व्यक्ति / पार्टी | प्रतिक्रिया |
|---|---|
| तेजस्वी यादव (आरजेडी) | “नीतीश-मोदी की डबल इंजन सरकार में अपराध चरम पर। सुपौल हत्याकांड शर्मनाक।” |
| सम्राट चौधरी (भाजपा, उपमुख्यमंत्री) | “दुखद घटना है, आरोपी को सजा दिलाई जाएगी। कानून सबके लिए बराबर है।” |
| नीरज कुमार बबलू (जदयू) | “विपक्ष हादसों को राजनीति बना रहा है, पुलिस कार्रवाई कर रही है।” |
| स्थानीय दुकानदार संघ | “सभी दुकानें 12 अक्टूबर को बंद रहेंगी, न्याय तक हड़ताल जारी रहेगी।” |
विपक्ष ने इसे “एनडीए की विफलता” कहा, जबकि एनडीए ने जवाब दिया कि यह व्यक्तिगत विवाद था, न कि सिस्टम की नाकामी।
पुलिस जांच और आगे की अपडेट्स
जांच की स्थिति:
एसपी शरथ आर.एस. ने बताया कि “आरोपी से पूछताछ जारी है, हथियार का सोर्स पता लगाया जा रहा है।”
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खोखे और गोलियां बरामद कीं।
मृतक परिवार को 5 लाख मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया गया।
सुरक्षा उपाय:
बैरो चौक पर स्थायी पुलिस पिकेट लगाया गया है।
इलाके में गश्ती बढ़ाई गई है और चुनाव आयोग ने अतिरिक्त फोर्स तैनात करने का आदेश दिया है।
मीडिया कवरेज:
@bbn24tv: “उधार सिगरेट पर हत्या, सुपौल में दहशत।”
@GoldySrivastav: “बैरो चौक में दर्दनाक हत्या, #BiharCrime फिर सुर्खियों में।”
निष्कर्ष
यह वारदात बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था पर नई बहस छेड़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में तनाव और राजनीतिक बयानबाज़ी ऐसी घटनाओं को और गंभीर बना देती है।
साजन मुखिया की हत्या ने न केवल एक परिवार को उजाड़ा, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।









