पटना | 14 जनवरी 2026
राजद नेता तेज प्रताप यादव का मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित दही-चूड़ा भोज आज पटना स्थित उनके सरकारी आवास 26 एम, स्ट्रैंड रोड पर हुआ। यह आयोजन बिहार की राजनीति में खासा चर्चा में है, क्योंकि लंबे समय बाद इसमें लालू परिवार की एकता और सत्ता-विपक्ष दोनों खेमों को जोड़ने वाले सियासी संकेत देखने को मिले।
भोज से जुड़े मुख्य अपडेट
लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी
- RJD सुप्रीमो और तेज प्रताप के पिता लालू प्रसाद यादव भोज में पहुंचे
- उन्होंने कहा कि उन्हें तेज प्रताप से कोई नाराजगी नहीं है
- लालू यादव ने यह भी कहा कि बेटे के किसी भी राजनीतिक फैसले पर उनका आशीर्वाद रहेगा
- करीब 8 महीने बाद यह मुलाकात परिवार के बड़े पुनर्मिलन के तौर पर देखी जा रही है
राज्यपाल और अन्य प्रमुख चेहरे
- बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भोज में शामिल हुए
- तेज प्रताप के मामा प्रभुनाथ यादव, साधु यादव और रिश्तेदार चेतन आनंद भी मौजूद रहे
तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की गैरमौजूदगी
- अभी तक तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी भोज में शामिल नहीं हुए
- हालांकि तेज प्रताप ने 13 जनवरी को 10 सर्कुलर रोड जाकर दोनों को व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया था
- इस दौरान उन्होंने अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में भी लिया
नीतीश कुमार और NDA नेताओं को न्योता
- तेज प्रताप यादव ने खुद जाकर
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
- NDA के कई मंत्रियों
को भोज का निमंत्रण दिया था
- फिलहाल उनकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है
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राजनीतिक महत्व और संकेत
- तेज प्रताप का कहना है कि यह आयोजन राजनीतिक नहीं, बल्कि मकर संक्रांति की सांस्कृतिक परंपरा है
- राजनीतिक जानकार इसे
- परिवार में टूटे रिश्ते जोड़ने
- 2025 चुनावी झटके के बाद नई राजनीतिक भूमिका तय करने
की कोशिश मान रहे हैं
लालू परिवार में बदला परंपरागत पैटर्न
- इस बार लालू-राबड़ी आवास पर पारंपरिक दही-चूड़ा भोज नहीं हुआ
- RJD प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसकी पुष्टि की
- इसी कारण तेज प्रताप का भोज ज्यादा सुर्खियों में रहा
भारत रत्न की मांग फिर दोहराई
- तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर
- लालू प्रसाद यादव को भारत रत्न देने की मांग दोहराई
- इसे उन्होंने पिता के सम्मान और सियासी संदेश दोनों के रूप में पेश किया
पिछले दिन की सियासी कड़ी
- 13 जनवरी को तेज प्रताप
- उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए थे
- वहां नीतीश कुमार भी मौजूद थे
- इसके बाद NDA में शामिल होने की अटकलें तेज हुईं
- लेकिन आज लालू परिवार के साथ दिखना मिश्रित राजनीतिक संकेत दे रहा है
कुल मिलाकर
तेज प्रताप यादव का यह दही-चूड़ा भोज
- परिवारिक सुलह,
- राजनीतिक पुनर्स्थापन,
- और बिहार की सियासत में अपनी अहमियत बनाए रखने
की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अभी तक कोई औपचारिक राजनीतिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माहौल में बदलाव साफ नजर आ रहा है।









